Aligarh: इंस्पेक्टर कुर्सी पर बैठा रहा, विधायक खड़ी रहीं, हुआ जमकर हंगामा, अपर निरीक्षक किया लाइन हाजिर
अलीगढ़ शहर विधायक मुक्ता राजा कुछ काम से थाना बन्ना देवी गईं। वहां पर अपर निरीक्षक कुर्सी पर बैठा रहा और विधायक को खड़ा रहना पड़ा। इसी बात से गुस्साए भाजपा विधायक, एमएलसी और कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा काटा। अपर निरीक्षक को लाइन हाजिर करने के बाद मामला शांत हुआ।
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17 जनवरी देर शाम थाना बन्नादेवी पहुंचीं भाजपा की शहर विधायक संजीव मुक्ता राजा के साथ अभद्रता करने का आरोप अपर निरीक्षक अपराध सुबोध कुमार पर लगा है। इसकी सूचना पर अन्य विधायक व भाजपा महानगर अध्यक्ष सहित तमाम भाजपा नेता थाने पहुंच गए और कोतवाली के गेट पर धरना देकर हंगामा शुरू कर दिया। बाद में एसपी सिटी के कार्रवाई के आश्वासन पर धरना समाप्त हुआ। निरीक्षक को लाइन हाजिर कर दिया है।
मसूदाबाद के एक नर्सिंग होम में हुए विवाद सहित कुछ अन्य विवादों को लेकर देर शाम समर्थकों सहित थाने पहुंची थीं। उस समय प्रभारी निरीक्षक की कुर्सी पर अपर निरीक्षक अपराध सुबोध कुमार बैठे थे। आरोप है कि वे विधायक को देखकर प्रोटोकॉल में न तो कुर्सी से खड़े हुए और न बैठने के लिए कुर्सी ऑफर की। समर्थकों ने प्रोटोकॉल की बात कही तो सुबोध कुमार ने कहा कि आप हमें मत सिखाओ। विधायक कमरे से बाहर आ गई और थाना परिसर में पड़ी कुर्सियों पर बैठकर सीओ को फोन किया।
इसकी सूचना पर कोल विधायक अनिल पाराशर, एमएलसी मानवेंद्र सिंह, विधायक राजकुमार सहयोगी, भाजपा महानगर अध्यक्ष इंजी.राजीव शर्मा, पूर्व अध्यक्ष विवेक सारस्वत, पूर्व मेयर शकुंतला भारती, युवा मोर्चा अध्यक्ष अमन गुप्ता, निखिल माहेश्वरी, संजय गोयल, मनीष बूल, पुष्पेंद्र सिंह जादौन, हर्षद आदि थाने पहुंच गए और धरना देकर बैठ गए। सुबोध कुमार के निलंबन की मांग की।
इस बीच सीओ ने आकर बातचीत की तो सुबोध कुमार ने कहा कि उन्होंने कुछ नहीं कहा। बात का बतंगड़ बनाया जा रहा है। इस पर भाजपाइयों ने वहां नारेबाजी शुरू कर दी। करीब एक घंटे तक हंगामा नारेबाजी होती रही। इसके बाद एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक मौके पर पहुंचे उनके आश्वासन पर रात करीब ग्यारह बजे धरना समाप्त हुआ। हंगामे के चलते सुबोध कुमार थाने से चले गए।
मसूदाबाद नर्सिंग होम से जुड़े विषय सहित कई विषय एकत्रित हुए थे, जिन्हें लेकर जब मैं थाने पहुंची तो इंस्पेक्टर क्राइम के ने अभद्रता की, ऐसा लगा कि वे नशे में हैं। एक जनप्रतिनिधि से मिलने व वार्ता करने में प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया, जिसका ऐतराज जताया। यह खबर शहर में लगी तो तमाम लोग थाने पर आ गए। बात में एसपी सिटी ने कार्रवाई का भरोसा दिया है।-मुक्ता राजा, शहर विधायक
शहर विधायक का अपर निरीक्षक पर अभद्रता का आरोप है। मामले में तहकीकात की जा रही है। फौरी लाइन हाजिर कार्रवाई व जांच के बाद निलंबन की बात कही गई है। जो तय पाया जाएगा, किया जाएगा। नर्सिंग होम विवाद को भी दिखवाया जा रहा है।-मृगांक शेखर पाठक, एसपी सिटी
वीडियो में बैठा इंस्पेक्टर, खड़ी हैं विधायक
प्रोटोकॉल नियम के अनुसार किसी भी विधायक का प्रोटोकॉल संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी का रहता है। इंस्पेक्टर को विधायक के आने पर कुर्सी से खड़े होकर अभिभावदन करना होता है। अगर परिचय नहीं है तो परिचय होने के बाद भी ऐसा किया जा सकता है। मगर इस घटना में वीडियो सामने आया है, जिसमें विधायक खड़ी हैं और इंस्पेक्टर कुर्सी पर बैठे बैठे कह रहा है कि बैठना है तो बैठो, नहीं तो कोई बात नहीं।
नर्सिंग होम में सिपाही व डॉक्टर के बीच हाथापाई, दरोगा निकाल ले गया डीवीआर
बन्नादेवी थाने में बुधवार देर शाम विधायक व अपर निरीक्षक अपराध के बीच हुए विवाद के पीछे दोपहर में मसूदाबाद के एक नर्सिंग होम में हुई घटना है। थाने में तैनात सिपाही नकुल अपनी गर्भवती पत्नी को दिखाने एक नर्सिंग होम में गया। वहां महिला डॉक्टर ने चेकअप के बाद सब कुछ सही बताया। सिपाही ने कहा कि आप लिखकर दे दें, डाक्टर ने कहा कि यह कोई लिखकर नहीं दे सकता। इसी बात पर वहां विवाद हुआ और बहस के बाद हाथापाई हो गई। हॉस्पिटल संचालक आ गए। सिपाही का आरोप है कि विवाद बढ़ने पर चिकित्सक व स्टाफ ने गाली गलौज कर हाथापाई करते हुए उसे बाहर कर दिया। चूंकि सिपाही उस समय वर्दी में नहीं था। उसने थाने जाकर तहरीर दे दी। इस पर इलाके का दरोगा नर्सिंग होम पहुंचा और सीसीटीवी की डीवीआर निकाल ले गया। साथ में डॉक्टर को थाने आने की हिदायत दे गया। इसी मामले में विधायक थाने गई थीं।