हिंदू गौरव दिवस: भाजपा फिर बाबूजी के शहर से देगी हिंदुत्व-पिछड़े एजेंडे को धार, विपक्षी सियासत पर पहुंचेगी चोट
कल्याण सिंह का देहांत 21 अगस्त 2021 को हुआ था। उनके देहांत के बाद पुण्यतिथि का पहला आयोजन लखनऊ में हुआ था। इसके बाद दूसरा आयोजन अलीगढ़ के नुमाइश परिसर में हुआ। तीसरी पुण्यतिथि लखनऊ में मनाई गई। चौथी पुण्यतिथि अलीगढ़ में होगी।
विस्तार
पूर्व सीएम कल्याण सिंह के गांव मढ़ौली को जाने वाले रामघाट-कल्याण मार्ग पर कल्याण सिंह द्वारा बसाई गई तालानगरी में उनकी चौथी पुण्यतिथि पर हिंदू गौरव दिवस मनाया जाएगा। इस आयोजन के सहारे भाजपाई दिग्गजों का जमावाड़ा कल्याण सिंह के शहर से प्रदेश में हिंदुत्व-पिछड़े एजेंडे को धार देने का प्रयास करेगा। इस तरह के संकेत अभी से हो रही तैयारियों को लेकर मिलने लगे हैं।
सूबे के पूर्व सीएम व राम मंदिर नायक के रूप में उभरे कट्टर हिंदू छवि वाले नेता स्व.कल्याण सिंह का देहांत 21 अगस्त 2021 को हुआ था। उनके देहांत के बाद पुण्यतिथि का पहला आयोजन लखनऊ में हुआ था। इसके बाद दूसरा आयोजन अलीगढ़ के नुमाइश परिसर में हुआ। जिसे पहली बार हिंदू गौरव दिवस के रूप में मनाकर प्रतिवर्ष इसे आयोजित करने का एलान खुद कल्याण परिवार व भाजपा ने किया था। उसी क्रम में तीसरी पुण्यतिथि लखनऊ में मनाई गई।
हालांकि अब तक यह आयोजन अयोध्या में मनाया जाना तय किया गया था। ताकि अयोध्या के जिस राम मंदिर के लिए उन्हें राम मंदिर नायक की उपाधि मिली। उस धरती से प्रदेश में हिंदुत्व व पिछड़े एजेंडे को धार दी जा सके। मगर कतिपय कारणों से यह आयोजन अयोध्या में न होना तय हुआ है। अब इसे फिर से बाबूजी की जन्म व कर्मस्थली अलीगढ़ व उनके गांव को जाने वाले मार्ग पर बसी तालानगरी में आयोजित करना तय किया गया है।
इस आयोजन के जरिये बाबूजी को प्रतिवर्ष श्रद्धांजलि दी जाती है। उसी तरह से इस बार यह आयोजन अलीगढ़ में उसी शिद्दत से करने का प्रयास है। जिसमें तमाम लोग आमंत्रित किए जा रहे हैं।-राजवीर सिंह राजू, पूर्व सांसद
विपक्षी सियासत पर चोट पहुंचाने का होगा प्रयास
कल्याण सिंह कट्टर हिंदू छवि के नेता से पहले यूपी में पिछड़ों के बड़े नेता के रूप में उभरे थे। उसी दम पर उन्होंने भाजपा को सत्ता में पहुंचाने का काम किया था। उनके देहांत के बाद प्रदेश भाजपा में उस कद के पिछड़े नेता का अभाव दिखता है। वहीं विपक्षी दलों ने पीडीए के नाम पर पिछड़ों को एकजुट करने का दाव खेल रखा है। इसका नतीजा भाजपा को यूपी में हाल में हुए लोकसभा चुनाव में भी देखने को मिला था। इसी काट के रूप में भाजपा इस आयोजन में पूरी ताकत लगाने के साथ हिंदुत्व व पिछड़े एजेंडे को धार देने का प्रयास करेगी। ताकि आने वाले पंचायत व विधानसभा चुनाव तक की योजना बनाई जा सके। इसी तरह का प्रयास कल ही अलीगढ़ आए योगी आदित्यनाथ ने किया था।
तब भी हुए थे कल्याण को श्रद्धांजलि के ये आह्वान
बात अगर वर्ष 2023 के नुमाइश परिसर में हुए आयोजन की करें तो तब भी गृह मंत्री अमित शाह, सीएम योगी आदित्यनाथ व डिप्टी सीएम केशव प्रसाद सहित एक दर्जन मंत्री शामिल हुए थे। तब भी इन दिग्गजों ने यही आह्वान किया था कि यूपी की सभी सीटें जिताना ही कल्याण सिंह सरीखे नेता को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। साथ में कल्याण सिंह के बताए मार्ग पर यूपी की सत्ता चलाने की बात कहते हुए कल्याण सिंह द्वारा पिछड़ों के लिए किए गए कार्य याद दिलाकर यूपी के 40 फीसदी पिछड़ों को एकजुट करने का प्रयास किया था।
फिर परिवार जुटाएगा इतने दिग्गजों को
अपने जिले में सबसे अधिक सियासी दिग्गजों को एक साथ एक आयोजन में जुटाने का श्रेय हमेशा उनकी विरासत संभाल रहे कल्याण सिंह के परिवार को गया है। लोधी समाज में सर्वमान्य नेता रहे कल्याण सिंह के बाद उस स्थान को भरने के लिए खुद उनके पुत्र राजवीर सिंह राजू लगातार प्रयासरत हैं। इस बार फिर वे इतने सियासी दिग्गजों को एक मंच पर लाकर अपनी ताकत दिखाने जा रहे हैं, जिसके लिए वे खुद व उनकी पूरी टीम लगातार प्रयासरत है।