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कैसे पहुंचे आजाद! सब हैरान.. तीन घंटे अलीगढ़ से हाथरस तक हलकान
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चंद्रशेखर आजाद को जेएन मेडिकल कॉलेज के आईसीयू वार्ड में जाने से रोकती पुलिस।
- फोटो : CITY OFFICE
भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद के आगमन को लेकर अलीगढ़ के साथ-साथ हाथरस जिले की पुलिस सुबह से ही अलर्ट थी। इसे लेकर गभाना टोल से लेकर जेएन मेडिकल कालेज तक चारो ओर कड़ा सुरक्षा घेरा बनाया गया। मगर उन्होंने सभी सुरक्षा घेरों को धता बताकर मेडिकल कॉलेज पहुंचकर पुलिस प्रशासन के हाथ पांव फुला दिए। इस दौरान तीन बजे तक अलीगढ़ से ज्यादा हाथरस जिले की पुलिस इसलिए हलकान रही कि कहीं अब वह हाथरस में बेटी के गांव न आ जाए। हालांकि, पुलिस के तल्ख तेवर और अब मेडिकल से हाथरस न जाने देने की सख्ती के चलते उनको यहां बुलाने वाले नेताओं ने चंद्रशेखर को वापस जाने को राजी किया। तब जाकर अधिकारियों ने राहत महसूस की। इस दौरान बेटी से मुलाकात की जिद और फिर हाथरस जाने की जिद पर समर्थकों व पुलिस के बीच टकराव के हालात बने।
उनके यहां आने की खबर के बाद से ही चंद्रशेखर आजाद की लोकेशन लेने के लिए उनके फोन को सर्विलांस पर लगाया गया। सुबह 11 बजे करीब गजियाबाद इंदिरापुरम के बाद कोई लोकेशन नहीं मिली। एकाएक तीन बजे खबर मिली कि वे पूर्व मंत्री चौ. महेंद्र सिंह के साथ हैं तो उनकी लोकेशन पर काम हुआ। तो पता चला कि वे तो मेडिकल कॉलेज पर ही हैं। पुलिस की एक टुकड़ी इंस्पेक्टर क्वार्सी व सीओ प्रथम के नेतृत्व में मेडिकल गेट पर थी और यह खबर मिलते ही गेट के चारों ओर भागदौड़ शुरू की। इसी बीच पुरानी इमरजेंसी के ऊपर रेडियोलॉजी डिपार्टमेंट के पास बने वार्ड के गेट पर मौजूद इंस्पेक्टर सिविल लाइंस व चंद्रशेखर के बीच हुज्जत की खबर आ गई।
बस फिर क्या था, वहां भगदड़ मच गई। इतनी देर में सौ से डेढ़ सौ समर्थक भी चारों ओर से वहां टूट पड़े।
कुछ ही पल में वहां काफी संख्या में पुलिस बल, एडीएम सिटी, एसपी क्राइम, एसपी यातायात, एएसपी हाथरस, एसीएम द्वितीय, सीओ द्वितीय आदि पहुंच गए। काफी देर तक पुलिस ने झड़प चालू रही। मामला बढ़ता देख सिर्फ चंद्रशेखर आजाद को वार्ड के भीतर प्रवेश करा दिया। हालांकि, डाक्टरों ने बेटी से मिलने की अनुमति नहीं दी। इस पर उन्होंने वीडियो कॉल के जरिये युवती की हालत देखी। इसके बाद परिवार वालों से करीब आधे घंटे तक बातचीत की। इसी बीच एडीएम सिटी व एसीएम द्वितीय को ज्ञापन सौंपा। इसके बाद वह हाथरस जाने की मांग पर अड़ गए। मगर, प्रशासन ने अनुमति नहीं दी। काफी देर की बहसबाजी के बाद वह वापस लौटने को तैयार हुए।
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कोविड नियमों के उल्लंघन में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी
इस दौरान मेडिकल कालेज के भीतर भीम आर्मी के सदस्यों ने कोविड नियमों को ताक पर रख दिया। रेडियोलॉजी विभाग में जुटे भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं व संस्थापक चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ पुलिस सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने, धारा 144 लागू होने के बाद भी भीड़ जुटाने सहित महामारी अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी में जुट गई है। एसपी क्राइम डा. अरविंद कुमार के मुताबिक जेएन मेडिकल कालेज से सीसीटीवी फुटेज मांगे गए हैं। कुछ पुलिसकर्मियों ने मौके पर मौजूद रहकर वीडियो भी बनाई है। उन सभी का अवलोकन करने के बाद सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
