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नागरिकता कानून: अलीगढ़ बवाल में 26 लोग गिरफ्तार, इंटरनेट सेवाएं बंद

Tue, 17 Dec 2019 12:22 AM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़ Published by: Abhishek Singh Updated Tue, 17 Dec 2019 12:22 AM IST
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Internet suspended due to protest in Aligarh, students of AMU arrested
अलीगढ़ में प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला

दशकों तक दंगों की आग, चाकूबाजी, गोला बारूद के धमाके और गोलियां झेलने वाले अलीगढ़ ने सोमवार का दिन और रविवार रात दहशत में बिताई। सुबह से ही हरेक शहरवासी एएमयू के हिंसक टकराव के बाबत अपने लोगों का हालचाल ले रहा था। सोमवार सुबह अलीगढ़ के अधिकांश फोन कॉल पर हुई बातचीत के खास सवाल जवाब आपके सामने पेश है...

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सवाल.. हैलो। जवाब ..हां भाई..। सवाल.. क्या माहौल है..? जवाब.. जी भाई खैरियत है..। सवाल.. आज क्या है.. करना है..? जवाब.. काम पर चलते हैं इसके बाद देखते है..। सवाल.. क्या दिन में कुछ होगा..। जवाब.. कुछ कह नहीं सकते भाई। सवाल.. हां भाई हालात तो ठीक नहीं है..। जवाब.. जी भाई अब जो भी होगा देखा जाएगा..। सवाल.. कोई दिक्कत हो तो घर चले जाना। जवाब.. जी यही मुनासिब है। ज्यादातर फोन पर शहर का माहौल ऐसे ही टटोला गया। इंटरनेट सेवाएं बंद होने से लोग कुछ इसी तरह से एक दूसरे को फोन कर खबरें ले और दे रहे थे।
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अमर उजाला पढ़ने के बाद उनको एएमयू के हालात की पूरी जानकारी मिल चुकी थी। नौ बजे से कामकाजी लोगों का घरों निकलना शुरू हुआ। घर से बाजार, कारखाना, दुकान, दफ्तर और अन्य गंतव्य तक पहुंचते पहुंचते सड़कों का माहौल उनके सामने आ चुका था।  
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अब तक दस बजे चुके थे और तकरीबन साढ़े नौ बजे तक खुल जाने वाले जयगंज, पठानान मोहल्ला, खाईडोरा, मेडिकल रोड, दोदपुर, जमालपुर, जीवनगढ़, केलानगर, ऊपरकोट, घास की मंडी, रसलगंज सहित तमाम मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में दुकानें व बाजार बंद थे। ये सभी बाजार एएमयू बवाल में हिरासत में लिए गए 21 लोगों को छोड़े जाने की मांग को लेकर बंद थे। ये बंद अचानक नहीं हुआ था, इसकी तैयारी रविवार देर रात ही कर दी गई थी।   

'बाजारों को बंद कराया'

कुछ मुस्लिम नेताओं ने पुलिस प्रशासन को दबाव में लेने के लिए उक्त बाजारों को बंद कराया था, ताकि पकड़े गए युवाओं को छुड़ाया जा सके। इन बाजारों में पहुंचे दुकान मालिक, मैनेजर, कारीगर, मजदूर बंद के बाद एएमयू कूच करने की तैयारी कर रहे थे। लेकिन पुलिस की सख्ती से कदम बार बार ठिठकते रहे। इस दौरान ऊपरकोट, जमालपुर और शाहजमाल में एएमयू कूच को लेकर उग्र हो रहे युवाओं पर लाठीचार्ज भी हुआ। इन खबरों से और तनावग्रस्त हुए मुस्लिम युवा दूसरे मुस्लिम बाजारों से हालचाल लेते रहे। शाम तक ऐसा ही तनावपूर्ण माहौल रहा। 

जब ये मुस्लिम बाजार बंद हुए तो हिंदु बाजारों में भी हलचल हुई। हिंदू व्यापारियों ने भी एक दूसरे से सलाह की। सलाह में हिंदू पक्ष की ओर से हालात सामान्य होने का हवाला देकर बाजार खोला गया। इसके बाद रेलवे रोड, बारहद्वारी, पत्थर बाजार, दही वाली गली, सराफा बाजार, कनवरीगंज, अब्दुल करीम चौराहा, बड़ा बाजार, रामघाट रोड, सेंटर प्वाइंट, दुबे का पड़ाव, आगरा रोड, मसूदाबाद, नौरंगाबाद के हिंदू बाजार खुल गए।

