{"_id":"6a49724ad19cfe1ab402bc8f","slug":"innocent-daughters-head-smashed-for-refusing-to-provide-water-for-alcohol-aligarh-news-c-113-1-sali1011-103406-2026-07-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Aligarh News: शराब के लिए पानी नहीं देने पर मासूम बेटी का सिर फोड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Aligarh News: शराब के लिए पानी नहीं देने पर मासूम बेटी का सिर फोड़ा
विज्ञापन
प्रतीकात्मक फोटो
- फोटो : Archive
शुक्रवार की शाम की गंगीरी थाना क्षेत्र के एक गांव में एक पिता ने शराब के लिए पानी नहीं देने पर अपनी पांच साल की मासूम बेटी को सिर में पत्थर मारकर घायल कर दिया। बालिका के बाबा ने नातिन को थाने ले जाकर पुलिस से शिकायत की। बाद में पिता-पुत्र में राजीनामा हो गया कि बेटा-बहू गांव में नहीं रहेंगे।
बुजुर्ग ने तहरीर में आरोप लगाया है कि उनके बेटा-बहू गाजियाबाद में रहते हैं और दोनों ही शराब पीते हैं। इनके पांच बच्चे हैं जोकि बाबा के पास गांव में रहते हैं। कुछ दिन पहले बेटे का एक्सीडेंट होने के कारण बेटा-बहू गांव में आ गए हैं और रोजाना शाम को शराब पीते हैं।
बुजुर्ग ने बताया कि शुक्रवार की देर शाम बेटा शराब पी रहा था तभी उसने अपनी पांच साल की बेटी से पानी मांगा तो बेटी ने अनसुना कर दिया। इसी बात पर बेटे ने नातिन का सिर पत्थर मारकर फोड़ दिया। पुलिस ने घायल बच्ची को इलाज के लिए छर्रा के सरकारी अस्पताल भेज दिया। एसआई प्रदीप कुमार ने बताया कि पिता-पुत्र में राजीनामा इस बात पर हो गया है कि बेटा-बहू तब तक गांव में नहीं आएंगे जब तक कि बच्चे बड़े नहीं हो जाते। सभी बच्चों का पालन-पोषण बाबा-दादी ही करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुजुर्ग ने तहरीर में आरोप लगाया है कि उनके बेटा-बहू गाजियाबाद में रहते हैं और दोनों ही शराब पीते हैं। इनके पांच बच्चे हैं जोकि बाबा के पास गांव में रहते हैं। कुछ दिन पहले बेटे का एक्सीडेंट होने के कारण बेटा-बहू गांव में आ गए हैं और रोजाना शाम को शराब पीते हैं।
विज्ञापन
बुजुर्ग ने बताया कि शुक्रवार की देर शाम बेटा शराब पी रहा था तभी उसने अपनी पांच साल की बेटी से पानी मांगा तो बेटी ने अनसुना कर दिया। इसी बात पर बेटे ने नातिन का सिर पत्थर मारकर फोड़ दिया। पुलिस ने घायल बच्ची को इलाज के लिए छर्रा के सरकारी अस्पताल भेज दिया। एसआई प्रदीप कुमार ने बताया कि पिता-पुत्र में राजीनामा इस बात पर हो गया है कि बेटा-बहू तब तक गांव में नहीं आएंगे जब तक कि बच्चे बड़े नहीं हो जाते। सभी बच्चों का पालन-पोषण बाबा-दादी ही करेंगे।
विज्ञापन