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हाथरस : किसानों की समस्याओं को लेकर भाकियू ने दिया धरना, सौंपा ज्ञापन
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कलेक्ट्रेट पर ओसी को ज्ञापने देते किसान संगठन हरपाल गुट के लोग।
- फोटो : MURSAN
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरसान।
भारतीय किसान यूनियन (हरपाल गुट) ने बुधवार को किसानों की समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री, उद्यान मंत्री के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
वक्ताओं ने कहा कि बारिश से धान और आलू आदि की फसल में केवल पांच फीसदी नुकसान की रिपोर्ट शासन को भेजी है, जबकि वास्तविकता में किसानों की फसल को 55 प्रतिशत नुकसान हुआ है। संगठन ने मांग की है कि वेबसाइट को फिर चालू कराके सभी किसानों को मुआवजा दिलाया जाए।
बिजली को प्राइवेट कंपनी को देने के कारण किसानों को नलकूपों के ज्यादा पैसे देने होंगे। स्मार्ट मीटर लगने पर किसानों को अपने नलकूप उखाड़ने होंगे। घरेलू कनेक्शन का बिल भी कई गुना ज्यादा देना होगा। किसानों की फसलों को जंगली सूअर व गोवंश बर्बाद कर रहे हैं।
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सरकार को इसकी रोकथाम के इंतजाम कराने चाहिए। किसानों की फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी का कानून बने। किसानों के खिलाफ बनाए गए तीनों कृषि कानूनों को तत्काल वापस लिया जाए।
इस मौके पर राष्ट्रीय अध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन चौधरी हरपाल सिंह, राष्ट्रीय मुख्य महासचिव विनोद कुमार पुंढीर, सुमित चौधरी, देवेंद्र कुमार, उमाशंकर, अनुज दीक्षित, अंकित सिंह, सुशीला, मुकेश सिंह, ओमवीर सिंह, चरण सिंह, विजय दास आदि थे।
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भारतीय किसान यूनियन (हरपाल गुट) ने बुधवार को किसानों की समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री, उद्यान मंत्री के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
वक्ताओं ने कहा कि बारिश से धान और आलू आदि की फसल में केवल पांच फीसदी नुकसान की रिपोर्ट शासन को भेजी है, जबकि वास्तविकता में किसानों की फसल को 55 प्रतिशत नुकसान हुआ है। संगठन ने मांग की है कि वेबसाइट को फिर चालू कराके सभी किसानों को मुआवजा दिलाया जाए।
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बिजली को प्राइवेट कंपनी को देने के कारण किसानों को नलकूपों के ज्यादा पैसे देने होंगे। स्मार्ट मीटर लगने पर किसानों को अपने नलकूप उखाड़ने होंगे। घरेलू कनेक्शन का बिल भी कई गुना ज्यादा देना होगा। किसानों की फसलों को जंगली सूअर व गोवंश बर्बाद कर रहे हैं।
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सरकार को इसकी रोकथाम के इंतजाम कराने चाहिए। किसानों की फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी का कानून बने। किसानों के खिलाफ बनाए गए तीनों कृषि कानूनों को तत्काल वापस लिया जाए।
इस मौके पर राष्ट्रीय अध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन चौधरी हरपाल सिंह, राष्ट्रीय मुख्य महासचिव विनोद कुमार पुंढीर, सुमित चौधरी, देवेंद्र कुमार, उमाशंकर, अनुज दीक्षित, अंकित सिंह, सुशीला, मुकेश सिंह, ओमवीर सिंह, चरण सिंह, विजय दास आदि थे।