इन बाजारों में जहां भी मुस्लिम व्यापारियों की दुकान थी, उनमें से कुछ खुली कुछ बंद रहीं। खैर, किसी तरह से हिंदू बाजार खुला तो मुस्लिम बाजार बंद रहा। पुलिस प्रशासन इस पर पूरी जानकारी ले रहा था। शाम सात बजे के बाद हिंदू बाजार भी बंद होने लगे और रात साढ़े आठ बजे तक पान, चाय और कुछ होटल छोड़ कर अधिकांश दुकानें बंद हो गई। केवल सेंटर प्वाइंट, रामघाट रोड और आगरा रोड की कुछ दुकानें नौ बजे तक खुलीं। 

एएमयू में आधी से अधिक परीक्षाएं स्थगित

बवाल के बाद अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में 16 दिसंबर 2019 से पांच जनवरी 2020 तक के लिए शीतकालीन अवकाश घोषित कर दिया गया है। इसकी वजह से शैक्षणिक सत्र प्रभावित होने की आशंका है। आधी से अधिक परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। अब विश्वविद्यालय खुलने के बाद परीक्षाएं आयोजित होने की उम्मीद है। 

एएमयू में 28 नवंबर से परीक्षाएं चल रही थीं, जो 21 दिसंबर तक होनी थीं। 23 दिसंबर से 5 जनवरी 2020 तक शीतकालीन अवकाश की घोषणा हुई थी। रविवार के बवाल के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने 21 के बदले 16 दिसंबर से पांच जनवरी तक के लिए शीतकालीन अवकाश घोषित कर विश्वविद्यालय को बंद कर दिया है। इस वजह से बीए, बीएससी, बीकॉम, एमए, एमएससी एवं एमकॉम के अतिरिक्त बीटेक एवं एमटेक की आधी परीक्षाएं स्थगित कर दी गई है। एएमयू के किशनगंज, मुर्शिदाबाद एवं मल्लापुरम केंद्रों पर भी बीएएलएलबी, बीएड और एमबीए की परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गई है। 

एएमयू के चार छात्र सहित पांच लापता

बवाल के बाद कई छात्रों के लापता होने की बात कही जा रही है। वहीं, सोमवार को एएमयू के घायल चार छात्र जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती रहे। इसके अलावा छात्र संघ के निवर्तमान अध्यक्ष सलमान इम्तियाज को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इधर, लापता छात्रों को तलाशने की मांग अमुटा के साथ-साथ अन्य संगठनों ने भी की है। 

विश्वविद्यालय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक मैरिसन कोर्ट हास्टल से कमरा नंबर 46 के रहने वाले सैयद मेहंदी, गुलजार सहित चार छात्रों के लापता होने की बात कही जा रही है। यहां के कुछ लोगों ने बताया कि रविवार की रात शीशे के बाहर से आंसू गैस का गोला छोड़़ा गया था, जिसके बाद कमरे में आग लग गई थी।

इसके बाद से ही छात्र लापता हैं। इसके अलावा दोदपुर स्थित इकराम मेडिकल स्टोर से मिर्जा बिलाल नाम का युवक लापता है। कुछ अन्य छात्रों के भी लापता होने की बात कही जा रही है। खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक बवाल में 78 लोगों के जख्मी होने की सूचना है। जबकि जेएन मेडिकल कालेज के मुताबिक, 60 छात्र जख्मी हो कर आए थे। इसमें 56 छात्रों को प्राथमिक उपचार के बाद घर जाने की छुट्टी दे दी गई। चार छात्रों का अभी भी अस्पताल में इलाज चल रहा है। 


26 लड़कों को पुलिस ने बंदी बनाया है। इसमें एएमयू के सात छात्र हैं और बाकी के बाहरी हैं। मिसिंग का अलग से हमारे पास कोई आंकड़ा नहीं है। हॉस्टल में करीब 11500 लड़के हैं। सोमवार दोपहर तीन बजे तक 4500 छात्र कैंपस से रवाना हो गए थे- प्रो. शाफे किदवई, एमआईसी  

