02 दिसंबर को मुख्यमंत्री से मिलने जाएंगे गौरव के परिजन
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अलीगढ़। आखिरकार इंतजार खत्म हुआ। दूसरी बार मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से वक्त मिल गया है। अब दो दिन बाद गौरव के परिजन सीएम से मिल सकेंगे। दो दिसंबर बुधवार सुबह सीएम कार्यालय में परिजन अपना पूरा दर्द उनसे बयां कर पाएंगे। सपा से शहर विधायक जफर आलम, जिलाध्यक्ष अशोक यादव और महानगर अध्यक्ष अज्जू इसहाक गौरव के परिजनों को यहां से लेकर जाएंगे। परिजनों में गौरव की मां विमला देवी, भाई नितिन और चचेरा भाई राजेश साथ होंगे। इससे पहले 23 नवंबर को सीएम से मिलने का वक्त मिला था, लेकिन उनकी व्यस्तता के कारण मुलाकात नहीं कराई जा सकी थी।
इस बीच उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने गौरव के परिजनों से 28 नवंबर को मुलाकात की थी और पूरी सहायता का आश्वासन दिया था। गौर हो कि 12 नवंबर की रात को देहलीगेट थाने के सांप्रदायिक तनाव में कैलाश गली और सरायमियां में बवाल हुआ था। जिसमें गोली लगने से गौरव की दूसरे दिन 13 नवंबर को मौत हो गई थी। तभी से गौरव का प्रकरण अलीगढ़ से लखनऊ तक सुर्खियों में छाया है।
प्रशासन स्तर से गौरव के परिजनों को दस लाख रुपये के मुआवजे का चेक अंतिम संस्कार के वक्त ही दे दिया गया था। परिजन दादरी के अखलाक कांड की बराबरी करते हुए 45 लाख रुपये का मुआवजा, भाई नितिन को सरकारी नौकरी और एक मकान देने की मांग पर अड़े हैं।
भाजपा परिजनों की मांग को जायज ठहराते हुए सात दिवसीय धरना कलेक्ट्रेट के सामने कर रही है, जो सोमवार पहली दिसंबर को सम्पन्न होगा। इस धरने के जवाब में सपा विधायक हाजी जमीरउल्लाह अमन का पैगाम इंसानियत के नाम कार्यक्रम कर रहे हैं, ये भी पहली दिसंबर को पूरा होगा।