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इंस्पेक्टर यशपाल सिंह जांच में मिले निर्दोष, बहाल
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जीआरपी अलीगढ़ के तत्कालीन इंस्पेक्टर यशपाल सिंह जांच में निर्दोष पाए गए हैं। उनकी पुलिस उपमहानिरीक्षक रेलवे धर्मेंद्र सिंह की ओर से उनकी बहाली का आदेश जारी हो गया है। इसी के साथ उनका तीन साल का जीआरपी का कार्यकाल पूरा होने पर सिविल पुलिस में भी स्थानांतरण हो गया है।
फिलहाल उनको प्रयागराज जोन में तैनाती दी गई है। प्रभारी एसपी जीआरपी मो. मुश्ताक ने बताया कि 12 मार्च की चोरी की घटना में क्राइम नंबर 13/21 धारा 380 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। वादी अंकिता निवासी गाजियाबाद की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया था।
अंकिता ने बताया था कि पति अविनाश इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकील हैं। प्रयागराज एक्सप्रेस में सफर के दौरान उनका पर्स चोरी हो गया था। इसमें जेवरात थे। अविनाश ने जीआरपी अलीगढ़ पर आरोप लगाया कि उन्हें मुकदमा वापस लेने को कहा जा रहा है। शिकायत एडीजी जीआरपी से हुई।
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उनके निर्देश पर आईजी जीआरपी सतेंद्र कुमार की ओर से इंस्पेक्टर को निलंबित करने का आदेश जारी किया था। साथ ही जांच भी बैठा दी गई थी। इस मामले की जांच की गई तो इंस्पेक्टर यशपाल सिंह को निर्दोष पाया गया। इस पर उनकी बहाली का आदेश पुलिस उपमहानिरीक्षक की ओर से जारी किया गया है।
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फिलहाल उनको प्रयागराज जोन में तैनाती दी गई है। प्रभारी एसपी जीआरपी मो. मुश्ताक ने बताया कि 12 मार्च की चोरी की घटना में क्राइम नंबर 13/21 धारा 380 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। वादी अंकिता निवासी गाजियाबाद की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया था।
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अंकिता ने बताया था कि पति अविनाश इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकील हैं। प्रयागराज एक्सप्रेस में सफर के दौरान उनका पर्स चोरी हो गया था। इसमें जेवरात थे। अविनाश ने जीआरपी अलीगढ़ पर आरोप लगाया कि उन्हें मुकदमा वापस लेने को कहा जा रहा है। शिकायत एडीजी जीआरपी से हुई।
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उनके निर्देश पर आईजी जीआरपी सतेंद्र कुमार की ओर से इंस्पेक्टर को निलंबित करने का आदेश जारी किया था। साथ ही जांच भी बैठा दी गई थी। इस मामले की जांच की गई तो इंस्पेक्टर यशपाल सिंह को निर्दोष पाया गया। इस पर उनकी बहाली का आदेश पुलिस उपमहानिरीक्षक की ओर से जारी किया गया है।