देर रात तक 50 फीसदी छात्र कैंपस से रवाना

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में एएमयू में रविवार रात हुए बवाल के कैंपस में पांच जनवरी तक अवकाश घोषित कर दिया गया। इसके साथ छात्रों को घर भेजने की व्यवस्था की गई और सोमवार को उनके घर जाने का सिलसिला शुरू हो गया। जिम्मेदार अधिकारियों की देखरेख में बसों की रवानगी हुई। इसके अलावा कई ट्रेनों के अलीगढ़ ठहराव की व्यवस्था की गई थी। नियमित ट्रेनों के अलावा पूर्वोत्तर एवं बिहार साइड की चार नान स्टाप ट्रेनों का अलीगढ़ जंक्शन पर ठहराव कराया गया। छात्रों की सहूलियत के लिए ट्रेन में ही टिकट बनाने की सुविधा की गई। 25 रोडवेज बसों के अतिरिक्त सात प्राइवेट बसें भी चलाई गई। देर रात तक 50 फीसदी छात्रों के कैंपस छोड़ देने का अनुमान जताया गया।

एएमयू कैंपस 10 किमी के दायरे में फैला है। इसमें 56 हास्टल हैं, जिसमें से 22 लड़़कियों के लिए हैं। इन हास्टलों में 12158 विद्यार्थी पढ़ते हैं। एएमयू में कुल 36665 विद्यार्थी पढ़ते हैं। इन सभी को बेहद कम समय में घर वापस भेजना हमेशा से चुनौतीपूर्ण रहा है। सोमवार की सुबह छात्रों को घर भेजने का काम शुरू किया गया। एडीएम वित्त विधान जायसवाल की निगरानी में घर भेजने का इंतजाम किया गया। कुल मिलाकर सोमवार शाम तक ट्रेनों से करीब चार हजार एवं बसों से करीब ढाई हजार छात्र घर भेज दिए गए।  

रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर रही कड़ी सुरक्षा 

इस दौरान रेलवे स्टेशन व बस अड्डों पर उमड़ने के दृष्टिगत कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए। सुबह ही टीटीएम टूंडला, आरपीएफ कमांडेंट मनोज, जीआरपी आगरा के एसपी जोगेंदर सिंह, सीओ जीआरपी इटावा के अतिरिक्त आगरा से 150 जवान व कानपुर से आई आरपीएसएफ तैनात कर दी गई। ट्रेनों में भी एक उप निरीक्षक एवं चार जवान सुरक्षा के दृष्टिगत तैनात कर दिए गए। 

ट्रेनों के ठहराव का समय बढ़ाया गया 

डीएम के आग्रह पर मंडल रेल प्रबंधक इलाहाबाद ने बिहार, झारखंड, लखनऊ, इलाहाबाद एवं बनारस रूट की ओर जाने वाली नान स्टाप बिहार संपर्क क्रांति, विक्रम शिला एक्सप्रेस, पूर्वोत्तर संपर्क क्रांति, संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस का अलीगढ़ जंक्शन पर पांच से दस मिनट ठहराव कराया। अन्य ट्रेनों के ठहराव का समय भी बढ़ा दिया गया। इन ट्रेनों के अलावा गोमती, महाबोधि, वैशाली व कैफियात एक्सप्रेस के जरिये सायं छह बजे तक करीब चार हजार छात्र-छात्राएं अपने घर चले गए। एडीएम वित्त विधान जायसवाल ने बताया कि रेलवे स्टेशन पर एक अतिरिक्त टिकट खिड़की की व्यवस्था के साथ यह भी सहूलियत दी गई कि छात्रों के टिकट ट्रेन में ही बनवा दिये जाए और उनसे कोई अतिरिक्त चार्ज न लिया जाय। 

सुबह से ही 50 बसें रिजर्व करा दी गईं 

रोडवेज ने छात्रों को घर पहुंचाने के लिए सोमवार सुबह ही 50 बसें रिजर्व कर दी। इनमें से 25 बसों से छात्र-छात्राओं को दिल्ली समेत अन्य रूटों पर भेजा गया। आरटीओ ने सात प्राइवेट बसों को भी लगाया। एडीएम ने बताया कि इन बसों में छात्रों से पैसा नहीं लिया जाएगा। बस कंडक्टरों को हिदायत दे दी गई है कि वे बस छात्रों का विवरण ही अपने पास रखेंगे। उनके टिकट का खर्चा एएमयू इंतजामियां देगा। 

