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हवाओं का रुख रहा मेहरबान तो टिड्डी से फिर जीत जाएगा किसान
Thu, 28 May 2020 08:18 PM IST
राजेश सिंह
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Published by: राजेश सिंह
Updated Thu, 28 May 2020 08:18 PM IST
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टिड्डी
- फोटो : self
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टिड्डियों के आने की खबर से जिले के किसान एक सप्ताह से परेशान हैं। मगर, अभी हवाओं का रुख अलीगढ़ सहित आगरा और हाथरस के किसानों का साथ दे रहा है। बृहस्पतिवार को पश्चिम से पूर्व की ओर चलीं हवाओं ने टिड्डी दल की रफ्तार को थाम दिया। टिड्डी दल अभी राजस्थान के दौसा में है। उम्मीद जताई जा रही है कि अगर हवाओं का रुख इसी प्रकार रहा तो यह दल पहले के दलों की तरह दूसरी राह पकड़ लेगा। वहीं, दक्षिण से उत्तर की ओर हवा का रुख अगर होता है तो आज या कल में अलीगढ़, हाथरस में यह टिड्डियां दस्तक दे सकती हैं।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि वर्तमान में मक्का, मूंग, बाजार, लौकी, तोरई, भिंडी, टमाटर, कद्दू, खरबूजा, तरबूज फसलें खेतों में हो रही हैं। किसानों पर लाखों-करोड़ों टिड्डियों के दल से इन फसलों को बचाने का खतरा मंडरा रहा है। इनके हमले से फसलों को बचाने के लिए किसान खेतों में तेज ध्वनि पैदा करने वाले यंत्र बजा सकते हैं।
इसके साथ ही ढोल-मजीरों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर, किसी के खेत में टिड्डी बैठ जाती है तो किसान अगले ही दिन उक्त खेत की जुताई कर दे। साथ ही शाम के समय खेत के चारों ओर मशाल जला दें। अगर, किसी किसान की फसल को टिड्डी का दल नुकसान पहुंचाता है या किसी किसान को इस संबंध में परामर्श की आवश्यकता हो तो वह 9411610004 नंबर पर फोन कर जानकारी एवं सहायता प्राप्त कर सकता है।
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भारत-पाकिस्तान के बार्डर से पांच से आठ दल चले हैं, जो कि राजस्थान होते हुए उप्र की ओर बढ़ रहे हैं। इससे पहले 23 मई को भी एक दल आगरा और अलीगढ़ की ओर बढ़ा था। मगर, दक्षिण से पूर्व की ओर हवाओं का रुख होने से वह दल मप्र की ओर चला गया था।
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जिला कृषि रक्षा अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि वर्तमान में मक्का, मूंग, बाजार, लौकी, तोरई, भिंडी, टमाटर, कद्दू, खरबूजा, तरबूज फसलें खेतों में हो रही हैं। किसानों पर लाखों-करोड़ों टिड्डियों के दल से इन फसलों को बचाने का खतरा मंडरा रहा है। इनके हमले से फसलों को बचाने के लिए किसान खेतों में तेज ध्वनि पैदा करने वाले यंत्र बजा सकते हैं।
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इसके साथ ही ढोल-मजीरों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर, किसी के खेत में टिड्डी बैठ जाती है तो किसान अगले ही दिन उक्त खेत की जुताई कर दे। साथ ही शाम के समय खेत के चारों ओर मशाल जला दें। अगर, किसी किसान की फसल को टिड्डी का दल नुकसान पहुंचाता है या किसी किसान को इस संबंध में परामर्श की आवश्यकता हो तो वह 9411610004 नंबर पर फोन कर जानकारी एवं सहायता प्राप्त कर सकता है।
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भारत-पाकिस्तान के बार्डर से पांच से आठ दल चले हैं, जो कि राजस्थान होते हुए उप्र की ओर बढ़ रहे हैं। इससे पहले 23 मई को भी एक दल आगरा और अलीगढ़ की ओर बढ़ा था। मगर, दक्षिण से पूर्व की ओर हवाओं का रुख होने से वह दल मप्र की ओर चला गया था।