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आज भी अधूरा है प्रोजेक्ट: कब खत्म होगा मीठे पानी का इंतजार, 60 गांवों के लोग खारे पानी से बुझाते प्यास

Mon, 29 Jul 2024 04:54 PM IST
चमन शर्मा रिंकू शर्मा, अमर उजाला, अलीगढ़
रिंकू शर्मा, अमर उजाला, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Mon, 29 Jul 2024 04:54 PM IST
सार

जल जीवन मिशन प्रोजेक्ट की लेटलतीफी के कारण अलीगढ़ में टप्पल के 17 गांव, गोंडा के 19 गांव, खैर के 24 गांव और चंडौस के 02 गांव आज भी खारे पानी से अपनी प्यास बुझा रहे हैं।

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Incomplete Jal Jeevan Mission
र घर नल हर घर जल योजना में बनाई गई पानी की टंकी - फोटो : संवाद

विस्तार

अलीगढ़ जिले के 60 गांवों को मीठे पानी का इंतजार है। जलनिगम ने जो प्रोजेक्ट बनाया था, उसके मुताबिक 15 अगस्त 2023 तक इन सभी गांवों में पाइपलाइन बिछाकर मीठे पानी की सप्लाई हो जानी थी, लेकिन अभी तक इन गांवों में पानी पहुंचाने के लिए 280 किलोमीटर की जो पाइपलाइन बिछाई जानी थी वह ही नहीं बिछ पाई है। जिस तरह से काम चल रहा है, उससे लगता नहीं कि अभी फिलहाल इन गांवों को खारे पानी से मुक्ति मिलने जा रही है।

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वैसे तो अलीगढ़ के 210 गांवों में खारे पानी की समस्या थी। अफसरों का दावा है कि जल जीवन मिशन योजना के तहत 150 गांवों में पाइपलाइन बिछाकर मीठे पानी की सप्लाई शुरू कर दी गई है, जिसमें टप्पल ब्लॉक क्षेत्र के 23 गांव, गोंड़ा ब्लॉक के 19 गांव, चंड़ौस के 14 , लोधा के 12, धनीपुर के 6, गंगीरी के 8, अतरौली के 10, जवां के 13, इगलास के 18 गांवों तक पाइपलाइन से पानी पहुंचने लगा है। यहां के लोगों को खारे पानी से मुक्ति मिल गई है। मगर इस प्रोजेक्ट की लेटलतीफी के कारण टप्पल के 17 गांव, गोंडा के 19 गांव, खैर के 24 गांव और चंडौस के 02 गांव आज भी खारे पानी से अपनी प्यास बुझा रहे हैं।
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जल जीवन मिशन में बनी पानी की टंकी
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जनपद में जल जीवन मिशन योजना की शुरूआत -15 अगस्त 2019 में हुई थी

केंद्र सरकार ने गांवों में पीने के पानी को पहुंचाने के लिए 15 अगस्त 2019 को जल जीवन मिशन योजना शुरू की थी। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के घरों में जल कनेक्शन किए जा रहे हैं। वर्ष 2024 के अंत तक सभी ग्राम पंचायतों में हर व्यक्ति तक स्वच्छ जल पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है। एक गांव में औसतन डेढ़ से ढाई करोड़ तक की धनराशि खर्च हो रही है।

इन 7 गांवों के पानी में बढ़ा है टीडीएस, पड़ोस के गांव से देंगे पानी

टप्पल ब्लॉक के हामिदपुर, गौराला, नगला खुर्द, जलालपुर, गोंडा में नगला जुझार, मुमरेजा, ढांडौली गांव में पानी पीने योग्य नहीं मिल सका है। यहां पानी में टीडीएस की मात्रा काफी अधिक मिली है। लिहाजा विभाग किसी पास के गांव से पानी की सप्लाई को योजना तैयार कर रहा है। किसी दूसरे गांव में ही बोरिंग करके वहां टंकी बनाकर पानी की सप्लाई होगी।

जल जीवन मिशन योजना के पहले चरण में 150 ग्राम पंचायतों में पीने का मीठा पानी उपलब्ध कराया जा चुका है। यहां ग्रामीणों को नल के कनेक्शन दिए जा रहे हैं। इस साल दिसंबर के अंत तक बाकी बचे गांवों में प्रत्येक व्यक्ति के घर तक पानी पहुंचा दिया जाएगा।- मोहम्मद इमरान, अधिशासी अभियंता, उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण)
लंबे समय से खारे पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। अभी भी लग नहीं रहा है कि दिसंबर तक पानी मिल सकेगा। - ब्रज किशोर, नगला भीम
पिछले डेढ़ साल से गांव में पानी के लिए पाइप लाइन बिछाई जा रही है, लेकिन अब तक पानी नहीं पहुंचा है। - हरिओम वर्मा, इब्राहिमपुर
पानी के लिए बिछाई गई पाइप लाइन से गांव की सड़क व गलियां टूटी पड़ी हैं। पानी भी अब तक नहीं मिला है। - कुलदीप कुमार, इस्मालपुर

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