{"_id":"5f76b9a72c40fb1fc33dc245","slug":"hathras-rape-case-news-collector-praveen-kumar-laxkar-threatened-to-victim-family-do-not-change-your-statements-repeatedly","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"हाथरस केस: डीएम की पीड़िता के परिवार को धमकी, कहा-'मीडिया तो आज है, कल नहीं रहेगी'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस केस: डीएम की पीड़िता के परिवार को धमकी, कहा-'मीडिया तो आज है, कल नहीं रहेगी'
Fri, 02 Oct 2020 10:54 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 02 Oct 2020 10:54 AM IST
विज्ञापन
Hathras Gang Rape Case
- फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के जिलाधिकारी का बिटिया मामले में एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार वीडियो में वे बिटिया के परिवार धमकाते नजर आ रहे हैं।
डीएम दुष्कर्म की शिकार बिटिया के परिवार से कह रहे हैं कि मीडिया तो आज है, कल नहीं रहेगी। हम यहीं रहेंगे। अपने बयानों को बार-बार मत बदलो। इस वीडियो को लेकर खासी चर्चाएं हैं।
इससे पहले बिटिया के गांव पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों और कुछ जनप्रतिनिधियों को तीखे विरोध का सामना करना पड़ा। डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार जब बिटिया के घर पहुंचे तो उन्हें तीव्र विरोध का सामना करना पड़ा। आक्रोशित परिजनों ने उन्हें वहां से वापस लौटा दिया। इसके बाद जब प्रभारी मंत्री व सांसद वहां पहुंचे तो उन्हें भी विरोध में नारेबाजी का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
वहां गो बैक के नारे लगाए गए और प्रभारी मंत्री व सांसद का घेराव हुआ। बाद में कार्रवाई का आश्वासन देकर इन लोगों ने जैसे-तैसे बात की। बिटिया के परिजनों में इस बात को लेकर तीखा आक्रोश है कि पुलिस ने बलपूर्वक अंतिम संस्कार कर दिया।
डीएम गए तो स्थिति देखने थे, लेकिन वहां परिजनों ने उन पर काफी भड़ास निकाली, जिससे स्थिति असहज हो गई। परिजनों ने इतनी तक चेतावनी दे दी कि यदि डीएम ज्यादा देर रुकेंगे तो अप्रिय घटना भी घटित हो सकती है। ऐसे में डीएम को बैरंग लौटना पड़ा।
विज्ञापन
डीएम दुष्कर्म की शिकार बिटिया के परिवार से कह रहे हैं कि मीडिया तो आज है, कल नहीं रहेगी। हम यहीं रहेंगे। अपने बयानों को बार-बार मत बदलो। इस वीडियो को लेकर खासी चर्चाएं हैं।
विज्ञापन
इससे पहले बिटिया के गांव पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों और कुछ जनप्रतिनिधियों को तीखे विरोध का सामना करना पड़ा। डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार जब बिटिया के घर पहुंचे तो उन्हें तीव्र विरोध का सामना करना पड़ा। आक्रोशित परिजनों ने उन्हें वहां से वापस लौटा दिया। इसके बाद जब प्रभारी मंत्री व सांसद वहां पहुंचे तो उन्हें भी विरोध में नारेबाजी का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
वहां गो बैक के नारे लगाए गए और प्रभारी मंत्री व सांसद का घेराव हुआ। बाद में कार्रवाई का आश्वासन देकर इन लोगों ने जैसे-तैसे बात की। बिटिया के परिजनों में इस बात को लेकर तीखा आक्रोश है कि पुलिस ने बलपूर्वक अंतिम संस्कार कर दिया।
डीएम गए तो स्थिति देखने थे, लेकिन वहां परिजनों ने उन पर काफी भड़ास निकाली, जिससे स्थिति असहज हो गई। परिजनों ने इतनी तक चेतावनी दे दी कि यदि डीएम ज्यादा देर रुकेंगे तो अप्रिय घटना भी घटित हो सकती है। ऐसे में डीएम को बैरंग लौटना पड़ा।
हाथरस की घटना को लेकर राजनीतिक दलों की सक्रियता तो बढ़ ही गई है इलाकेे मेें तवान भी बढ़ गया है। गुरुवार को राहुल और प्रियंका गांधी के विरोध प्रदर्शन के बाद हाथरस में धारा 144 लागूू कर दी गई है। बिटिया के गांव जाने वाले सभी रास्तों पर बड़़ी संख्या मेंं पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैैं और गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया हैैै।
अलीगढ़ रेेंज के आईजी पीयूष मोर्डिया बताते हैं कि हाथरस में कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए धारा 144 लागू की गई है। पीड़िता के गांव की तरफ जाने वाले रास्तों को सील कर दिया गया है। विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है।
दूसरी तरफ, बिटिया के साथ हुई घटना पर अब दूसरा पक्ष भी लामबंद होने लगा है। इसके बाद इलाके में तनाव भी गहरा रहा है। तनाव की सुगबुगाहट को अधिकारी भी महसूस कर रहे हैं। यही वजह है कि इलाके में एहतियात के तौर पर काफी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है।
चंदपा क्षेत्र के जिस गांव की बिटिया के साथ दरिंदगी हुई, वह वाल्मीकि समाज की थी, जबकि आरोपी चारों युवक ठाकुर समाज के हैं। घटना के बाद से ही दूसरा पक्ष खुद को निर्दोष बता रहा है और एकजुट भी होता जा रहा है। इस तरह की सुगबुगाहट आसपास के गांवों में भी देखी जा रही है। इसे लेकर क्षेत्र में तनाव भी बढ़ रहा है।
भाजपा नेता व पूर्व विधायक राजवीर सिंह पहलवान का कहना है कि इस मामले को किसी जाति से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। चारों निर्दोष युवकों को फंसाया गया है। कई दलों के नेता इस मामले में राजनीति कर रहे हैं और इन युवकों को झूठा फंसाने में लगे हैं। अगले चुनाव में जनता उन्हें इसका जवाब देगी।
अलीगढ़ रेेंज के आईजी पीयूष मोर्डिया बताते हैं कि हाथरस में कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए धारा 144 लागू की गई है। पीड़िता के गांव की तरफ जाने वाले रास्तों को सील कर दिया गया है। विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है।
दूसरी तरफ, बिटिया के साथ हुई घटना पर अब दूसरा पक्ष भी लामबंद होने लगा है। इसके बाद इलाके में तनाव भी गहरा रहा है। तनाव की सुगबुगाहट को अधिकारी भी महसूस कर रहे हैं। यही वजह है कि इलाके में एहतियात के तौर पर काफी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है।
चंदपा क्षेत्र के जिस गांव की बिटिया के साथ दरिंदगी हुई, वह वाल्मीकि समाज की थी, जबकि आरोपी चारों युवक ठाकुर समाज के हैं। घटना के बाद से ही दूसरा पक्ष खुद को निर्दोष बता रहा है और एकजुट भी होता जा रहा है। इस तरह की सुगबुगाहट आसपास के गांवों में भी देखी जा रही है। इसे लेकर क्षेत्र में तनाव भी बढ़ रहा है।
भाजपा नेता व पूर्व विधायक राजवीर सिंह पहलवान का कहना है कि इस मामले को किसी जाति से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। चारों निर्दोष युवकों को फंसाया गया है। कई दलों के नेता इस मामले में राजनीति कर रहे हैं और इन युवकों को झूठा फंसाने में लगे हैं। अगले चुनाव में जनता उन्हें इसका जवाब देगी।