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हाथरस : ईंटों पर कर वृद्धि के विरोध में भट्ठा कारोबारियों ने दिया धरना
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हाथरस : कलेक्ट्रेट में प्रभारी अधिकारी को ज्ञापन देते भट्ठा एसोसिएशन के पदाधिकारी। संवाद
- फोटो : MURSAN
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरसान (हाथरर्स)
इंट भट्ठा एसोसिएशन के पदाधिकारियों र्ने इंटों पर कर वृद्धि के विरोध में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा गया।
संगठन के पदाधिकारियों ने ज्ञापन में कहा है कि जीएसटी काउंसिल की 45 भी बैठक में भट्ठों में निर्मित लाल ईंटों पर कर की दर एक प्रतिशत बढ़ाकर छह प्रतिशत व आईटीसी क्लेम करने पर दर पांच प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत किए जाने का प्रस्ताव एक अप्रैल 2022 को पारित किया गया। भट्ठे की ईंटों पर दो प्रकार के अव्यवहारिक व अनुचित कर दर वृद्धि प्रस्ताव को वापस लिया जाए। वक्ताओं ने कहा कि सरकार भली प्रकार अवगत है र्कि इंट भट्ठा एक ग्रामीण कुटीर सीजनल प्रकृति का उद्योग है।
विगत दो वर्ष से कोरोना के कारण व्यवस्था पूरी तरह चौपट है। जनसाधारण की भी कामकाज बुरी तरह प्रभावित होने से वित्तीय स्थिति खराब है। ऐसे हालात में जनसाधारण के निर्माण की मूलभूत आवश्यकर्ता इंटों पर कर बढ़ाने का प्रस्ताव जनविरोधी है। लगभग तीन करोड़ बेरोजगार भूमिहीन निर्मल वर्ग के श्रमिकों को रोजगार देने वाले भट्ठा उद्योग व आम जनहित र्में इंटों पर कर की दर में वृद्धि के प्रस्ताव को तत्काल प्रभाव से निरस्त करते हुए आगामी 02 सीजन वर्ष के र्लिए इंट बिक्री को जीएसटी में कर मुक्त घोषित किया जाए। इस मौके पर अध्यक्ष मुकेश दीक्षित, महामंत्री कमल गोयल के साथ अन्य लोग थे। संवाद
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इंट भट्ठा एसोसिएशन के पदाधिकारियों र्ने इंटों पर कर वृद्धि के विरोध में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा गया।
संगठन के पदाधिकारियों ने ज्ञापन में कहा है कि जीएसटी काउंसिल की 45 भी बैठक में भट्ठों में निर्मित लाल ईंटों पर कर की दर एक प्रतिशत बढ़ाकर छह प्रतिशत व आईटीसी क्लेम करने पर दर पांच प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत किए जाने का प्रस्ताव एक अप्रैल 2022 को पारित किया गया। भट्ठे की ईंटों पर दो प्रकार के अव्यवहारिक व अनुचित कर दर वृद्धि प्रस्ताव को वापस लिया जाए। वक्ताओं ने कहा कि सरकार भली प्रकार अवगत है र्कि इंट भट्ठा एक ग्रामीण कुटीर सीजनल प्रकृति का उद्योग है।
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विगत दो वर्ष से कोरोना के कारण व्यवस्था पूरी तरह चौपट है। जनसाधारण की भी कामकाज बुरी तरह प्रभावित होने से वित्तीय स्थिति खराब है। ऐसे हालात में जनसाधारण के निर्माण की मूलभूत आवश्यकर्ता इंटों पर कर बढ़ाने का प्रस्ताव जनविरोधी है। लगभग तीन करोड़ बेरोजगार भूमिहीन निर्मल वर्ग के श्रमिकों को रोजगार देने वाले भट्ठा उद्योग व आम जनहित र्में इंटों पर कर की दर में वृद्धि के प्रस्ताव को तत्काल प्रभाव से निरस्त करते हुए आगामी 02 सीजन वर्ष के र्लिए इंट बिक्री को जीएसटी में कर मुक्त घोषित किया जाए। इस मौके पर अध्यक्ष मुकेश दीक्षित, महामंत्री कमल गोयल के साथ अन्य लोग थे। संवाद
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