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गूलर रोड को पूर्ववत स्थिति में लाएं
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गूलर रोड पोखर प्रकरण में न्यायालय सिविल जज ने नगर निगम एवं आदि को वहां पर 30 अगस्त 2017 की स्थिति में बहाल करने का आदेश दिया है। इस संबंध में नगर निगम को एक महीने में कार्यवाही पूरी करनी है। जिसके लिहाज से ये समय अवधि 27 अगस्त को पूरी हो जाएगी। 27 अगस्त तक अगर नगर निगम ने ऐसा नहीं किया तो इस मामले में अदालत के आदेशों की अवहेलना का मामला हो सकता है।
न्यायालय सिविल जज सीनियर डिवीजन के न्यायाधीश मो. नसीम के समक्ष इस मामले की सुनवाई चल रही है। जिसमें शरीफ आदि वादीगण हैं। शरीफ ने एक याचिका दायर कर कहा था कि स्थगन आदेश के बावजूद 24 जून 2019 प्रतिवादीगण (नगर निगम) ने बिना किसी सूचना या पूर्व नोटिस के जेसीबी और बुलडोजर आदि चला कर वहां कई जरूरी निर्माण ढहा दिए। जिससे 6 दिसंबर 2017 के स्थगन आदेश की अवहेलना हुई है। नगर निगम ने जेसीबी चला कर चारदीवारी गिराई और कई निर्माण ध्वस्त कराए। शरीफ आदि की ओर से वकील ने कहा है कि अब प्रतिवादीगण नगर निगम को निर्देशित किया जाए कि वाद निस्तारित होने तक वहां पूर्ववत स्थिति बहाल की जाए। इधर, नगर निगम के वकील ने अपने पक्ष को सार्थक करने के लिए कई तर्क दिए। नगर निगम के वकील ने कहा कि उनकी ओर से केवल पोखर को ही खोदा गया है। बाकी जगह को नहीं छेड़ा। अदालत शरीफ आदि की इस याचिका को स्वीकार कर प्रतिवादी गण नगर निगम को विवादित संपत्ति को 30 अगस्त 2017 की स्थिति में बहाल करने का आदेश दिया है। अब नगर निगम को 27 अगस्त तक पोखर का पूर्ववत स्थिति में लाना होगा।
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न्यायालय सिविल जज सीनियर डिवीजन के न्यायाधीश मो. नसीम के समक्ष इस मामले की सुनवाई चल रही है। जिसमें शरीफ आदि वादीगण हैं। शरीफ ने एक याचिका दायर कर कहा था कि स्थगन आदेश के बावजूद 24 जून 2019 प्रतिवादीगण (नगर निगम) ने बिना किसी सूचना या पूर्व नोटिस के जेसीबी और बुलडोजर आदि चला कर वहां कई जरूरी निर्माण ढहा दिए। जिससे 6 दिसंबर 2017 के स्थगन आदेश की अवहेलना हुई है। नगर निगम ने जेसीबी चला कर चारदीवारी गिराई और कई निर्माण ध्वस्त कराए। शरीफ आदि की ओर से वकील ने कहा है कि अब प्रतिवादीगण नगर निगम को निर्देशित किया जाए कि वाद निस्तारित होने तक वहां पूर्ववत स्थिति बहाल की जाए। इधर, नगर निगम के वकील ने अपने पक्ष को सार्थक करने के लिए कई तर्क दिए। नगर निगम के वकील ने कहा कि उनकी ओर से केवल पोखर को ही खोदा गया है। बाकी जगह को नहीं छेड़ा। अदालत शरीफ आदि की इस याचिका को स्वीकार कर प्रतिवादी गण नगर निगम को विवादित संपत्ति को 30 अगस्त 2017 की स्थिति में बहाल करने का आदेश दिया है। अब नगर निगम को 27 अगस्त तक पोखर का पूर्ववत स्थिति में लाना होगा।
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