Aligarh: होटल संचालक व उसके दोस्त की गोली मारकर हत्या, बंद कार में मिलीं लाश,प्लास्टिक के बोरों से ढके थे शीशे
एक कार को सड़क से उतारकर खेत में एक पेड़ के सहारे खड़ा किया गया था। कार के शीशे प्लास्टिक के बोरों ढके थे। कार बाहर से लॉक थी। अंदर खून से लथपथ एक शव ड्राइवर के बगल वाली सीट पर व दूसरा उसके पीछे वाली सीट पर पड़ा था।
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अलीगढ़ महानगर के खेरेश्वर हाईवे बाईपास पर ओयो होटल संचालक बॉबी (32) व उसके दोस्त मोहित (24) की 25 दिसंबर को गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों के शव बंद कार में खैर क्षेत्र के गांव उदयपुर के पास छोड़ दिए गए। शाम पांच बजे लावारिस खड़ी कार पर जब ग्रामीणों की नजर गई और कार के पास जाकर देखा तो घटना की जानकारी हुई।
एसपी देहात अमृत जैन के अनुसार खैर क्षेत्र में सोमना रोड पर स्थित गांव उदयपुर के पास दोपहर करीब दो बजे से एक कार खड़ी थी। कार को सड़क से उतारकर खेत में एक पेड़ के सहारे खड़ा किया गया था। ग्रामीणों ने पहले तो किसी प्रॉपर्टी डीलर की कार समझा, शाम पांच बजे तक जब कार यूं ही लावारिस खड़ी रही, तब खेतों में काम कर रहे लोगों ने पास जाकर देखा तो कार के शीशे प्लास्टिक के बोरों ढके थे। कार बाहर से लॉक थी। अंदर खून से लथपथ एक शव ड्राइवर के बगल वाली सीट पर व दूसरा उसके पीछे वाली सीट पर पड़ा था।
आनन फानन एसएसपी इलाका पुलिस, फील्ड यूनिट आदि पहुंच गई। कार का शीशा तोड़कर दरवाजा खोल दोनों शव निकाले गए। दोनों के गर्दन के आसपास गहरी चोट के निशान थे। खून बह रहा था। अंदेशा जताया गया कि दोनों के कम से कम दो-दो गोलियां मारी गई है। कार नंबर के आधार पर दोनों की पहचान बन्नादेवी के गांव ताजपुर रसूलपुर के बॉबी व मोहित के शवों के रूप में हुई।
इनमें से बॉबी खेरेश्वर हाईवे पर बीके आर्या नाम से ओयो होटल का संचालक था, जबकि उसका पड़ोसी और दोस्त मोहित एक कारखाने में काम करता था। बॉबी ने 24 दिसंबर शाम गांव के जमील से कार भाड़े पर ली थी। इसके बाद सुबह भी उसे गांव में देखा गया। दोनों यहां किस तरह पहुंचे, उनके साथ और कौन था, हत्या किसने की। इन सवालों का जवाब देर रात समाचार लिखे जाने तक नहीं मिल सका था। पुलिस ने परिवार को सूचना दी और दोहरे हत्याकांड के खुलासे में तीन टीमें लगा दी हैं।

कार में दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया गया है। दोनों युवकों की गर्दन के पास चोट हैं। चोट गोली की हैं या किसी अन्य हथियार की। ये पोस्टमार्टम में स्पष्ट होगा। कार में उनके साथ एक या दो अन्य साथी थे। अंदेशा है कि उन्हीं ने किसी विवाद पर हत्या की होगी। इसके लिए टीमें प्रयासरत हैं। कुछ संदिग्ध पूछताछ के लिए बुलाए गए हैं। जल्द खुलासा किया जाएगा।-नीरज जादौन, एसएसपी
महिला और जुआ खेलने के विवाद पर टिकी जांच
अलीगढ़ के खेरेश्वर हाईवे बाईपास पर ओयो होटल संचालक बॉबी व उसके दोस्त मोहित की हत्या की जांच महिला व जुआ विवाद के बीच टिक गई है। खास बात यह है कि हत्या से चंद घंटे पहले बॉबी के होटल में पार्टी हुई थी। उसकी गाड़ी में तीन लाख रुपये भी मिले हैं। पुलिस ने पांच लोग हिरासत में ले लिए हैं। होटल की रिसेप्शनिस्ट गायब है, उसकी पुलिस तलाश कर रही है।
