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साजिशन कराई गई बिटिया की हत्या : जमीरउल्लाह
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हाथरस के चंदपा क्षेत्र की अनुसूचित जाति की बिटिया के साथ दरिंदगी और बाद में मौत होने पर लोगों में जबरदस्त आक्रोश है। पूर्व विधायक हाजी जमीरउल्लाह ने आरोप लगाया कि चंदपा की बिटिया की हत्या साजिशन की गई है। उन्होंने मुस्लिम समुदाय का आह्वान किया कि वो बिटिया के पक्ष में जुटें और उसे न्याय दिलाएं।
मुसलिम समुदाय के लोग बड़ी संख्या में शुक्रवार देहलीगेट में एकत्र हुए और चंदपा प्रकरण में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट विनीत कुमार को सौंपा। थाना देहलीगेट पहुंचे इस दल की अगुवाई पूर्व विधायक हाजी जमीरउल्लाह कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि 28 सितंबर को बिटिया को एएमयू से सीधे एम्स रेफर किया गया था, लेकिन उसे सफदरजंग हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां ऑक्सीजन की कमी से उसकी मौत हो गई। ये प्रशासन की सोची समझी साजिश है। बिटिया हिम्मती थी, वह जीवन संघर्ष कर रही थी, उसकी भाभी ने बताया भी था.. कि वह कहती थी कि वह जीना चाहती है। पूर्व विधायक ने कहा कि उसकी हत्या करा दी गई है। इसलिए आरोपियों पर रासुका की कार्रवाई हो। उनको फांसी दी जाए। एसओ चंदपा तथा एसपी हाथरस पर मुकदमा दर्ज कर बर्खास्त किया जाए।
उन्होंने कहा कि अलीगढ़ और हाथरस के समस्त जनप्रतिनिधि वर्तमान में भाजपा के हैं। घटना के दिन 14 सितंबर से लेकर बिटिया की मृत्यु होने तक भाजपा के स्थानीय विधायक पीड़ित परिवार से मिलने तक नहीं गए। भाजपा सभी का वोट तो लेना चाहती है लेकिन मदद किसी की भी नहीं करना चाहती है। केंद्र एवं प्रदेश सरकार में जो लोग बैठे हैं, उनको औलाद का दर्द क्या होता है..? ये नहीं पता। उन्होंने कहा कि जिस तरीके से हाथरस जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवार को धमकाने का काम किया है उससे यह सिद्ध हो जाता है कि प्रशासन भाजपा के कार्यकर्ता के रूप में काम कर रहा है। मुस्लिम समाज मांग करता है कि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिले। राष्ट्रपति प्रदेश सरकार को बर्खास्त करें। इस मौके पर बाबा फरीद आजाद, नदीम बसु, हफीज अब्बासी, शकील राइन, सलमान साबरी, इदरीश मलिक, बिल्लू चौहान, तारिक कुरैशी और जाहिद सैफी आदि सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
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पूर्व विधायक ने की ये मांगे
1- परिवार की अनुपस्थिति में रात ढाई बजे अंतिम संस्कार कराने वाले अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाए।
2- पीड़ित परिवार को एक करोड़ की आर्थिक मदद और पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जाए।
3- फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चले और अपराधियों को फांसी की सजा शीघ्र से शीघ्र दिलाई जाए।
4- पीड़ित परिवार को सरकारी आवास शहर में दिलाया जाए। प्रकरण की सीबीआई जांच कराई जाए।
5- सामूहिक दुष्कर्म/दुष्कर्म को झूठ बताने वाले अधिकारियों को तत्काल बर्खास्त किया जाए।
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मुसलिम समुदाय के लोग बड़ी संख्या में शुक्रवार देहलीगेट में एकत्र हुए और चंदपा प्रकरण में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट विनीत कुमार को सौंपा। थाना देहलीगेट पहुंचे इस दल की अगुवाई पूर्व विधायक हाजी जमीरउल्लाह कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि 28 सितंबर को बिटिया को एएमयू से सीधे एम्स रेफर किया गया था, लेकिन उसे सफदरजंग हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां ऑक्सीजन की कमी से उसकी मौत हो गई। ये प्रशासन की सोची समझी साजिश है। बिटिया हिम्मती थी, वह जीवन संघर्ष कर रही थी, उसकी भाभी ने बताया भी था.. कि वह कहती थी कि वह जीना चाहती है। पूर्व विधायक ने कहा कि उसकी हत्या करा दी गई है। इसलिए आरोपियों पर रासुका की कार्रवाई हो। उनको फांसी दी जाए। एसओ चंदपा तथा एसपी हाथरस पर मुकदमा दर्ज कर बर्खास्त किया जाए।
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उन्होंने कहा कि अलीगढ़ और हाथरस के समस्त जनप्रतिनिधि वर्तमान में भाजपा के हैं। घटना के दिन 14 सितंबर से लेकर बिटिया की मृत्यु होने तक भाजपा के स्थानीय विधायक पीड़ित परिवार से मिलने तक नहीं गए। भाजपा सभी का वोट तो लेना चाहती है लेकिन मदद किसी की भी नहीं करना चाहती है। केंद्र एवं प्रदेश सरकार में जो लोग बैठे हैं, उनको औलाद का दर्द क्या होता है..? ये नहीं पता। उन्होंने कहा कि जिस तरीके से हाथरस जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवार को धमकाने का काम किया है उससे यह सिद्ध हो जाता है कि प्रशासन भाजपा के कार्यकर्ता के रूप में काम कर रहा है। मुस्लिम समाज मांग करता है कि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिले। राष्ट्रपति प्रदेश सरकार को बर्खास्त करें। इस मौके पर बाबा फरीद आजाद, नदीम बसु, हफीज अब्बासी, शकील राइन, सलमान साबरी, इदरीश मलिक, बिल्लू चौहान, तारिक कुरैशी और जाहिद सैफी आदि सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
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पूर्व विधायक ने की ये मांगे
1- परिवार की अनुपस्थिति में रात ढाई बजे अंतिम संस्कार कराने वाले अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाए।
2- पीड़ित परिवार को एक करोड़ की आर्थिक मदद और पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जाए।
3- फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चले और अपराधियों को फांसी की सजा शीघ्र से शीघ्र दिलाई जाए।
4- पीड़ित परिवार को सरकारी आवास शहर में दिलाया जाए। प्रकरण की सीबीआई जांच कराई जाए।
5- सामूहिक दुष्कर्म/दुष्कर्म को झूठ बताने वाले अधिकारियों को तत्काल बर्खास्त किया जाए।