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Aligarh News: दौलतपुर में स्वास्थ्य कर्मी ने फंदे से लटककर की खुदकुशी
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विलाप करती मृतक की पत्नी जयमाला देवी।
- फोटो : samvad
स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर नर्स के पद पर काम करने वाले गांव दौलतपुर के एक व्यक्ति ने अपने घर में तीन दिन पूर्व रस्सी का फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। घर वालों को तीन दिन बाद पता चलने पर घर में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
मृतक की पत्नी जयमाला देवी के अनुसार उसके 40 वर्षीय पति सुरजीत सिंह पुत्र कुमरपाल सिंह जनपद बुलंदशहर के थाना रामघाट के गांव जखैरा नगला विधि जरगवां के मूल निवासी थे। करीब 20 वर्ष पहले गंगीरी के गांव दौलतपुर में मकान व दुकान बना लिया था। वह अलीगढ़ के सूत मिल स्थित एलमपुर में रहते हैं। स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर नर्स के पद पर तैनात थे। उनकी ड्यूटी जवां स्थित सीएचसी पर चल रही थी। सात अप्रैल को सुबह-सुबह बच्चों को स्कूल छोड़कर अस्पताल में ड्यूटी करने चले गए थे। शाम को घर नहीं आए तो चिंता हुई और मोबाइल से बात की तो बताया कि वह तेहरा मोड़ पर है और आंधी आ रही है। बच्चों का ख्याल रखना, मेरा मोबाइल स्विच ऑफ होने वाला है।
जयमाला देवी ने बताया कि आठ अप्रैल को भी घर नहीं पहुंचे तो बृहस्पतिवार को जवां अस्पताल पहुंचने पर बताया गया कि सुरजीत सात अप्रैल के बाद अस्पताल में नहीं आए हैं। इस पर वह दौलतपुर स्थित दूसरे मकान पर पहुंची तो देखा शव प्लास्टिक की रस्सी से बने फंदे से लटक रहा था। शव को देखकर पत्नी होश खो बैठी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मृतक ने अपने पीछे दो बेटे व पत्नी को रोते-बिलखते छोड़ा है।
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कार्यवाहक थाना प्रभारी धीरेंद्र सिंह ने बताया कि सूचना पर शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौके पर पहुंचे एसआई बलवीर सिंह ने बताया कि सुरजीत तीन दिन पहले फांसी पर लटका था। शव को गर्दन व आंख के नीचे कुतर दिया है।
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मृतक की पत्नी जयमाला देवी के अनुसार उसके 40 वर्षीय पति सुरजीत सिंह पुत्र कुमरपाल सिंह जनपद बुलंदशहर के थाना रामघाट के गांव जखैरा नगला विधि जरगवां के मूल निवासी थे। करीब 20 वर्ष पहले गंगीरी के गांव दौलतपुर में मकान व दुकान बना लिया था। वह अलीगढ़ के सूत मिल स्थित एलमपुर में रहते हैं। स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर नर्स के पद पर तैनात थे। उनकी ड्यूटी जवां स्थित सीएचसी पर चल रही थी। सात अप्रैल को सुबह-सुबह बच्चों को स्कूल छोड़कर अस्पताल में ड्यूटी करने चले गए थे। शाम को घर नहीं आए तो चिंता हुई और मोबाइल से बात की तो बताया कि वह तेहरा मोड़ पर है और आंधी आ रही है। बच्चों का ख्याल रखना, मेरा मोबाइल स्विच ऑफ होने वाला है।
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जयमाला देवी ने बताया कि आठ अप्रैल को भी घर नहीं पहुंचे तो बृहस्पतिवार को जवां अस्पताल पहुंचने पर बताया गया कि सुरजीत सात अप्रैल के बाद अस्पताल में नहीं आए हैं। इस पर वह दौलतपुर स्थित दूसरे मकान पर पहुंची तो देखा शव प्लास्टिक की रस्सी से बने फंदे से लटक रहा था। शव को देखकर पत्नी होश खो बैठी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मृतक ने अपने पीछे दो बेटे व पत्नी को रोते-बिलखते छोड़ा है।
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कार्यवाहक थाना प्रभारी धीरेंद्र सिंह ने बताया कि सूचना पर शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौके पर पहुंचे एसआई बलवीर सिंह ने बताया कि सुरजीत तीन दिन पहले फांसी पर लटका था। शव को गर्दन व आंख के नीचे कुतर दिया है।