सुबह से कार लेकर घूमा बॉबी, फिर हुई होटल में पार्टी
एसपी देहात अमृत जैन बताते हैं कि अब तक की जांच में उजागर हुआ है कि बॉबी ने बुधवार शाम यह गाड़ी किराये पर लेकर अपने घर खड़ी कर ली थी। मगर यह किसी को नहीं बताया था कि जाना कहां है। इसके बाद वह इसे लेकर बृहस्पतिवार को सुबह यहां घूमा भी था। सुबह के समय सूत मिल तक आया था। इसके बाद होटल पर पहुंचा था। वहां उसके कुछ दोस्त भी थे, जिनमें मोहित भी था।
होटल पर नीचे तीन कमरे ग्राहकों के लिए हैं। ऊपर एक कमरा खुद बॉबी व उसकी रिसेप्शनिस्ट के लिए है, जिसमें रोजाना प्रयोग के घरेलू सामान के अलावा महिला मित्र संग दिन में पार्टी होने के साक्ष्य भी मिले हैं। शराब सहित काफी कुछ सामान ऐसा मिला है, जो पार्टी में कई लोगों के शामिल होने की गवाही देता है। कुछ सामान आपत्तिजनक भी है।
वह जुआ खेलने का आदी था। इसके साक्ष्य भी मिले हैं। इस ग्रुप से जुड़े लोगों से उसकी दोस्ती थी। इसी आधार पर अब तक पांच लोग हिरासत में लिए गए हैं, जिनमें कुछ बॉबी के गांव के व कुछ आसपास क्षेत्र के हैं। बन्नादेवी क्षेत्र की रहने वाली उसकी रिसेप्शनिस्ट लापता है।
अंदेशा है कि विवाहित बॉबी का अविवाहित रिसेप्शनिस्ट को लेकर किसी साथी या रिसेप्शनिस्ट के किसी प्रेम संबंध में कोई विवाद हुआ हो, जिसमें हत्या हुई हो। लापता रिसेप्शनिस्ट के घर पुलिस भेजी गई। वहां किसी की मृत्यु होने के कारण परिवार से ज्यादा बात नहीं हो सकी। वह अपने घर भी नहीं मिली। उसकी तलाश में एक टीम लगी है। संकेत हैं कि रात में या सुबह तक वह मिल जाएगी। उसके मिलते ही सब कुछ साफ हो जाएगा।
साथ होने के चलते गई मोहित की जान
अब तक की पुलिस जांच में यह सामने आ रहा है कि इस पूरे विवाद में मोहित का कोई लेना देना नहीं। वह सिर्फ बॉबी के साथ होने व दोस्त होने के कारण मारा गया। हो सकता है कि उसने हत्या के समय बॉबी का पक्ष लिया हो या विरोध किया हो। या फिर आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने के लिए उसे भी मार दिया हो।
जुआ व क्रिकेट के सट्टे मेंं भी अंदेशा, मिले रुपये
परिवार की ओर से सुबह यह आरोप लगाया गया था कि बॉबी के पास से तीन लाख रुपये गायब हैं। पुलिस जांच में उसकी गाड़ी में ही रुपये मिल गए। इसी आधार पर साफ हुआ कि वह खुद जुआ खेलने का आदी था। साथ में क्रिकेट में भी बड़ा सट्टा लगाता था। लोधा क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट नगर में क्रिकेट होता हैं। जहां बाहर से आने वाली टीमों पर लोग सट्टा लगाते हैं। इस हत्या में हार जीत का विवाद भी हो सकता है।
बॉबी को मारी तीन गोली, मोहित को एक
शुक्रवार को पोस्टमार्टम में उजागर हुआ कि बॉबी के तीन गोलियां मारी गईं। एक गोली सिर में, एक सीने में व एक गर्दन में पीछे से मारी गई थी, जिससे उसकी जान गई। वहीं मोहित को सिर्फ एक गोली सिर में मारी गई, जिससे ब्रेन में चोट आने से उसकी मृत्यु हो गई। बॉबी ने बुधवार शाम पड़ोसी गांव सारसौल के जमील से कार भाड़े पर ली थी। इसके बाद सुबह भी उसे गांव में देखा गया, लेकिन दोनों यहां किस तरह पहुंचे? उनके और कौन था? हत्या किसने की? इन सवालों का जवाब देर रात समाचार लिखे जाने तक नहीं मिल सका था। पुलिस ने परिवार को खबर देकर दोहरे हत्याकांड के खुलासे में तीन टीमें लगा दी हैं।