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Aligarh: एफसीआई के गोदाम में रखे 5 हजार मीट्रिक टन गेहूं में पड़ गए कीड़े, वितरण पर लगाई रोक

Sun, 16 Feb 2025 12:41 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Sun, 16 Feb 2025 12:41 PM IST
सार

खाद्य सुरक्षा विभाग, जिला आपूर्ति विभाग, जिला विपणन विभाग और एफसीआई के 12 अफसरों की एक टीम जांच के लिए बनाई। टीम गेहूं की जांच करने के लिए गोदाम पर पहुंची। अफसरों ने जाकर गेहूं को चेक किया। गेहूं की बोरियों पर कीड़े चल रहे थे।

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Insects infest wheat kept in FCI warehouse
गेहूं में घुन की शिकायत पर जायजा लेते डिप्टी आरएमओ - फोटो : संवाद

विस्तार

एफसीआई के गोदाम में रखा गेहूं खराब हो गया है। कासिमपुर गोदाम पर रखे गेहूं में तो कीड़े पड़ गए हैं। फटे बोरों से गेहूं निकलकर बिखर गया है। 15 फरवरी को चार विभागों के 12 अफसरों की टीम जब कासिमपुर फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के गोदाम पर पहुंची तो गेहूं में कीड़े रेंगते मिले। गोदाम पर करीब दो घंटे तक रहे अफसरों ने अनुमान लगाया है कि यहां रखे 15 हजार मीट्रिक टन गेहूं में से करीब पांच हजार मीट्रिक टन गेहूं खराब हो गया है। अब इसका वितरण नहीं होगा। इस गेहूं के प्रयोग पर रोक लगा दी गई है।

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अलीगढ़ में 5 फरवरी से 10 फरवरी के बीच राशन की 135 दुकानों से घुन लग गेहूं कार्ड धारकों को बांट दिया गया था। जब शिकायतें हुईं तो तत्काल वितरण पर रोक लगा दी गई। यह गेहूं सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत कार्ड धारकों को बांटने के लिए हरियाणा और पंजाब से आया था। हल्ला मचने पर इस गेहूं को राशन डीलरों से वापस। 
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वहीं डीएम संजीव रंजन ने खाद्य सुरक्षा विभाग, जिला आपूर्ति विभाग, जिला विपणन विभाग और एफसीआई के 12 अफसरों की एक टीम जांच के लिए बनाई। 15 फरवरी को यह टीम गेहूं की जांच करने के लिए गोदाम पर पहुंची। यहां पांच हॉल में गेहूं की बोरियां रखीं हैं। अफसरों ने हर हॉल में जाकर गेहूं को चेक किया। गेहूं की बोरियों पर कीड़े चल रहे थे। कुछ बोरियों को खोलकर देखा गया तो उनमें कीड़े ही कीड़े दिखे। गेहूं में से दुर्गंध भी आ रही थी। अफसर अपनी जांच रिपोर्ट सोमवार को डीएम को सौंपेगे।

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कासिमपुर गोदाम पर कीड़े लगा हुआ गेहूं मिला है। एफसीआई के गोदाम से यह गेहूं राशन की दुकानों को सप्लाई किया गया था। यह गेहूं काफी पुराना माना जा रहा है। जबकि जो नया गेहूं आया था उसका स्टॉक कर लिया है। जो पुराना गेहूं है उसके इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है।-राजीव कुलश्रेष्ठ, जिला खाद्य विपणन अधिकारी

घुन लगे हुए गेहूं की राशन दुकानों को आपूर्ति किए जाने के मामले में जांच टीम अपना काम कर रही है। सोमवार को टीम अपनी रिपोर्ट सौंप देगी। इसके बाद तय किया जाएगा कि इसके वितरण के लिए जिम्मेदार कौन है। एफसीआई ही गेहूं की आपूर्ति करता है। किसी भी कीमत पर अब गोदाम में मौजूद गेहूं नहीं बंटने दिया जाएगा। - संजीव रंजन, जिलाधिकारी

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एफसीआई गोदाम में बंदर बोरे फाड़कर खा रहे गेहूं

फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) के गोदामों में राशन वितरण के लिए रखे गेहूं के रखरखाव में बदहाली सामने आ रही है। 15 फरवरी को सूतमिल स्थित एफसीआई के गोदाम पर पाया गया कि हॉल में घुसकर बंदर बोरों को फाड़कर गेहूं खा रहे हैं।
गेहूं खाते बंदर
सूतमिल स्थित एफसीआई गोदाम की क्षमता 30 हजार मीट्रिक टन है। यहां पर 6 हॉल में गेहूं का भंडारण किया जाता है। यहां पर शनिवार को पाया गया कि पूरे परिसर में बंदरों का आतंक है। बंदर बिना रोकटोक अंदर घुसकर गेहूं तक पहुंच जाते हैं और बोरों को नुकसान पहुंचाते हैं। ला खाद्य एवं विपणन अधिकारी राजीव कुलश्रेष्ठ कहते हैं कि एफसीआई के रखरखाव में ही कमी पाई जा रही है। बंदरों से गेहूं को सुरक्षित रखने के इंतजाम की जिम्मेदारी एफसीआई की है।

एफसीआई के गोदाम पर लगाई फूड इंस्पेक्टरों की ड्यूटी
जांच टीम ने गोदाम पर दो फूड इंस्पेक्टरों की ड्यूटी लगाई है। इसके साथ ही प्रकाश में आया है कि एफसीआई ने गेहूं का रखरखाव ठीक से नहीं किया। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी राजीव कुलश्रेष्ठ कहते हैं कि हरियाणा और पंजाब से गेहूं के आने के बाद उसे गोदाम तक लाने और राशन ठेकेदारों तक पहुंचने के दौरान गुणवत्ता जांच का काम भी एफसीआई का है। यहीं पर लापरवाही हुई है।

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