सुरक्षित घर जाने की पूरी जिम्मेदारी ली

एएमयू कैंपस से घर जा रहे छात्र छात्राओं की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी और व्यवस्था की गई थी। प्रत्येक बस को एक नंबर दिया गया था। उसमें बैठने वालों की सूची बनाई गई। किस को कहां तक जाना है, यह बात दर्ज की गई। एक-एक विद्यार्थी का विवरण दर्ज करने के बाद ही बस को रवाना किया गया। इसी प्रकार ट्रेन में भी पूरा विवरण दर्ज करने के बाद ही छात्रों को रवाना किया गया।  

भीड़ में शामिल अराजकतत्व दहला सकते थे शहर

ऊपरकोट बाजार पर लाठीचार्ज कर युवाओं को घास की मंडी की ओर खदेड़ा गया। इनमें से कुछ ई-रिक्शा चालक तो कुछ दिहाड़ी कारीगर और कुछ अन्य लोग फोन से बुला कर इकट्ठा किए गए थे। कमोबेश जमालपुर में भी यही हालात थे। मुस्लिम दुकानें और बाजार के साथ कई कारखाने बंद होने से अधिकांश युवा अपने ही मोहल्ले में थे। ये भी भीड़ का हिस्सा थे। इनके बीच कुछ अराजक तत्व भी शामिल हो गए थे। शाहजमाल में भी माहौल ऐसा ही था। 

इन तीनों मुस्लिम बहुल इलाकों में हजारों की तादाद में युवाओं की भीड़ गलियों से सड़कों तक मौजूद थी। दोदपुर, रसलगंज, जीवनगढ़ में भी ऐसे ही हालात थे। दरअसल, पुलिस फोर्स का पूरा फोकस एएमयू, रेलवे स्टेशन और अति संवेदनशील प्रमुख बाजारों तक था। इसको भांप कर अराजक तत्व सक्रिय हो रहे थे और पुलिस की कमी का फायदा उठा कर भीड़ की आड़ में अपने मंसूबे पूरे करना चाहते थे। ये अराजक तत्व कुछ जगहों पर प्रमुख व्यापारिक स्थलों पर लूटपाट करने की साजिश भी रच रहे थे। इससे दहशत के माहौल का फायदा उठाया जा सके। 

जमालपुर में रात सवा आठ बजे के करीब दोबारा से जब भीड़ एकत्र हुई तो भी अराजक तत्व सक्रिय थे। पुलिस के साथ उक्त स्थानों पर सक्रिय खुफिया पुलिस के सूत्रों के अनुसार भीड़ में हर जगह ऐसे लोग सक्रिय थे, जो माहौल को खराब कर लूटपाट करना चाहते थे। ऐसे लोगों को भी चिन्हित किया जा रहा है। उन पर भी कार्रवाई होगी। पुलिस ने सभी स्थानों पर वीडियो-फोटोग्राफी कराई है। जिससे ऐसे भड़काने वाले लोगों को पहचाना जा सके। चार स्थानों पर लाठीचार्ज और लाठी फटकराने को छोड़ दें तो बाकी शहर में दोपहर बाद पुलिस की सख्ती ने अपना असर दिखाया और कोई बड़ी घटना नहीं हो सकी।  

'छात्रों और कैंपस की सुरक्षा के लिए पुलिस को अंदर बुलाया'

एएमयू के कुलपति ने कैंपस में पुलिस के प्रवेश को उचित ठहराते हुए उसे छात्रों और कैंपस की सुरक्षा के लिए उठाया गया जरूरी कदम बताया है। सोमवार की सुबह विश्वविद्यालय के हालात पर स्वयं कुलपति ने एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लाक के सभागार में बैठक की। इस बैठक में छात्र हितों को ध्यान में रखते हुए उनकी सुरक्षित घर पहुंचाने सहित अन्य कई प्रकार के महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। साथ ही कैंपस के हालात पर चर्चा हुई। 

बैठक में सभी स्कूलों के प्रिंसिपल, प्राक्टर कार्यालय के अधिकारी, सभी विभागों के चेयरमैन, संकायों के डीन मौजूद रहे। बैठक में तय किया गया कि छात्रों को रोडवेज बसों और ट्रेनों से उनके घर तक सुरक्षित भेजा जाएगा। इस स्थिति में शरदकालीन अवकाश तक सभी विश्वविद्यालय सहित एएमयू स्कूलों में अवकाश घोषित कर देने का निर्णय लिया गया। 25 दिसंबर से शरद कालीन अवकाश घोषित थे।

