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Aligarh News: ई-बस में किराया बढ़ने से घट गई यात्रियों की संख्या, 10 कदम जाना है तो देने होंगे 10 रुपये
Tue, 21 Feb 2023 02:00 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Updated Tue, 21 Feb 2023 02:00 AM IST
सार
पहले न्यूतम किराया प्रति तीन किलोमीटर पांच रुपये था, जिसे अब बढ़ाकर 10 रुपये किया गया है। अब ई-बस का न्यूनतम किराया 10 रुपये देना पड़ रहा है। उधर, बसों का किराया बढ़ने पर यात्रियों और परिचालक में कहासुनी भी हो रही है। यात्री एक चौराहे से दूसरे चौराहे के 10 रुपये किराया देने को तैयार नहीं होते हैं।
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स्मार्ट सिटी की इलेक्ट्रिक बस
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शहर में संचालित ई- बस सेवा का किराया एक फरवरी से बढ़ गया है। इससे बसों में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या घटने लगी है। बसों के किराए में बढ़ोत्तरी के बाद इसका बोझ सीधे आम आदमी की जेब पर पड़ा है। अब ई- बस का न्यूनतम किराया किसी भी मार्ग पर 10 रुपये कर दिया गया है। यानि 10 कदम भी जाना है तो अब सीधे 10 रुपये देना होगा। अभी तक पांच रुपये में पहुंच जाते थे। बस ट्रांसपोर्ट की ओर से संचालित ई-बसों के न्यूनतम किराये में वृद्धि कर दी गई है।
नगरीय विकास निदेशालय के निर्देश पर महानगर में स्मार्ट सिटी बस सेवा के तहत करीब 25 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है। इसी तरह पहले न्यूतम किराया प्रति तीन किलोमीटर पांच रुपये था, जिसे अब बढ़ाकर 10 रुपये किया गया है। अब ई-बस का न्यूनतम किराया 10 रुपये देना पड़ रहा है। उधर, बसों का किराया बढ़ने पर यात्रियों और परिचालक में कहासुनी भी हो रही है। यात्री एक चौराहे से दूसरे चौराहे के 10 रुपये किराया देने को तैयार नहीं होते हैं। स्मार्ट सिटी योजना के तहत अब तक 25 ई-बसें मिल चुकी हैं। 32 सीटर इन बसों में ज्यादातर यात्री खड़े होकर ही सफर करते हैं।
गांधीपार्क बस स्टैंड से दुबे का पड़ाव, मीनाक्षी पुल होते हुए रामघाट रोड, क्वार्सी चौराहा, तालानगरी और हरदुआगंज रूट पर छह बसें संचालित हो रही हैं। रूट पर सबसे ज्यादा स्कूल-कॉलेज, अस्पताल, कोचिंग सेंटर, सरकारी एवं गैर सरकारी दफ्तर हैं। सेंटर प्वाइंट भी इसी रूट पर है किराया बढ़ने से पहले तक औसतन रोजाना 20 - 25 हजार तक मुसाफिर सफर कर रहे थे। अब किराया बढ़ जाने से पिछले तीन सप्ताह में ही 15-20 हजार तक ही सिमट चुकी हैं।
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क्योंकि अभी भी ऑटो, ई-रिक्शा संचालक उनसे पहले वाला ही किराया वसूल रहे हैं। जिससे यात्री ई-बसों की बजाए ऑटो, ई-रिक्शा का प्रयोग कर रहे हैं। ई- बसों में सफर करना बेहद सुरक्षित है। महिलाओं के लिए इन बसों में कई तरह की सुविधाएं उपलब्ध हैं। बस में पांच सीसीटीवी कैमरों के अलावा दिव्यांगों के लिए रैंप और किसी यात्री को उतारने के लिए ड्राइवर के पास बने दरवाजा को खोला जा सकता है।
किराया बढ़ोत्तरी के बाद बसों में यात्रियों की संख्या कुछ कम हुई है। हालांकि जब भी कोई नई शुरूआत होती है तब कुछ न कुछ बदलाव जरुर आता है। ऐसा ही ई-बसों के किराये में बढ़ोत्तरी के बाद हो रहा है। धीरे-धीरे सब कुछ सामान्य हो जाएगा और पहले की तरह ही यात्री इन बसों में सफर करेंगे। गर्मी बढ़ने पर यात्रियों की संख्या में वृद्धि होगी। - सत्येंद्र वर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक, रोडवेज, अलीगढ़ परिक्षेत्र
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नगरीय विकास निदेशालय के निर्देश पर महानगर में स्मार्ट सिटी बस सेवा के तहत करीब 25 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है। इसी तरह पहले न्यूतम किराया प्रति तीन किलोमीटर पांच रुपये था, जिसे अब बढ़ाकर 10 रुपये किया गया है। अब ई-बस का न्यूनतम किराया 10 रुपये देना पड़ रहा है। उधर, बसों का किराया बढ़ने पर यात्रियों और परिचालक में कहासुनी भी हो रही है। यात्री एक चौराहे से दूसरे चौराहे के 10 रुपये किराया देने को तैयार नहीं होते हैं। स्मार्ट सिटी योजना के तहत अब तक 25 ई-बसें मिल चुकी हैं। 32 सीटर इन बसों में ज्यादातर यात्री खड़े होकर ही सफर करते हैं।
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गांधीपार्क बस स्टैंड से दुबे का पड़ाव, मीनाक्षी पुल होते हुए रामघाट रोड, क्वार्सी चौराहा, तालानगरी और हरदुआगंज रूट पर छह बसें संचालित हो रही हैं। रूट पर सबसे ज्यादा स्कूल-कॉलेज, अस्पताल, कोचिंग सेंटर, सरकारी एवं गैर सरकारी दफ्तर हैं। सेंटर प्वाइंट भी इसी रूट पर है किराया बढ़ने से पहले तक औसतन रोजाना 20 - 25 हजार तक मुसाफिर सफर कर रहे थे। अब किराया बढ़ जाने से पिछले तीन सप्ताह में ही 15-20 हजार तक ही सिमट चुकी हैं।
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क्योंकि अभी भी ऑटो, ई-रिक्शा संचालक उनसे पहले वाला ही किराया वसूल रहे हैं। जिससे यात्री ई-बसों की बजाए ऑटो, ई-रिक्शा का प्रयोग कर रहे हैं। ई- बसों में सफर करना बेहद सुरक्षित है। महिलाओं के लिए इन बसों में कई तरह की सुविधाएं उपलब्ध हैं। बस में पांच सीसीटीवी कैमरों के अलावा दिव्यांगों के लिए रैंप और किसी यात्री को उतारने के लिए ड्राइवर के पास बने दरवाजा को खोला जा सकता है।
किराया बढ़ोत्तरी के बाद बसों में यात्रियों की संख्या कुछ कम हुई है। हालांकि जब भी कोई नई शुरूआत होती है तब कुछ न कुछ बदलाव जरुर आता है। ऐसा ही ई-बसों के किराये में बढ़ोत्तरी के बाद हो रहा है। धीरे-धीरे सब कुछ सामान्य हो जाएगा और पहले की तरह ही यात्री इन बसों में सफर करेंगे। गर्मी बढ़ने पर यात्रियों की संख्या में वृद्धि होगी। - सत्येंद्र वर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक, रोडवेज, अलीगढ़ परिक्षेत्र