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फिर से लौटेगा हॉकी का स्वर्णिम काल

Tue, 29 Aug 2017 02:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूूराे
अमर उजाला ब्यूूराे Updated Tue, 29 Aug 2017 02:15 AM IST
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Golden Age of Hockey again
जफर इकबाल। - फोटो : Amar Ujala
11 नंबर की जर्सी पहने खिलाड़ी जब लेफ्ट विंग से मूव बनाता है, तब विपक्षी टीम के रक्षापंक्ति खिलाड़ियों का तालमेल बिगड़ जाता। इसी बिखराव का फायदा टीम इंडिया गोल दागकर उठा लेती। 80 का दशक हॉकी के लिए स्वर्णिम काल रहा। इसके बाद तो हॉकी का ग्राफ दिन-ब-दिन गिरता रहा। अपने जमाने के मशहूर हॉकी ओलंपियन पद्मश्री जफर इकबाल इससे व्यथित तो हैं, मगर हाल ही में जूनियर खिलाड़ियों के वर्ल्ड कप जीतने और लगातार बड़े स्तर पर हॉकी के आयोजन से हॉकी का फिर स्वर्णिम काल लौटने को लेकर आशावान भी हैं। पद्मश्री जफर ने खेल दिवस पर हॉकी के ग्राफ में गिरावट और उत्थान के बारे लंबी बातचीत की। पेश है इस बातचीत के मुख्य अंश। 
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सवाल : हॉकी का स्तर क्या गिर रहा है? 
जफर : ऐसा नहीं है। एक वक्त था जब हॉकी का क्रेज कम हो रहा था। मगर, अब हॉकी में सुधार की  कोशिश की जा रही है, इसमें सबकी सहभागिता है। हिंदुस्तान में हॉकी फिर बढ़ रही है। भारतीय हॉकी लीग दुनिया की सबसे बेहतरीन हॉकी लीग है।   इसमें खिलाड़ियों को अच्छी कमाई हो रही है।
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सवाल : एक दिन आयोजन से कोई फायदा?
जफर : दद्दा के जन्मदिन पर होने वाले आयोजन से हॉकी का भला होने वाला नहीं है। इसके लिए सालों-साल प्रैक्टिस होनी चाहिए, तभी हॉकी शबाब पर पहुंचेगी। मेजर ध्यान चंद को भारत रत्न मिलना चाहिए।
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सवाल : सूबे में हॉकी की स्थिति कैसी है?
जफर : मेरठ सेंटर खत्म हो रहा है। अलीगढ़ में हॉकी के हालात जगजाहिर है। मैंने एक सेमिनार में हॉस्टल में खिलाड़ियों को सुविधाएं दी जाएं। डाइट बढ़ाई जाए। झांसी में हॉकी सेंटर खुलने के आसार हैं। 

सवाल : नेशनल हॉकी एकेडमी से क्या होगा?
जफर : पहली बार देश में 29 अगस्त को नेशनल हॉकी एकेडमी शुरू हो रही है। एकेडमी में 30 बेहतरीन खिलाड़ी शामिल होंगे, जो चुने जा चुके हैं। विदेशी कोच के अलावा अपने जमाने के मशहूर खिलाड़ी टिप्स देंगे। इसके सीईओ 1973 में वर्ल्ड कप विजेता टीम के सदस्य एनपी गनेश हैं। यह हॉकी के लिए शुभ संकेत है।


सवाल : खेल मंत्रालय के स्पोर्ट्स टैलेंट सर्च पोर्टल से क्या फायदा है ?
जफर : इस पोर्टल से खिलाड़ियों को फायदा होगा। पोर्टल पर ट्रायल संबंधी जानकारी होगी। वैसे भी, उप्र व भारत सरकार खेल के बढ़ावे को लेकर फिक्रमंद है। चेतन चौहान का खेल मंत्री बनना, इसकी दलील है। उम्मीद वे अच्छा करेंगे। पहली बार खिलाड़ी खेल मंत्री बना है। 
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