हटाने से बचते हैं सब: सुबह ही पहुंच जाते हैं फोन...मेरा होर्डिंग नहीं हटना चाहिए
शहर में रामघाट रोड पर दुबे का पड़ाव से लेकर क्वार्सी चौराहा तक, क्वार्सी चौराहे से पीएसी तक, अंदरूनी जीटी रोड पर सारसौल से पनैठी तक, गांधीपार्क बस स्टैंड, केलानगर-दोदपुर से कलक्ट्रेट तक, अनूपशहर रोड, मेडिकल कॉलेज रोड आदि जगहों पर अवैध होर्डिंग लगे हैं।
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अलीगढ़ शहर का कोई भी चौराहा देख लीजिए। किसी गली या मोहल्ले में चले जाइए। हर जगह अवैध होर्डिंग नजर आ जाएंगे। कहीं नव वर्ष, कहीं त्योहार की बधाई तो कहीं जन्मदिन वाले होर्डिंग। ऐसा भी नहीं है कि नगर निगम प्रशासन की निगाह इन पर नहीं जाती है। सबको पता है, लेकिन कार्रवाई नहीं होती। अफसर सब जानते हैं, लेकिन इनको हटाने से बचते हैं। दरअसल, होर्डिंग पर सियासी लोगों के फोटो हैं। भले ही इन होर्डिंग के कारण ट्रैफिक बाधित हो रहा हो, चौराहों की शक्ल बिगड़़ रही हो लेकिन फिर भी इन्हें हटाया नहीं जाता है।
शहर में ही ऐसे 50 हजार से ज्यादा अवैध होर्डिंग होंगे, जो मुख्य सड़कों, चौराहों की सुंदरता को बिगाड़ रहे हैं। इनसे नगर निगम को भी नुकसान हो रहा है, क्योंकि नगर निगम ने होर्डिंग लगाने के स्थल तय कर रखे हैं। जिससे नगर निगम को राजस्व प्राप्त होता है। मगर इसमें एक बड़ी संख्या उन होर्डिंग की होती है जो पूरी तरह से अवैध हैं।
शहर में रामघाट रोड पर दुबे का पड़ाव से लेकर क्वार्सी चौराहा तक, क्वार्सी चौराहे से पीएसी तक, अंदरूनी जीटी रोड पर सारसौल से पनैठी तक, गांधीपार्क बस स्टैंड, केलानगर-दोदपुर से कलक्ट्रेट तक, अनूपशहर रोड, मेडिकल कॉलेज रोड, आगरा रोड, मथुरा रोड, घंटाघर, सेंटर प्वाइंट, समद रोड, मैरिस रोड, लक्ष्मीबाई मार्ग, विद्यानगर, स्वर्णजयंती नगर, मान सरोवर, ज्ञान सरोवर में अवैध होर्डिंग, क्रॉस बैनर, पोस्टर, फ्लेक्स सिस्टम को चिढ़ा रहे हैं। आलम ये है कि बिजली के खंभे तक नहीं छोड़ जा रहे।
नगर निगम द्वारा अवैध होर्डिंग हटाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। टीमों का गठन कर दिया गया है। शुक्रवार को एटा चुंगी के पास लगे अवैध होर्डिंग हटाए गए हैं। यह अभियान लगातार चलेगा।-वीर सिंह, सहायक नगर आयुक्त।
हादसों का बन रहे कारण
हादसों का बन रहे कारण
नगर निगम द्वारा शहर भर में केवल 135 स्थल तय किए गए हैं, केवल यहीं होर्डिंग लग सकते हैं। बाकी सब अवैध हैं। जबकि शहर में लगे अवैध होर्डिंग की संख्या 50 हजार से भी ज्यादा होने का अनुमान है। अब सोच सकते हैं कि नगर निगम को कितने राजस्व का नुकसान हो रहा है, लेकिन अधिकारी खामोश हैं।
सुबह ही पहुंच जाते हैं फोन...मेरा होर्डिंग नहीं हटना चाहिए
इस समय शहर में सबसे ज्यादा अवैध होर्डिंग सत्ता से जुड़े लोगों के लगे हैं। जब भी इन्हें पता चलता है कि आज नगर निगम की टीम अवैध होर्डिंग हटाने के लिए निकल रही है तभी इधर-उधर फोन घुमाने लगते हैं। अफसरों तक से कह दिया जाता है कि कुछ दिन इन होर्डिंग को लगे रहने दीजिए। निगम के अधिकारी भी खामोश होकर बैठ जाते हैं।