दो घंटे हाईवोल्टेज पर रहा जेएनएमसी
चंद्रशेखर आजाद के शाम चार बजे जेएन मेडिकल कालेज पहुंचने के बाद शाम छह बजे उनके यहां से रवाना होने तक यहां हाईवोल्टेज ड्रामा चला। शहर के सिविल लाइंस, बन्नादेवी, क्वार्सी, गांधी पार्क देहली गेट की पुलिस टीमों के साथ सीओ प्रथम, एलआईयू की टीम, एएमयू के सुरक्षा कर्मी हाई अलर्ट पर रहते हुए मौके पर मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं द्वारा नारेबाजी करने पर उनको जैसे-तैसे समझाकर शांत किया गया।
शांतिपूर्ण निपटा मामला, अधिकारियों ने ली राहत की सांस
चंद्रशेखर के आगमन व भीम आर्मी के पुराने उग्र प्रदर्शनों को देखते हुए अधिकारियों ने शनिवार रात को ही जेएन मेडिकल कालेज सहित पूरे शहर को हाई अलर्ट पर रखा। रविवार सुबह से ही हर तरफ भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं की गतिविधियों पर निगाह रखी गई। जेएन मेडिकल कालेज में बिना चेकिंग के किसी भी वाहन को प्रवेश नहीं करने दिया। शाम चार बजे जैसे ही चंद्रशेखर मेडिकल कालेज पहुंचा। सुरक्षा व्यवस्था और एलआईयू के इनपुट पर सवाल खड़े हो गए। कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच यहां हुए गहमागहमी के चलते हालत बिगड़ने की नौबत आ गई। मगर, कुछ देर में मामला शांत होने और चंद्रशेखर के वापस लौटने पर अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
घटनाक्रम एक नजर में
3:30 बजे पता चला चौ. महेंद्र सिंह संग हैं चंद्रशेखर आजाद
3:45 बजे चौ. महेंद्र सिंह की मोबाइल लोकेश मेडिकल पर
4:00 बजे वार्ड के बाहर पहुंचे चंद्रशेखर पुलिस में हड़कंप
4:15 बजे वार्ड के अंदर चंद्रशेखर को पुलिस ने प्रवेश दिया
5:15 बजे तक चंद्रशेखर वार्ड के अंदर परिवार के साथ रहे
6:00 बजे तक वापसी के लिए मेडिकल के बाहर खींचतान
6:30 बजे संबोधन के बाद बमुश्किल गाजियाबाद को रवाना
7:00 बजे गभाना टोल पर कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर गए
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उनके यहां आने की खबर के बाद से ही चंद्रशेखर आजाद की लोकेशन लेने के लिए उनके फोन को सर्विलांस पर लगाया गया। सुबह 11 बजे करीब गजियाबाद इंदिरापुरम के बाद कोई लोकेशन नहीं मिली। एकाएक तीन बजे खबर मिली कि वे पूर्व मंत्री चौ. महेंद्र सिंह के साथ हैं तो उनकी लोकेशन पर काम हुआ। तो पता चला कि वे तो मेडिकल कॉलेज पर ही हैं। पुलिस की एक टुकड़ी इंस्पेक्टर क्वार्सी व सीओ प्रथम के नेतृत्व में मेडिकल गेट पर थी और यह खबर मिलते ही गेट के चारों ओर भागदौड़ शुरू की। इसी बीच पुरानी इमरजेंसी के ऊपर रेडियोलॉजी डिपार्टमेंट के पास बने वार्ड के गेट पर मौजूद इंस्पेक्टर सिविल लाइंस व चंद्रशेखर के बीच हुज्जत की खबर आ गई।
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बस फिर क्या था, वहां भगदड़ मच गई। इतनी देर में सौ से डेढ़ सौ समर्थक भी चारों ओर से वहां टूट पड़े।
