एएमयू के तीन असि. फाइनेंस आफिसरों के वेतन पर रोक
एएमयू के तीन असि. फाइनेंस आफिसरों के वेतन पर रोक
अलीगढ़ (ब्यूरो)। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के तीन असिस्टेंट फाइनेंस आफिसरों के वेतन पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति अरुण टंडन एवं अश्विनी कुमार मिश्रा का आदेश आने के बाद एएमयू में खलबली मच गई है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अधिवक्ता दिवाकर शर्मा ने फोन पर अमर उजाला को बताया कि 2013 में असिस्टेंट फाइनेंस आफिसर पद के लिए 5 रिक्तियां निकली थीं, जबकि रिक्तियों की संख्या 7 थी। इसके लिए 2015 में चयन हुआ। गाइड लाइन के अनुसार लिखित परीक्षा एवं इंटरव्यू के आधार पर चयन किया जाता है। लिखित परीक्षा में 40 प्रतिशत अंक लाना जरूरी है। एएमयू के ही महमूद उर रहमान एवं रफीकुजमां खान ने इस मामले में न्यायालय में चुनौती दी थी। उसके बाद हाईकोर्ट ने यूनिवर्सिटी से पूछा था कि 40 प्रतिशत से कम अंक वाले कैसे चयनित हो गए? बुधवार को इस मामले की सुनवाई हुई। शर्मा ने अनुसार न्यायालय ने असिस्टेंट फाइनेंस आफिसर मो. शाकिर, सदाकत अली एवं शारिक राव का वेतन रोकने का आदेश दिया है। बिना न्यायालय की अनुमति तीनों अफसरों को वेतन नहीं दिया जाएगा।