Aligarh News: हार्डवेयर कारोबारी ने खुद को मारी गोली, पुलिस को बताने से बचते रहे परिजन और करीबी
दो बेटे, पत्नी आदि परिजन उठावनी में गए थे। बहू व काम वाली घर पर थी। तभी दोपहर करीब साढ़े तीन बजे गोली लगने से जख्मी बांकेलाल गर्ग को विष्णपुरी स्थित हॉस्पटिल में भरती कराया गया। इस सूचना पर कुछ ही देर में तमाम कारोबारी व अन्य परिजन भी आ गए। डॉक्टर संजय भार्गव के अनुसार गोली फेंफड़ों के पास लगी।
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अलीगढ़ महानगर के प्रमुख हार्डवेयर कारोबारी डोर लाइन इंडस्ट्री के पार्टनर बांकेलाल गर्ग ने सोमवार दोपहर खुद को अपने विष्णुपुरी स्थित घर में गोली मार ली। घटना के वक्त परिवार के अधिकांश सदस्य रिश्तेदारी में उठावनी में शामिल होने गए थे। बहू व काम करने वाली महिला घर में थी। हालांकि घटना के बाद परिवार चुप्पी साधे हुए है। पुलिस को भी सही जानकारी देने से बचा जा रहा है। इसके चलते घटना पर तरह तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। गोली खुद मारी या अन्य कोई बात है? इस पर भी अभी पुलिस को साफ नहीं हुआ है। अभी कारोबारी का नर्सिंग होम में उपचार चल रहा है।
विष्णुपुरी निवासी 64 वर्षीय बांकेलाल गर्ग के पार्टनर पवन गर्ग के साथ साझेदारी में आईटीआई रोड औद्योगिक आस्थान में डोर लाइन ब्रांड के नाम से हार्डवेयर फैक्टरी है। पार्टनर के साथ ही विष्णुपुरी में चार मंजिला कोठी बनी हुई है। दोनों परिवार इसी कोठी के अलग अलग हिस्सों में रहते हैं। इन दिनों पवन गर्ग विदेश यात्रा पर गए हुए हैं। उनके रिश्तेदार के यहां गमी के चलते सोमवार को उठावनी थी।
दो बेटे, पत्नी आदि परिजन उठावनी में गए थे। बहू व काम वाली घर पर थी। तभी दोपहर करीब साढ़े तीन बजे गोली लगने से जख्मी बांकेलाल गर्ग को विष्णपुरी स्थित हॉस्पटिल में भरती कराया गया। इस सूचना पर कुछ ही देर में तमाम कारोबारी व अन्य परिजन भी आ गए। डॉक्टर संजय भार्गव के अनुसार गोली फेंफड़ों के पास लगी। ऑपरेशन के बाद उन्हें सुरक्षित किया गया है। अब वे खतरे से बाहर हैं।
इधर, परिवार के करीबियों से मिली सूचना के अनुसार तीन वर्ष पहले कोविड के बाद से वे तनावग्रस्त हैं। उनका उपचार भी चल रहा है। सोमवार दोपहर इसी तनाव में उन्होंने खुद को गोली मारी है। ऐसा पारिवारिक सूत्रों से पता चला है। इधर, घटना की खबर पर शाम को सीओ तृतीय एके सिंह मौके पर पहुंचे। वहां मकान की पहली मंजिल पर लिफ्ट के पास घटना होना बताया गया।
वहां फॉरेंसिक टीम को एक भी खून का धब्बा तक नहीं मिला। वहीं परिवार ने पुलिस को यह कहते हुए टहला दिया कि पहले इलाज करा लें, फिर कुछ बता पाने की स्थिति में होंगे। इस दौरान घर में मौजूद बहू ने कुछ बताने का प्रयास किया तो परिवार के इशारे पर बहू ने चुप्पी साध ली। परिवार से पुलिस ने यह जानने का प्रयास किया कि किस हथियार से घटना हुई। मगर अभी परिवार ने कुछ भी बताया नहीं है।
अभी तक परिवार ने इतना ही बताया कि वह तनाव में रहते हैं। इसी के चलते उन्होंने खुद को गोली मारी है। मगर न तो हथियार की सही जानकारी मिली और न घटना स्थल की। जहां घटना बताई, वहां खून के धब्बे नहीं मिले। अब गोली खुद मारी है या कुछ और। लाइसेंसी हथियार है या कुछ और। ये सब जांच व सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद साफ होगा। अभी परिवार उपचार करा रहा है।-अशोक कुमार सिंह, सीओ तृतीय
धर्मेंद्र चौधरी हत्याकांड के समय रहे थे सुर्खियों में
वैसे तो कारोबारी बांके व उनके पार्टनर पवन कभी शहर में सुर्खियों में नहीं रहते। न कारोबार के अलावा सक्रिय दिखाई देते। मगर उनके विषय में जानकारी मिली है कि वे अपने कारोबार के अलावा रीयल स्टेट में भी निवेश करते रहे हैं। कुछ वर्ष पहले बसपा नेता व रीयल स्टेट कारोबारी धर्मेंद्र चौधरी हत्याकांड के समय वे सुर्खियों में आए थे। मगर पुलिस को किसी तरह के तथ्य नहीं मिले थे।