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अलीगढ़ः टप्पल में दादा-दादी ने की थी बच्ची की हत्या, गिरफ्तार
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टप्पल के गांव किशनपुर में लड़की की हत्या के आरोपी दादा लेखराज और दादी संपत।
- फोटो : CITY OFFICE
टप्पल क्षेत्र में यमुना खादर के गांव किशनपुर में आठ वर्षीय बालिका की हत्या किसी गैर ने नहीं, बल्कि उसके दादा-दादी ने की थी। यह खुलासा शुक्रवार को पुलिस ने करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। अपने सबसे छोटे बेटे पर दर्ज दुष्कर्म की कोशिश के मुकदमे में समझौते का दबाव बनाने और विरोधी पक्ष को फंसाने के इरादे से इस हत्या को अंजाम दिया गया था। मगर, दादा-दादी को नहीं पता था कि वे कुछ ऐसे सुराग घटनास्थल पर छोड़ गए हैं, जिनके जरिये पुलिस उन तक पहुंच जाएगी। पूछताछ में दोनों टूट गए और मृतका के पिता के सामने हत्या की बात कबूल की।
इस संबंध में एसपी देहात शुभम पटेल ने शुक्रवार को बताया कि 20 सितंबर की सुबह गांव किशनपुर से स्कूल गई अनुसूचित जाति की आठ वर्षीय छात्रा रूबी की हत्या कर दी गई थी। उसका शव गांव से कुछ दूरी पर एक धान के खेत में पानी में औंधा मिला था। घटना के खुलासे में लगी तीन टीमों ने साक्ष्यों की मदद से दादा लेखराज व दादी संपत देवी पर घेरा कसा। रात में उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया तो वे टूट गए। उन्होंने पूछताछ में स्वीकार किया कि जिस व्यक्ति के खेत में उनकी नातिन रूबी की लाश मिली थी, उसकी बेटी से दुष्कर्म की कोशिश के मुकदमे में उनका सबसे छोटा बेटा ओमप्रकाश 2019 में जेल गया था और दो माह पहले ही छूटकर आया था। जेल से छूटकर आने के बाद उसे कहीं रोजगार भी नहीं मिल रहा था और दूसरा पक्ष मुकदमे में समझौता करने को भी तैयार नहीं हो रहा था। इसी के चलते उन दोनों ने विपक्षी को किसी झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने और फिर समझौता आसानी से हो जाने की योजना बनाई।
एसपी देहात के अनुसार दादा-दानी ने इसी योजना के तहत घटना वाले दिन नातिन को पहले स्कूल के लिए तैयार कर स्कूल भेजा। फिर रास्ते में उसकी गला दबाकर हत्या कर शव खेत में फेंक दिया। जांच में इस बात की तस्दीक ग्रामीणों ने की है कि उनके अलावा उस रास्ते पर किसी अन्य को जाते नहीं देखा गया। दादा लेखराज और दादी संपत से गहनता से पूछताछ में सच कबूल किया और बताया कि उन्होंने ही अपनी नातिन की हत्या कर शव फेंका था। दोनों को जेल भेजा जा रहा है। इस खुलासे में एसपी देहात शुभम पटेल के अलावा सीओ खैर, इंस्पेक्टर टप्पल, एसओजी/सर्विलांस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
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- बालिका रूबी की हत्या का शक परिवार के किसी करीबी पर आ रहा था। इसी कारण तहरीर मिलने में देरी हो रही थी। बाद में साफ हुआ कि बच्ची का चाचा जिस मुकदमे में जेल गया था, उसमें समझौता करने और दूसरे पक्ष को फंसाने के लिए साजिश रची गई है। दादा -दादी ने हत्या करना स्वीकार किया है। उन्हें जेल भेजा जा रहा है।
-कलानिधि नैथानी, एसएसपी
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इस संबंध में एसपी देहात शुभम पटेल ने शुक्रवार को बताया कि 20 सितंबर की सुबह गांव किशनपुर से स्कूल गई अनुसूचित जाति की आठ वर्षीय छात्रा रूबी की हत्या कर दी गई थी। उसका शव गांव से कुछ दूरी पर एक धान के खेत में पानी में औंधा मिला था। घटना के खुलासे में लगी तीन टीमों ने साक्ष्यों की मदद से दादा लेखराज व दादी संपत देवी पर घेरा कसा। रात में उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया तो वे टूट गए। उन्होंने पूछताछ में स्वीकार किया कि जिस व्यक्ति के खेत में उनकी नातिन रूबी की लाश मिली थी, उसकी बेटी से दुष्कर्म की कोशिश के मुकदमे में उनका सबसे छोटा बेटा ओमप्रकाश 2019 में जेल गया था और दो माह पहले ही छूटकर आया था। जेल से छूटकर आने के बाद उसे कहीं रोजगार भी नहीं मिल रहा था और दूसरा पक्ष मुकदमे में समझौता करने को भी तैयार नहीं हो रहा था। इसी के चलते उन दोनों ने विपक्षी को किसी झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने और फिर समझौता आसानी से हो जाने की योजना बनाई।
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एसपी देहात के अनुसार दादा-दानी ने इसी योजना के तहत घटना वाले दिन नातिन को पहले स्कूल के लिए तैयार कर स्कूल भेजा। फिर रास्ते में उसकी गला दबाकर हत्या कर शव खेत में फेंक दिया। जांच में इस बात की तस्दीक ग्रामीणों ने की है कि उनके अलावा उस रास्ते पर किसी अन्य को जाते नहीं देखा गया। दादा लेखराज और दादी संपत से गहनता से पूछताछ में सच कबूल किया और बताया कि उन्होंने ही अपनी नातिन की हत्या कर शव फेंका था। दोनों को जेल भेजा जा रहा है। इस खुलासे में एसपी देहात शुभम पटेल के अलावा सीओ खैर, इंस्पेक्टर टप्पल, एसओजी/सर्विलांस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
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- बालिका रूबी की हत्या का शक परिवार के किसी करीबी पर आ रहा था। इसी कारण तहरीर मिलने में देरी हो रही थी। बाद में साफ हुआ कि बच्ची का चाचा जिस मुकदमे में जेल गया था, उसमें समझौता करने और दूसरे पक्ष को फंसाने के लिए साजिश रची गई है। दादा -दादी ने हत्या करना स्वीकार किया है। उन्हें जेल भेजा जा रहा है।
-कलानिधि नैथानी, एसएसपी