कुछ ही पल में वहां काफी संख्या में पुलिस बल, एडीएम सिटी, एसपी क्राइम, एसपी यातायात, एएसपी हाथरस, एसीएम द्वितीय, सीओ द्वितीय आदि पहुंच गए। काफी देर तक पुलिस ने झड़प चालू रही। मामला बढ़ता देख सिर्फ चंद्रशेखर आजाद को वार्ड के भीतर प्रवेश करा दिया। हालांकि, डाक्टरों ने बेटी से मिलने की अनुमति नहीं दी। इस पर उन्होंने वीडियो कॉल के जरिये युवती की हालत देखी। इसके बाद परिवार वालों से करीब आधे घंटे तक बातचीत की। इसी बीच एडीएम सिटी व एसीएम द्वितीय को ज्ञापन सौंपा। इसके बाद वह हाथरस जाने की मांग पर अड़ गए। मगर, प्रशासन ने अनुमति नहीं दी। काफी देर की बहसबाजी के बाद वह वापस लौटने को तैयार हुए।
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कोविड नियमों के उल्लंघन में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी
इस दौरान मेडिकल कालेज के भीतर भीम आर्मी के सदस्यों ने कोविड नियमों को ताक पर रख दिया। रेडियोलॉजी विभाग में जुटे भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं व संस्थापक चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ पुलिस सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने, धारा 144 लागू होने के बाद भी भीड़ जुटाने सहित महामारी अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी में जुट गई है। एसपी क्राइम डा. अरविंद कुमार के मुताबिक जेएन मेडिकल कालेज से सीसीटीवी फुटेज मांगे गए हैं। कुछ पुलिसकर्मियों ने मौके पर मौजूद रहकर वीडियो भी बनाई है। उन सभी का अवलोकन करने के बाद सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
दो घंटे हाईवोल्टेज पर रहा जेएनएमसी
चंद्रशेखर आजाद के शाम चार बजे जेएन मेडिकल कालेज पहुंचने के बाद शाम छह बजे उनके यहां से रवाना होने तक यहां हाईवोल्टेज ड्रामा चला। शहर के सिविल लाइंस, बन्नादेवी, क्वार्सी, गांधी पार्क देहली गेट की पुलिस टीमों के साथ सीओ प्रथम, एलआईयू की टीम, एएमयू के सुरक्षा कर्मी हाई अलर्ट पर रहते हुए मौके पर मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं द्वारा नारेबाजी करने पर उनको जैसे-तैसे समझाकर शांत किया गया।
शांतिपूर्ण निपटा मामला, अधिकारियों ने ली राहत की सांस
चंद्रशेखर के आगमन व भीम आर्मी के पुराने उग्र प्रदर्शनों को देखते हुए अधिकारियों ने शनिवार रात को ही जेएन मेडिकल कालेज सहित पूरे शहर को हाई अलर्ट पर रखा। रविवार सुबह से ही हर तरफ भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं की गतिविधियों पर निगाह रखी गई। जेएन मेडिकल कालेज में बिना चेकिंग के किसी भी वाहन को प्रवेश नहीं करने दिया। शाम चार बजे जैसे ही चंद्रशेखर मेडिकल कालेज पहुंचा। सुरक्षा व्यवस्था और एलआईयू के इनपुट पर सवाल खड़े हो गए। कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच यहां हुए गहमागहमी के चलते हालत बिगड़ने की नौबत आ गई। मगर, कुछ देर में मामला शांत होने और चंद्रशेखर के वापस लौटने पर अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
घटनाक्रम एक नजर में
3:30 बजे पता चला चौ. महेंद्र सिंह संग हैं चंद्रशेखर आजाद
3:45 बजे चौ. महेंद्र सिंह की मोबाइल लोकेश मेडिकल पर
4:00 बजे वार्ड के बाहर पहुंचे चंद्रशेखर पुलिस में हड़कंप
4:15 बजे वार्ड के अंदर चंद्रशेखर को पुलिस ने प्रवेश दिया
5:15 बजे तक चंद्रशेखर वार्ड के अंदर परिवार के साथ रहे
6:00 बजे तक वापसी के लिए मेडिकल के बाहर खींचतान
6:30 बजे संबोधन के बाद बमुश्किल गाजियाबाद को रवाना
7:00 बजे गभाना टोल पर कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर गए

जेएन मेडिकल कॉलेज में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते चंद्रशेखर आजाद।- फोटो : CITY OFFICE