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पुराना स्टॉक खत्म हो तो जीएसटी का असर हो
ब्यूूराे, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Tue, 04 Jul 2017 01:29 AM IST
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जीएसटी को समझने में व्यापारियों से लेकर ग्राहकों तक सभी को परेशानी आ रही है। यही कारण है कि मार्केट में इसको लेकर भ्रम ज्यादा है। जानकारों की माने तो कुछ दिनों में ही सब कुछ सामान्य हो जाएगा। केंद्र सरकार का फैसला बहुत ही सराहनीय है। यह व्यवस्था काफी पहले हो जानी चाहिए थी। रामघाट रोड के व्यापारियों का कहना है कि पुराना स्टाक खत्म होगा, तभी जीएसटी का असर दिखाई देगा।
रविवार को अमर उजाला टीम ने रामघाट रोड इलाके में व्यापार कर रहे व्यापारियों और ग्राहकों से जीएसटी के हर एक पहलू पर चर्चा की। यहां कई व्यापारियों ने बताया कि जीएसटी लागू होने से उनकी परेशानियां बढ़ गई हैं। उन्हें अब दुकान पर एक कंप्यूटर रखना पड़ेगा, जिसे ऑपरेट करने के लिए एक अकाउंटेंट रखना पड़ेगा। कुछ व्यापारियों का कहना था कि पांच सौ रुपये से कम पर अलग टैक्स, एक हजार से ऊपर अलग टैक्स बसूला जा रहा है।
यह भ्रम की स्थिति पैदा कर रहा है। इस प्रक्रिया से टैक्स चोरी पर अंकुश भी नहीं लगाया जा सकता है। कुछ व्यापारियों ने बताया कि जिस वस्तु पर एमआरपी पहले से लिखी हुई है। उसमें पहले से ही टैक्स जुड़ा हुआ है। ज्यादातर व्यापारियों का कहना था कि अभी टैक्स की प्रक्रिया को समझने में हल्की सी दिक्कत आ रही है, हालांकि समय के साथ-साथ सब कुछ ठीक हो जाएगा।
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अभी व्यापार भी रुका पड़ा है, जो जल्द लाइन पर आ जाएगा। इस दौरान कई किराना स्टोर पर जीएसटी नंबर वाली बिल बुक भी देखी गईं, लेकिन उस पर बिल काटते हुए नहीं दिखाई दिए। उन्हें जब बिल जीएसटी बुक पर काटने के लिए कहा तो उन्होंने बताया कि यह पुराना स्टॉक है, जब यह खत्म हो जाएगा तो इस बिल को काटा जाया करेगा।
व्यापारियों के बोल
जीएसटी का सही से इंप्लीमेंट हो तो सब कुछ ठीक रहे। सरकार ने बहुत सही कदम उठाया है, लेकिन इस व्यवस्था में 20 लाख से नीचे वालों का भी रजिस्ट्रेशन होना चाहिए।
- रवि भूषण, देवत्र, वूलन जर्नल स्टोर
जीएसटी अच्छा प्लेटफार्म है। व्यापारियों के लिए हर चीज नई है तो समझने में थोड़ा सा समय लग रहा है। देश में एक टैक्स ही होना चाहिए। सरकार का यह फैसला सराहनीय हैं।
- कमल कुमार, आकाश मेडिकल
हमारी कंपनी के बिल पर पहले से ही जीएसटी लगकर आता है, क्योंकि हम लोग एमआरपी से अधिक प्रोडक्ट को बेच नहीं सकते हैं। जब उस प्रोडक्ट का बिल देते हैं तो उस पर कितने फीसदी जीएसटी लगा है। उसे अंकित करके देते हैं।
- गौरव शर्मा, रिलेक्शो मैनेजर
अभी पुराना स्टॉक है, इस कारण से जीएसटी कितने प्रतिशत लगा है। इसकी ठीक से जानकारी नहीं हो पा रही है। नया माल जब आ जाएगा तो उस पर साफ हो जाएगा कि किस वस्तु पर कितना जीएसटी लगा है।
- जिनेंद्र जैन, जैन प्रॉवीजन स्टोर
ग्राहकों का कहना हैं
कुछ वस्तुओं पर जीएसटी लगने से मध्य वर्ग के लोगों को राहत मिली है। कुछ वस्तु बहुत ही मंहगी हो गई हैं। जो भी है सरकार ने बहुत दिलेरी भरा फैसला लिया है, जिसे कई साल पहले ले लेना चहिए था।