संचार माध्यमों से बातचीत में एएमयू के कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने कहा कि हमने छात्रों की सुरक्षा के लिए और विश्वविद्यालय की संपत्ति की हिफाजत के लिए पुलिस को अंदर बुलाया। कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखना जरूरी था। इस उपद्रव में कुछ असामाजिक तत्व भी शामिल हैं।  बैठक में तय किया गया कि बाहरी तत्वों का कैंपस में प्रवेश पूरी तरह कैसे रोका जाए, इसके उपायों पर चर्चा होगी। जो छात्र यहां पर अध्ययन करने आए हैं, उनको किसी भी तरह की परेशानी बाहरी तत्वों द्वारा नहीं हो, इसकी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।  

बवाल में दरोगा से लूटे कारतूस, दो मुकदमे दर्ज, 26 गिरफ्तार

एएमयू में रविवार रात हुए बवाल में दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिनमें से एक मुकदमा इंस्पेक्टर सिविल लाइंस अमित कुमार की ओर से 52 नामजद व 1300 अज्ञात पर और दूसरा चौकी इंचार्ज सब इंस्पेक्टर निजामुद्दीन द्वारा 26 नामजद व 1300 अज्ञात पर दर्ज कराया गया है। निजामुद्दीन ने अपने मुकदमे में सर्विस पिस्टल लूट की कोशिश और पांच कारतूस लूट ले जाने का आरोप लगाया है। मुकदमों में छात्रसंघ के तमाम पदों के नेता भी आरोपी बनाए गए हैं। इन मुकदमों में कुल 26 लोग गिरफ्तार किए हैं। इनमें कुछ छात्र व कुछ बाहरी युवक शामिल हैं। बता दें कि इन्हीं गिरफ्तारों की रिहाई के लिए सोमवार सुबह से शहर भर के मुस्लिम इलाकों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।


पुलिस व आरएएफ अफसरों पर हमले का मुकदमा

पहला मुकदमा इंस्पेक्टर सिविल लाइंस अमित कुमार की ओर से दर्ज कराया गया है, जिसमें एकराय होकर हमलावर होने, सरकारी कार्य में बाधा पैदा करने, 144 का उल्लंघन करने, हमला करने, गाली-गलौज व धमकी देने व लोक व्यवस्था भंग करने का आरोप है। मुकदमे में सरफराज अली, मो.तारिक, शहबाज, अल्ताफ, वकार, आकिब खान, मो.रिहान, आदिल, बिलाल बेग, डॉ.साहिल खान, वासिफ, मो.मेहंदी, मो.अबजद नासिर, शाहिद हुसैन, दीन अहमद, जुनैद आमिर, अब्दुल महबूद, अब्दुल मनम, फैजान खान, गुलजार, सुबरुल अनम, अब्दुल रहमान, अकरम, तंजीम खान, सैय्यद साद जफर, आशुतोष, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सल्मान इम्तियाज, उपाध्यक्ष हमजा सूफियान, सचिव हुजैफा आमिर, आमिर मिंटो, फरहान जुबैरी, उवैद उल्ला आजमी, पूर्व उपाध्यक्ष सज्जाद सुभान राथर, वकार नागा, गुफरान, आमिर उलजैस, आरिफ त्यागी, पूर्व केबिनेट जैद शेरवानी, तौकीर, मो. तालिब, इमरान जलाली, सरजील उस्मानी, अलाउद्दीन, हैदर, शमीम बारी, कामरान, सिराज इरतिजा, आसिफ इदरीश, जाहिद, शाकिब मामा, नईम अली, ओसामा सहित 1300 अज्ञात आरोपी बनाए गए हैं।  

ये हैं आरोप

इस मुकदमे में आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान बाब-ए-सैयद से होकर एएमयू सर्किल की ओर आते समय जब इन्हें रोका गया तो यह हमलावर हो गए और पथराव फायरिंग बाब-ए-सैयद का गेट तोड़ते हुए अराजक माहौल पैदा किया। इन्हें आरएएफ की मदद से पानी की बौछार कर आंसू गैस छोड़कर व हल्का बल प्रयोग कर नियंत्रित किया गया।

