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एएमयू के बैंक खाता सीज करने पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक

Fri, 08 Jan 2021 11:42 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 08 Jan 2021 11:42 PM IST
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High Court stay on seized AMU's Bank account
नगर निगम द्वारा भारतीय स्टेट बैंक में संचालित अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के खाते को सीज करने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है।
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एएमयू के जनसंपर्क विभाग के एमआईसी प्रोफेसर शाफे किदवई ने बताया कि मामला पहले से ही हाईकोर्ट में विचाराधीन था। नगर निगम के नोटिस के बाद एक बार फिर से हाईकोर्ट के संज्ञान में स्थिति ताजा हो गई। हाईकोर्ट ने 31 जनवरी तक एएमयू के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में संचालित को सीज करने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। प्रोफेसर किदवई ने बताया के हाईकोर्ट ने नगर निगम के बकाए से संबंधित प्रकरण को स्थानीय अदालत को 15 दिन के भीतर निस्तारित करने के लिए भी कहा है। यह मामला स्थानीय स्तर पर भी विचाराधीन है।
इधर, विश्वविद्यालय प्रशासन भी नगर निगम के नोटिस का जवाब भेज चुका है। नगर निगम ने पिछले दिनों अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय पर 14 करोड़ रुपए के हाउस टैक्स का बकाया होने की बात कहते हुए नोटिस भेजा था। साथ ही नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी ने एसबीआई में संचालित हो रहे विश्वविद्यालय खाते को सीज करा दिया था।
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14 करोड़ रुपये बकाया के नोटिस का एएमयू ने नगर निगम को जवाब भेज ा:
नगर निगम द्वारा अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय पर 14 करोड़ रुपये बकाया होने की बात कहते हुए नोटिस भेजने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन में नगर निगम को अपना जवाब भेजा है। साथ ही महामारी को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय का सीज किया गया खाता भी जल्द से जल्द रिलीज करवाने की मांग की गई है। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार अब्दुल हमीद आईपीएस की ओर से नगर निगम को भेजे गए जवाब में कहा गया है कि नगर निगम द्वारा हाउस टैक्स की जिस रकम का उल्लेख किया गया है, उसमें 8 करोड़ रुपये तो सिर्फ ब्याज के ही हैं।
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इसके अलावा नगर निगम ने कर निर्धारण करते समय कक्षाओं पर, प्रयोगशालाओं पर, पुस्तकालयों पर भी करारोपण करते हुए उन्हें टैक्स के दायरे में ले लिया, जबकि 10 अप्रैल 1990 को जारी किए गए शासनादेश में स्पष्ट उल्लेख है कि शिक्षण संस्थाओं की कक्षाएं, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय कर के दायरे में नहीं आएंगे।

नगर निगम अधिनियम 1959 की धारा 577 के मुताबिक यह शासनादेश आज भी प्रभावी है, लेकिन नगर निगम द्वारा नोटिस भेजते समय इन सब बातों को नजरअंदाज कर दिया गया। इसके अलावा नगर निगम के दो नलकूप विश्वविद्यालय परिसर में लगे हुए हैं। उनका करीब 9 करोड़ रुपये नगर निगम पर बकाया है, जो उनको विश्वविद्यालय को देना है। इन सब बातों को देखते हुए नगर निगम अपने रुख पर एक बार फिर से विचार करे। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का बैंक खाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में संचालित हो रहा है। इस समय महामारी का समय चल रहा है। विश्वविद्यालय के मेडिकल कॉलेज में वैक्सीन के ट्रायल का काम चल रहा है। इस तरह खाता सीज होने से इन सभी चीजों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए जल्द से जल्द खाते को रिलीज करने के लिए नगर निगम सभी औपचारिकताएं पूरी करे।
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