- कपिल चौहान, छेरत
जीएसटी लागू करने का सरकार ने बहुत सही फैसला लिया है। अभी टैक्स देने में ग्राहकों को कष्ट हो रहा है, लेकिन यह कदम सबसे ज्यादा राहत ग्राहकों को ही देगा।
- लकी जैन, सिटी एंकलिब
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रविवार को अमर उजाला टीम ने रामघाट रोड इलाके में व्यापार कर रहे व्यापारियों और ग्राहकों से जीएसटी के हर एक पहलू पर चर्चा की। यहां कई व्यापारियों ने बताया कि जीएसटी लागू होने से उनकी परेशानियां बढ़ गई हैं। उन्हें अब दुकान पर एक कंप्यूटर रखना पड़ेगा, जिसे ऑपरेट करने के लिए एक अकाउंटेंट रखना पड़ेगा। कुछ व्यापारियों का कहना था कि पांच सौ रुपये से कम पर अलग टैक्स, एक हजार से ऊपर अलग टैक्स बसूला जा रहा है।
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यह भ्रम की स्थिति पैदा कर रहा है। इस प्रक्रिया से टैक्स चोरी पर अंकुश भी नहीं लगाया जा सकता है। कुछ व्यापारियों ने बताया कि जिस वस्तु पर एमआरपी पहले से लिखी हुई है। उसमें पहले से ही टैक्स जुड़ा हुआ है। ज्यादातर व्यापारियों का कहना था कि अभी टैक्स की प्रक्रिया को समझने में हल्की सी दिक्कत आ रही है, हालांकि समय के साथ-साथ सब कुछ ठीक हो जाएगा।
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अभी व्यापार भी रुका पड़ा है, जो जल्द लाइन पर आ जाएगा। इस दौरान कई किराना स्टोर पर जीएसटी नंबर वाली बिल बुक भी देखी गईं, लेकिन उस पर बिल काटते हुए नहीं दिखाई दिए। उन्हें जब बिल जीएसटी बुक पर काटने के लिए कहा तो उन्होंने बताया कि यह पुराना स्टॉक है, जब यह खत्म हो जाएगा तो इस बिल को काटा जाया करेगा।
व्यापारियों के बोल
जीएसटी का सही से इंप्लीमेंट हो तो सब कुछ ठीक रहे। सरकार ने बहुत सही कदम उठाया है, लेकिन इस व्यवस्था में 20 लाख से नीचे वालों का भी रजिस्ट्रेशन होना चाहिए।
- रवि भूषण, देवत्र, वूलन जर्नल स्टोर
जीएसटी अच्छा प्लेटफार्म है। व्यापारियों के लिए हर चीज नई है तो समझने में थोड़ा सा समय लग रहा है। देश में एक टैक्स ही होना चाहिए। सरकार का यह फैसला सराहनीय हैं।
- कमल कुमार, आकाश मेडिकल
हमारी कंपनी के बिल पर पहले से ही जीएसटी लगकर आता है, क्योंकि हम लोग एमआरपी से अधिक प्रोडक्ट को बेच नहीं सकते हैं। जब उस प्रोडक्ट का बिल देते हैं तो उस पर कितने फीसदी जीएसटी लगा है। उसे अंकित करके देते हैं।
- गौरव शर्मा, रिलेक्शो मैनेजर
अभी पुराना स्टॉक है, इस कारण से जीएसटी कितने प्रतिशत लगा है। इसकी ठीक से जानकारी नहीं हो पा रही है। नया माल जब आ जाएगा तो उस पर साफ हो जाएगा कि किस वस्तु पर कितना जीएसटी लगा है।
- जिनेंद्र जैन, जैन प्रॉवीजन स्टोर
ग्राहकों का कहना हैं
कुछ वस्तुओं पर जीएसटी लगने से मध्य वर्ग के लोगों को राहत मिली है। कुछ वस्तु बहुत ही मंहगी हो गई हैं। जो भी है सरकार ने बहुत दिलेरी भरा फैसला लिया है, जिसे कई साल पहले ले लेना चहिए था।
- कपिल चौहान, छेरत
जीएसटी लागू करने का सरकार ने बहुत सही फैसला लिया है। अभी टैक्स देने में ग्राहकों को कष्ट हो रहा है, लेकिन यह कदम सबसे ज्यादा राहत ग्राहकों को ही देगा।
- लकी जैन, सिटी एंकलिब