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हिजाब विवाद: अलीगढ़ के छात्रों ने भगवा पहनकर किया पठन पाठन, शिक्षा का इस्लामीकरण नहीं होने देने की चेतावनी

Mon, 14 Feb 2022 06:29 PM IST
सुशील कुमार अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: सुशील कुमार Updated Mon, 14 Feb 2022 06:29 PM IST
सार

ज्ञापन में बुर्का व हिजाब पहनकर आने वाली छात्राओं के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की। कहा कि यदि ऐसा न हुआ तो हिंदू छात्र-छात्राएं भगवा गमछा, तिलक लगाकर आने के लिए मजबूर होंगे।

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Hijab controversy Aligarh students study wearing saffron warn not to allow Islamization of education
छात्रों ने भगवा पहनकर किया पठन पाठन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अलीगढ़ में हिजाब प्रकरण को लेकर देशभर में चल रहे विरोध-प्रदर्शन के बीच धर्म समाज महाविद्यालय में अब भगवा गमछे की एंट्री हो गई। सोमवार को बीए व बीएससी के कुछ छात्रों ने भगवा गमछा ओढ़कर और माथे पर चंदन लगाकर कक्षाओं में पढ़ाई की। कक्षा में पढ़ाई करते छात्रों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। वहीं, महाविद्यालय परिसर में भी इनकी खूब चर्चा रही। इसके बाद छात्रों ने प्रॉक्टर को ज्ञापन सौंपा। छात्र नेताओं ने शिक्षा का इस्लामीकरण न होने देने की चेतावनी दी।

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सोमवार को धर्म समाज महाविद्यालय में बीए व बीएससी के कुछ छात्र भगवा गमछा ओढ़कर और माथे पर तिलक लगाकर पहुंच गए। इसके बाद कक्षाओं में बैठकर पढ़ाई की। कक्षा में पढ़ाई करने के बाद पुष्कर शर्मा, विक्रम पंडित ने हिजाब के विरोध में प्रॉक्टर मुकेश भारद्वाज को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बुर्का व हिजाब पहनकर आने वाली छात्राओं के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की। कहा कि यदि ऐसा न हुआ तो हिंदू छात्र-छात्राएं भगवा गमछा, तिलक लगाकर आने के लिए मजबूर होंगे। इस दौरान मनीष प्रताप सिंह, राहुल कुमार, कृष्णा चौधरी, प्रतीक ठाकुर, पंकज बघेल, सौरभ कुमार, पवन हिंदू, ऋतिक, जय वार्ष्णेय, वरुण मिश्रा आदि छात्र मौजूद रहे।
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वहीं, पूर्व छात्रनेता व भाजयुमो के जिला उपाध्यक्ष सौरभ चौधरी ने इन भगवाधारी छात्रों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि हिजाब की आड़ में हिंदुस्तान के अंदर शिक्षा का इस्लामीकरण नहीं होने दिया जाएगा, जो लोग ड्रेस कोड का पालन न करके शैक्षिक संस्थानों का इस्लामीकरण करना चाहते हैं, उनके मंसूबों को सार्थक नहीं होने देंगे। वरिष्ठ छात्र नेता व भाजयुमो के महानगर उपाध्यक्ष अमित गोस्वामी ने कहा कि धर्म समाज महाविद्यालय कोई मदरसा नहीं है, बल्कि यहां सभी धर्मों के विद्यार्थी पढ़ते हैं। ड्रेस कोड लागू होने के बावजूद मुस्लिम छात्र-छात्राएं धार्मिक वेशभूषा हिजाब, बुर्का व टोपी पहनकर विद्यार्थियों के बीच अलगाववाद को बढ़ावा देकर महाविद्यालय के नियमों का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं, जिसका जवाब सोमवार को हिंदू छात्रों ने भगवा पहनकर दिया। किसी भी कीमत पर महाविद्यालय में शिक्षा का इस्लामीकरण बर्दाश्त योग्य नहीं है।
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महाविद्यालय का अपना ड्रेस कोड है। किसी विद्यार्थी को भी धार्मिक वेशभूषा में आने की अनुमति नहीं है। जिन छात्रों ने भगवा गमछा ओढ़कर पढ़ाई की, उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. आरके वर्मा, प्राचार्य


एएमयू में दो बार हो चुका है विरोध प्रदर्शन
कर्नाटक के हिजाब प्रकरण को लेकर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में नौ व 11 फरवरी को छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया था। छात्रों ने डॅक पॉन्ड से बाब-ए-सैयद तक विरोध मार्च निकाला था। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने अल्लाह-हू-अकबर के नारे लगाए थे।

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