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अलीगढ़: शांति और कड़ी सुरक्षा के बीच हुई जुमे की नमाज
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अलीगढ़ में ऊपरकोट जामा मस्जिद पर जुमे की नमाज के दौरान तैनात आरएएफ।
- फोटो : CITY OFFICE
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जुमे की नमाज शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। शाहजमाल से लेकर जमालपुर, ऊपरकोट, जीवनगढ़, एएमयू पुरानी चुंगी गेट पर फोर्स तैनात रहा। अधिकारी व मजिस्ट्रेट अपने-अपने इलाकों में भ्रणशील रहे। नमाज के बाद प्रशासन को शाहजमाल में भीड़ जुटने की आशंका थी। मगर, मौसम खराब होने के चलते नमाज के बाद लोग सीधे अपने-अपने घरों को चले गए। इस पर प्रशासन ने राहत की सांस ली।
शहर की अलग-अलग मस्जिदों में दोपहर एक बजे के बाद शुरू हुई नमाज करीब ढाई बजे संपन्न हुईं। इस दौरान शाहजमाल से लेकर जमालपुर, ऊपरकोट, जीवनगढ़, एएमयू पुरानी चुंगी गेट पर थाना पुलिस के अलावा खुद प्रशासनिक अधिकारी व मजिस्ट्रेट तैनात रहे। सिविल लाइंस इलाके में एसीएम द्वितीय रंजीत सिंह और सीओ सिविल लाइंस अनिल समानिया ने पैदल मार्च कर लोगों से शांति की अपील की। साथ ही कहा कि नमाज के बाद बेवजह भीड़ एक स्थान पर न जुटाएं। अपील की कि मौसम खराब है, इसलिए वे सीधे घरों को जाएं।
इधर, ऊ परकोट और शाहजमाल में सिटी मजिस्ट्रेट फोर्स के साथ तैनात रहे। उन्होंने आसपास के बाजारों में पैदल मार्च किया। लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देते हुए बाजारों को खोलें और हालात को सामान्य रखने में मदद करें। ऊपरकोट मस्जिद पर नमाज होने के बाद कुछ लोग शाहजमाल की ओर निकले भी थे। मगर, ईदगाह के सामने खाली मैदान में कीचड़ देख वहां रुकना मुनासिब न समझा। इसी बीच बारिश के आसार होने पर लोग सीधे अपने-अपने घरों को चले गए।
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बारिश से तालाब बना शाहजमाल का धरना स्थल
सीएए व एनआरसी के विरोध में शाहजमाल ईदगाह के सामने जारी धरना प्रदर्शन का 40वां दिन भी शांतिपूर्वक गुजरा। मगर, बारिश ने यहां के हालात बिगाड़ दिए। धरना स्थल तालाब की तरह बन गया। हालत यह हो गए कि महिलाएं यहां पड़े तख्तों पर बैठकर नारेबाजी की। इस असुविधा से अधिकांश महिलाएं यहां से घरों को लौट गईं। इधर, टेंट और गद्दे भी गीले हो गए। तख्त पर बैठ महिलाओं ने शाम को नारेबाजी की। मगर, भीड़ न होने के कारण उनका जोश भी जल्द ही ठंडा हो गया।
देर रात वे अपने-अपने घरों को चली गईं। रात एक बजे तक यहां करीब 20 महिलाएं ही रह गई थीं। शाहजमाल धरना प्रदर्शन में दिन प्रतिदिन भीड़ कम होती जा रही है। चर्चा है कि पिछले दो-तीन दिनों से कोरोना वायरस की खबरों के चलते भी भीड़ यहां आने से कतरा रही है। इधर, बारिश ने भी लोगों को मुसीबत में डाल रखा है। पंडाल के ऊपर तिरपाल लगा होने से इस उन्हें राहत तो मिल रही है। मगर, शुक्रवार को तेज बारिश ने सारे इंतजाम बिगाड़ दिए। टेंट में पानी भरा गया। जमीन से पानी बहकर धरना स्थल पर एकत्रित हो गया। कुछ घंटों के ळिए हालात तालाब जैसे हो गए। वहां पड़े गद्दे फिर से गीले हो गए। तख्तों पर बैठकर महिलाओं ने धरना जारी रखा और नारेबाजी भी की।
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शहर की अलग-अलग मस्जिदों में दोपहर एक बजे के बाद शुरू हुई नमाज करीब ढाई बजे संपन्न हुईं। इस दौरान शाहजमाल से लेकर जमालपुर, ऊपरकोट, जीवनगढ़, एएमयू पुरानी चुंगी गेट पर थाना पुलिस के अलावा खुद प्रशासनिक अधिकारी व मजिस्ट्रेट तैनात रहे। सिविल लाइंस इलाके में एसीएम द्वितीय रंजीत सिंह और सीओ सिविल लाइंस अनिल समानिया ने पैदल मार्च कर लोगों से शांति की अपील की। साथ ही कहा कि नमाज के बाद बेवजह भीड़ एक स्थान पर न जुटाएं। अपील की कि मौसम खराब है, इसलिए वे सीधे घरों को जाएं।
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इधर, ऊ परकोट और शाहजमाल में सिटी मजिस्ट्रेट फोर्स के साथ तैनात रहे। उन्होंने आसपास के बाजारों में पैदल मार्च किया। लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देते हुए बाजारों को खोलें और हालात को सामान्य रखने में मदद करें। ऊपरकोट मस्जिद पर नमाज होने के बाद कुछ लोग शाहजमाल की ओर निकले भी थे। मगर, ईदगाह के सामने खाली मैदान में कीचड़ देख वहां रुकना मुनासिब न समझा। इसी बीच बारिश के आसार होने पर लोग सीधे अपने-अपने घरों को चले गए।
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बारिश से तालाब बना शाहजमाल का धरना स्थल
सीएए व एनआरसी के विरोध में शाहजमाल ईदगाह के सामने जारी धरना प्रदर्शन का 40वां दिन भी शांतिपूर्वक गुजरा। मगर, बारिश ने यहां के हालात बिगाड़ दिए। धरना स्थल तालाब की तरह बन गया। हालत यह हो गए कि महिलाएं यहां पड़े तख्तों पर बैठकर नारेबाजी की। इस असुविधा से अधिकांश महिलाएं यहां से घरों को लौट गईं। इधर, टेंट और गद्दे भी गीले हो गए। तख्त पर बैठ महिलाओं ने शाम को नारेबाजी की। मगर, भीड़ न होने के कारण उनका जोश भी जल्द ही ठंडा हो गया।
देर रात वे अपने-अपने घरों को चली गईं। रात एक बजे तक यहां करीब 20 महिलाएं ही रह गई थीं। शाहजमाल धरना प्रदर्शन में दिन प्रतिदिन भीड़ कम होती जा रही है। चर्चा है कि पिछले दो-तीन दिनों से कोरोना वायरस की खबरों के चलते भी भीड़ यहां आने से कतरा रही है। इधर, बारिश ने भी लोगों को मुसीबत में डाल रखा है। पंडाल के ऊपर तिरपाल लगा होने से इस उन्हें राहत तो मिल रही है। मगर, शुक्रवार को तेज बारिश ने सारे इंतजाम बिगाड़ दिए। टेंट में पानी भरा गया। जमीन से पानी बहकर धरना स्थल पर एकत्रित हो गया। कुछ घंटों के ळिए हालात तालाब जैसे हो गए। वहां पड़े गद्दे फिर से गीले हो गए। तख्तों पर बैठकर महिलाओं ने धरना जारी रखा और नारेबाजी भी की।