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मुख्य सचिव तक पहुंचा गन्ना किसानों के फर्जी भुगतान का मामला
अमर उजाला ब्यूूराे
Updated Wed, 03 May 2017 01:59 AM IST
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गन्ना किसानों के नाम पर फर्जी भुगतान दिखाए जाने का प्रकरण मुख्य सचिव राजीव भटनागर तक पहुंच गया है। जनहित मानवाधिकार एसोसिएशन ने इसकी पहली की है। एसोसिएशन अध्यक्ष विनोद पांडेय ने बताया कि 12 जून 2016 को आनंद एग्रोकेम चीनी मिल प्रबंधन की ओर से गन्ना किसानाें को फर्जी अभिलेखों के माध्यम से लगभग दो करोड़ रुपये का भुगतान करना दर्शा दिया गया।
इसकी शिकायत गन्ना आयुक्त विपिन कुमार द्विवेदी से की गई तो उन्होंने मेरठ के उप गन्ना आयुक्त हरपाल सिंह, जिला गन्ना अधिकारी अमरोहा, सचिव गन्ना सहकारी समिति से जांच कराई। जांच में शिकायत सही मिली और रिपोर्ट गन्ना आयुक्त को सौंप दी गई, लेकिन गन्ना आयुक्त ने केवल मिल प्रबंधन से दोबारा वार्ता करने को कह दिया। इसीलिए अब मुख्य सचिव को पूरा प्रकरण बताया गया है। उनके पास प्रमुख सचिव गन्ना एवं चीनी मिल का भी कार्यभार है।
गौरतलब है कि आनंद एग्रोकेम मिल प्रबंधन पर अलीगढ़ के तीन हजार किसानों का 43 करोड़ रुपये का बकाया है। अब तक 41 बार नीलामी प्रक्रिया हुई है लेकिन कोई खरीददार नहीं मिला है।
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इसकी शिकायत गन्ना आयुक्त विपिन कुमार द्विवेदी से की गई तो उन्होंने मेरठ के उप गन्ना आयुक्त हरपाल सिंह, जिला गन्ना अधिकारी अमरोहा, सचिव गन्ना सहकारी समिति से जांच कराई। जांच में शिकायत सही मिली और रिपोर्ट गन्ना आयुक्त को सौंप दी गई, लेकिन गन्ना आयुक्त ने केवल मिल प्रबंधन से दोबारा वार्ता करने को कह दिया। इसीलिए अब मुख्य सचिव को पूरा प्रकरण बताया गया है। उनके पास प्रमुख सचिव गन्ना एवं चीनी मिल का भी कार्यभार है।
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गौरतलब है कि आनंद एग्रोकेम मिल प्रबंधन पर अलीगढ़ के तीन हजार किसानों का 43 करोड़ रुपये का बकाया है। अब तक 41 बार नीलामी प्रक्रिया हुई है लेकिन कोई खरीददार नहीं मिला है।
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