H.pylori: 45 फीसदी लोगों को पेट का रोगी बना दिया एच.पाइलोरी बैक्टीरिया ने, बच्चे-युवा सबसे ज्यादा चपेट में
एच. पाइलोरी बैक्टीरिया एसिड को बढ़ाकर अल्सर के गठन में योगदान देता है। पेट की सामान्य सुरक्षा को कमजोर बनाता है और हानिकारक पदार्थ बनाता है। यह बैक्टीरिया आम तौर पर लार, उल्टी, मल, दूषित भोजन या गंदे पानी से फैलता है।
विस्तार
अगर आप भी बाहर के तले-भुने खाद्य पदार्थ, फास्ट फूड या शराब के शौकीन हैं तो इसे बंद कर दीजिए, क्योंकि अलीगढ़ और आसपास के जिलों की 45 फीसदी आबादी हेलिकोबैक्टर पाइलोरी बैक्टीरिया से संक्रमित है। यह बैक्टीरिया पेट में रह कर अन्य बीमारियों को भी बढ़ावा देता है। इससे ग्रसित लोग अल्सर, पेट में दर्द, सीने में जलन, आंत में सूजन व अपच जैसी बीमारी से ग्रसित रहते हैं। अगर समस्या लंबे समय से है तो पेट का कैंसर भी हो सकता है।
बीते कुछ वर्षों में जिले में एच. पाइलोरी बैक्टीरिया से संक्रमित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। बच्चे, युवा, महिलाएं व बुजुर्ग सभी इसकी चपेट में हैं। इसका खुलासा एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजों पर हुए अध्ययन में हुआ है। अध्ययन में यह तथ्य भी निकलकर सामने आया कि यह बैक्टीरिया उन लोगों के पेट में ज्यादा पाया गया जो आमतौर पर बाहर का खाना खाते हैं, अधिक मात्रा में शराब का सेवन करते हैं या उनके क्षेत्र में पानी की क्वालिटी ठीक नहीं है।
इस अध्ययन से जुड़े जेएन मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. हैदर हुसैनी ने बताया कि अलीगढ़ को एच. पाइलोरी बैक्टीरिया से ग्रसित उच्च जोखिम वाले क्षेत्र में रखा गया है। मेडिकल कॉलेज में आने वाले अलीगढ़, हाथरस, एटा, कासगंज, बुलंदशहर आदि जिलों के सैकड़ों मरीज इससे ग्रसित हैं। अध्ययन के अनुसार इनकी संख्या लगभग 45 फीसदी है। यह बैक्टीरिया पेट की बीमारियों का बड़ा कारण है। इससे पेट की परत में सूजन और जलन होने लगती है। यह पेट के कैंसर का कारण भी बनता है। आधुनिक जीवनशैली और बहुत ज्यादा बाहर का खाना इसकी सबसे बड़ी वजह है।
ओपीडी में आ रहे 33 फीसदी मामले
जेएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में रोजाना 33 फीसदी ऐसे मरीज पहुंचते हैं, जो पेट की बीमारी से ग्रसित होते हैं। इनमें ज्यादातर एच. पाइलोरी बैक्टीरिया से पीड़ित होते हैं। बीते कुछ वर्षों में इनकी संख्या में वृद्धि हुई है।
पेट में लंबे समय तक रहता है बैक्टीरिया
एच.पाइलोरी एक ऐसा बैक्टीरिया है, जो पेट में आसानी से लंबे समय तक रह सकता है। अंदर ही अंदर विकास कर सकता है। यदि काफी दिनों तक पेट के अंदर बना रहा तो पेट के कैंसर का कारण बनता है। यह ज्यादातर अशुद्ध खाना, खासकर बाहर का खाना खाने से होता है।
इन्हें ज्यादा सावधान रहने की जरूरत
यदि आपके परिवार में पेट का कैंसर अनुवांशिक है तो आपको ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। उल्टी-दस्त से ग्रसित लोगों के संपर्क में आने से भी यह बीमारी हो सकती है।
क्या होता है एच. पाइलोरी
लक्षण
- मतली और उल्टी
- अपच
- डकार
- भूख में कमी
- सीने में जलन
- पेट में दर्द
- संतुलित खान-पान रखें
- बाहर का खाना न खाएं
- मिर्च-मसाला कम खाएं
- शराब का सेवन न करें
- बिना हाथ धोएं खाना न खाएं न बनाएं।