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Aligarh News: मुठभेड़ में मारा गया हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर यूपी पुलिस के रिकार्ड में गुमशुदा

Mon, 24 Jul 2023 01:16 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 24 Jul 2023 01:16 AM IST
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Hizbul Mujahideen commander killed in encounter missing in UP police records
जम्मू कश्मीर में सेना के हाथों मारे गया हिजबुल कमांडर और एएमयू का पूर्व छात्र मन्नान वानी यूपी पुलिस की फाइलों में पांच वर्ष बाद भी गुमशुदा के रूप में दर्ज है। जनवरी 2018 में उसके विश्वविद्यालय से अचानक लापता हो जाने के बाद एएमयू इंतजामिया की ओर से थाना सिविल लाइन में उसकी गुमशुदी दर्ज कराई गई थी। इसके बाद वह आतंकी घोषित हुआ और अक्तूबर 2018 में मुठभेड़ में मारा गया। मगर नियमों के पूरा न होने के चलते उसकी गुमशुदगी आज तक न दाखिल दफ्तर हुई और न उसमें क्लोजर रिपोर्ट लगी।
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एएमयू के भूगर्भ विज्ञान विभाग के शोधार्थी रहे जिस मन्नान वानी ने एएमयू से गायब होने के बाद कश्मीर घाटी में आतंक की राह पर चलने की वजह बताते हुए अपना एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल किया था। खुद को आतंकी बताया था। वह मन्नान वानी यूपी पुलिस के रिकार्ड में कब तक गुमशुदा रहेगा, यह सवाल एक बार फिर ज्वलंत हो रहा है। कानून के जानकार बताते हैं कि ऐसा पुलिस ने जानबूझकर नहीं, बल्कि कानूनी मजबूरियों के चलते ऐसा कर रखा है। जब तक सेना या कश्मीर पुलिस की ओर से उसके मृत होने की लिखित खबर नहीं मिलती, वह यूपी पुलिस के रिकार्ड में इसी तरह गुमशुदा ही रहेगा। बता दें कि सेना ने कश्मीर के टॉप-10 आतंकियों की सूची में भी मन्नान को शामिल किया था।
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जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा जिले का मन्नान वानी यहां एएमयू में भूगर्भ विज्ञान का शोधार्थी था और हबीब हॉल में रहता था। उसके अचानक गायब होने के तीसरे दिन सोशल मीडिया पर उसका एक फोटो एके-47 के साथ आतंकी वेश में वायरल हुआ और हिजबुल मुजाहिदीन प्रवक्ता ने उसके संगठन में शामिल होने की घोषणा की। इस खबर के वायरल होने पर अलीगढ़ से लेकर जम्मू तक की सभी एजेंसियां हरकत में आ गईं। इसी सिलसिले में जब 15 जनवरी 2018 को जम्मू पुलिस यहां आई और एएमयू से सवाल किया कि आपके स्तर से क्या कानूनी प्रक्रिया अपनाई गई तो आनन-फानन हबीब हॉल प्रोवोस्ट ने सिविल लाइंस में मन्नान की गुमशुदगी दर्ज कराई। बाद में उस गुमशुदगी सूचना को जम्मू पुलिस अपने साथ ले गई और यूपी पुलिस मुख्यालय ने भी इस संबंध में सभी एजेंसियों व जम्मू पुलिस मुख्यालय को अवगत करा दिया था। इसके बाद वह अक्तूबर 2018 में कश्मीर में ही मुठभेड़ में मारा गया। इसके बाद भी वह कानून के अनुसार सिविल लाइंस पुलिस व डीसीआरबी रिकार्ड में आज भी वह गुमशुदा है।
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-वैसे यह पुराना मामला है। उस समय क्या स्थितियां रहीं, ये कहा नहीं जा सकता। मगर इस तरह के मामलों में नियम यही कहता है कि जब तक गुमशुदा व्यक्ति जिंदा-मुर्दा वापस मिल न जाए। तब तक गुमशुदगी बरकरार रहती है। इस मामले में जम्मू पुलिस या सेना को वहां से उसकी मृत्यु के संबंध में रिपोर्ट देनी थी। अब वह रिपोर्ट किन वजहों से नहीं आ पाई। इसमें अब नियमानुसार कदम उठाकर रिपोर्ट मंगाई जाएगी और इस मन्नान वानी की गुमशुदगी में क्लोजर रिपोर्ट लगवाई जाएगी।
-संजय जायसवाल, इंस्पेक्टर सिविल लाइंस
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