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अलीगढ़ नगर निगम की घोर लापरवाही: घर किया सील, अंदर कैद किया मासूम, बैग लटका कर स्कूल जाने को छटपटाता रहा

Tue, 23 Dec 2025 06:19 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Tue, 23 Dec 2025 06:19 PM IST
सार

अलीगढ़ नगर निगम ने घर के मुख्य दरवाजे पर सील लगा दी। घर के अंदर मासूम कामरान, जो पास के ही एक सरकारी स्कूल में कक्षा एक का छात्र है, स्कूल जाने के लिए तैयार हो रहा था। सील लगने के कारण कामरान और उसके दो अन्य भाई-बहन घर के अंदर कैद हो गए।

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Innocent child imprisoned inside a sealed house
घर में कैद मासूम और बाहर से सील किया हुआ दरवाजा - फोटो : संवाद

विस्तार

अलीगढ़ नगर निगम की बकाया वसूली मुहिम के दौरान 23 दिसंबर सुबह एक बहुत बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। वार्ड संख्या 68 में टैक्स बकाया होने पर टीम ने एक 50 गज के मकान को सील कर दिया, लेकिन इस दौरान निगम की टीम यह भूल गई कि घर के अंदर मासूम बच्चे मौजूद हैं। कक्षा एक में पढ़ने वाला छात्र अपने भाई-बहनों के साथ करीब ढाई घंटे तक घर के अंदर ही कैद रहा।

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ऊपर कोट क्षेत्र के रहने वाले अफसर अली का 50 गज का एक छोटा सा मकान है। नगर निगम ने इस मकान पर 97000 रुपये का गृह कर  बकाया निकालते हुए नोटिस जारी किया था। मकान मालिक अफसर अली के मुताबिक, उन्होंने इस भारी-भरकम टैक्स के खिलाफ नगर निगम में अपील भी कर रखी है।
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23 दिसंबर सुबह करीब सात बजे नगर निगम की टीम लाव-लश्कर के साथ मौके पर पहुंची और बिना पूरी पड़ताल किए घर के मुख्य दरवाजे पर सील लगा दी। जिस वक्त टीम मकान सील कर रही थी, अफसर अली का बेटा कामरान, जो पास के ही एक सरकारी स्कूल में कक्षा एक का छात्र है, स्कूल जाने के लिए तैयार हो रहा था। सील लगने के कारण कामरान और उसके दो अन्य भाई-बहन घर के अंदर ही फंस गए। मासूम कामरान काफी समय तक स्कूल जाने के लिए छटपटाता रहा, लेकिन बाहर से ताला और सील होने के कारण वह निकल नहीं पाया।

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पार्षद के हस्तक्षेप के बाद खुली सील

स्थानीय पार्षद अब्दुल मुतालिब कुरैशी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। उन्होंने बताया कि नगर निगम की टीम को बकाया राशि के एक अंश के रूप में 10000 रुपये नकद जमा कराए गए। इसके बाद करीब सुबह 10 बजे मकान की सील खोली गई। हालांकि, तब तक काफी देर हो चुकी थी और कामरान के स्कूल का गेट बंद हो चुका था, जिससे वह स्कूल नहीं जा सका।

लोगों में आक्रोश
इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में नगर निगम के प्रति काफी गुस्सा है। लोगों का कहना है कि वसूली के नाम पर इस तरह की संवेदनहीनता ठीक नहीं है, जहां बच्चों को भी घर में बंद कर दिया जाए।

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