इस हमले में डीआईजी डॉ.प्रीतिंदर सिंह के अलावा एसपी सिटी अभिषेक, एसपी देहात अतुल शर्मा, शहर के तीनों सीओ, इंस्पेक्टर सिविल लाइंस अमित, एसआई उमेश कुमार, सिपाही प्रमोद, निकुंज, निशांत उज्ज्वल, योगेश, आरएएफ कमांडेंट पीके कोलधर, भावेश चौधरी, कासिफ फहीम, अरविंद कुमार, हरबीर यादव, रामदुलारे, चरण सिंह, संदीप कुमार, जेडी अंसारी, नीरज धामा, अरुण वीर, रामकुमार, योगेश कुमार आदि जख्मी हो गए, जबकि यहां 60-70 लोग अपने दोपहिया छोड़कर चले गए, जिन्हें जब्त किया गया है।

दरोगा से लूट की कोशिश में लूट ले गए कारतूस

दूसरा मुकदमा एसआई निजामुद्दीन ने दर्ज कराया है, वह एडीएम तिराहे पर थे, तभी नामजद पूर्व अध्यक्ष सलमान इम्तियाज, उपाध्यक्ष हमजा सूफियान, सचिव हुजैफा आमिर, उवैद उल्लाह आजमी, सज्जाद सुभान राथर, आमिर मिंटो, वकार नागा, फरहान जुबैरी, कामरान, तौकीर, अलाउद्दीन, शाकिब मामा, आमिर उलजैस, सिराज इरतिजा, मो.तालिब, हैदर, नईम अली, आरिफ त्यागी, आसिफ इदरीश, इमरान जलाली, ओसामा, शमीम बारी, जैद शेरवानी, सरजील उस्मानी, जाहिद, गुफरान के अलावा 1300 अज्ञात आरोपी हमलावर होकर आ गए। इस दौरान उसकी सर्विस पिस्टल लूटने की कोशिश की और 5 कारतूस लूट लिए।  

ये मौके से किए गए गिरफ्तार

1- सरफराज अली निवासी आसी नगर, सीवान बिहर, हाल सर सैयद हाल एएमयू
2- मो. तारिक, गांव उनास, थाना कोचाधाम, सोनटना बिहार, हाल निवासी एमएम हाल एएमयू
3- शहबाज, चंदभार, थाना बहादुर गंज, किशनगंज बिहार
4- अलताफ, निवासी सर सैयद नगर, सिविल लाइन अलीगढ़
5- बकार निवासी दौलिया, सोनापुर, जिला अगरिया बिहार, एमएम हाल एएमयू
6- आकिर खान, शाह बेलौन, शाह मंडी जिला सहारनपुर, आफताब हाल एएमयू
7- मो. रिहान, वाकरपुर, मुंगेर बिहार, एमएम हाल एएमयू
8- आदिल, मुबारक पुर, कल्हेड़ी, नजीबाबाद बिजनौर, एसएस नार्थ, एएमयू
9- बिलाल बेग, केला नगर, सिविल लाइन, अलीगढ़
10- डॉ. साहिल खान, सराय लालदास, देहली गेट, मेरठ, रिज्वी अपार्टमेंट सिविल लाइन
11- वासिफ, गोश्त वाली गली, सिविल लाइन, अलीगढ़।
12- मो. मेहंदी, जैदपुर, बाराबंकी, आफताब हाल, एएमयू
13- मो. अबजद नासिर, नगला पटवारी, क्वार्सी, अलीगढ़
14- शाहिद हुसैन, निवासी दौड़ा जम्मू कश्मीर,
15- दीन मोहम्मद, जमालपुर सिविल लाइन
16- जुनैद आमिर, डंडा बहेड़ी, बरेली,
17- मेहबूद, मो. वासी, सिद्धार्थ नगर,
18- अब्दुल मनम, अकबरी गेट, चौक लखनऊ
19- फैजान खान, आबु नगर, कोतवाली नगर, फतेहपुर
20- गुलजार, सिराज फौरटी, हाइला, कंदी, आसाम
21- सुबरुल अनम, निवासी डीआईआरडी, दुबे पुर ब्लाक, सुल्तानपुर
22- अब्दुल रहमान, लाल घाटी, जिला भोपाल, मध्य प्रदेश, हाल पता सर जियाउद्दीन हाल
23- अकरम, मेडिकल रोड, सिविल लाइन, अलीगढ़
24- तंजील खान, कमालपुर कौशांबी,(जिला अस्पताल में भर्ती)
25- सैयद शाद जफर, हाजीपुरा, रसूलपुर फिरोजाबाद (जिला अस्पताल में भर्ती)
26- आशुतोष, नवादा, बिहार (जिला अस्पताल में भर्ती)  

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