फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   From drain to farm, poison: Chemicals reaching people's plates through vegetables

नाले से खेत तक जहर : सब्जियों के जरिए लोगों की थाली में पहुंच रहा केमिकल

Fri, 20 Mar 2026 03:02 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 20 Mar 2026 03:02 AM IST
विज्ञापन
From drain to farm, poison: Chemicals reaching people's plates through vegetables
मथुरा रोड स्थित गोभी के खेत में जाता नाले का केमिकल युक्त पानी।  - फोटो : samvad
मथुरा रोड पर बहते नाले सिर्फ गंदगी नहीं, बल्कि जहर ढो रहे हैं और यही जहर खेतों के रास्ते लोगों की थाली तक पहुंच रहा है। अमर उजाला की ग्राउंड पड़ताल में सामने आया कि वर्षों से केमिकल और सीवेज से भरे पानी से गोभी, पालक, धनिया, मेथी, बैंगन और टमाटर जैसी सब्जियां उगाई जा रही हैं।
विज्ञापन




नगर निगम रोजाना करीब 15 एमएलडी पानी 220 करोड़ रुपये से बने एसटीपी में ट्रीट करने का दावा करता है। इसमें से केवल पांच एमएलडी पानी का इस्तेमाल छिड़काव और पौधारोपण में हो रहा है। बाकी 10 एमएलडी पानी को फिर से नालों में बहा दिया जा रहा है। अमर उजाला ने 11 मार्च के अंक में इसका खुलासा किया।
विज्ञापन


तब नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने तर्क रखा कि शुद्ध पानी नालों में इसलिए छोड़ा जाता है ताकि किसानों को सिंचाई के लिए मिल सके। इस तर्क का सच जानने के लिए जब अमर उजाला की टीम एसटीपी से निकलने वाले नाले के साथ साथ आगे बढ़ी तो पाया कि एसटीपी से निकलने वाला पानी नालों में पहुंचते ही दोबारा पूरी तरह दूषित हो रहा है और नाले का काला पड़ता पानी इसका साफ संकेत है जिसे किसान पंपिंग सेट और पाइपलाइन के जरिए खेतों तक खींच रहे हैं। यह सस्ती सिंचाई का जरिया जरूर है, लेकिन इसके साथ ही शहर की सेहत पर बड़ा खतरा भी खड़ा हो रहा है। पड़ताल के साक्ष्य सामने आने पर नगर आयुक्त ने कहा कि हम पानी फ्री में दे देंगे, वे (किसान) खुद से ले जाने का बंदोबस्त कर लें।
विज्ञापन
विज्ञापन




मजबूरी या लापरवाही
किसान रामकुमार का कहना है कि ट्यूबवेल और नहर का पानी उपलब्ध नहीं होने और महंगा होने से मजबूर हैं। पानी नहीं तो फसल कैसे उगेगी? नाला ही सहारा है। इसके पानी से सिंचाई के बाद ज्यादा खाद आदि का भी प्रयोग नहीं करना पड़ता है। वहीं एक अन्य किसान किशन कुमार ने कहा कि करीब 80 से 100 रुपये प्रति घंटा ट्यूबवेल से पानी मिलता है। यह काफी महंगा पड़ता है। जबकि नालों में बहने वाला पानी नि:शुल्क उपलब्ध है। इसमें सिर्फ डीजल का खर्च ही लगता है। सब्जियों की उपज भी बढि़या होती है।




डॉक्टरों की चेतावनी: थाली में धीमा जहर

आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. विपिन गुप्ता का कहना है कि इस पानी से मिट्टी में कैडमियम, लेड, क्रोमियम और आर्सेनिक जैसी भारी धातुएं जमा हो रही हैं। ये सब्जियों के जरिए शरीर में पहुंचकर कैंसर, किडनी और लीवर की गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती हैं।

वहीं डॉ. मयंक वार्ष्णेय का कहना है कि अलीगढ़ में सबसे ज्यादा प्लाटिंग का कार्य होता है। उसमें क्रोम का उपयोग होता है। इस कारण क्रोम का पानी नालों में घूम रहा है। यही नहीं सीवेज पानी से सिंचित सब्जियों में भारी धातुओं की मात्रा सुरक्षित सीमा से कई गुना अधिक पहुंचती हैं। यह शरीर के लिए बेहद खतरनाक है।

--------

एक तर्क पर कई सवाल

. 220 करोड़ खर्च के बाद भी साफ पानी खेतों तक क्यों नहीं?
. नालों में दोबारा केमिकल मिल रहा है, जिम्मेदार कौन?
. बाजार में बिक रही सब्जियों की जांच कब होगी?
(नगर निगम ट्रीटेड पानी देने की बात करता है, जबकि प्रदूषण विभाग नाले के पानी से बचने की सलाह देता है, लेकिन जमीन पर हालात जस के तस हैं।)



क्या होगा सुधार

. क्या नालों के पानी की नियमित जांच होगी?
. क्या किसानों को सस्ता और सुरक्षित विकल्प मिलेगा?
. क्या मंडियों में सब्जियों की सैंपलिंग शुरू होगी?
(जब तक इन सवालों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक मथुरा रोड के खेतों से उठने वाली हर सब्जी के साथ एक अनदेखा जहर लोगों की थाली में परोसा जाता रहेगा।)



नगर निगम बनाए व्यवस्था

. किसानों को नाले के गंदे और केमिकल युक्त पानी का उपयोग नहीं करना चाहिए। किसानों को एसटीपी के ट्रीटेड पानी का उपयोग करना चाहिए। नगर निगम को इसके लिए व्यवस्था बनाई जानी चाहिए। जिससे लोगों को सेहतमंद सब्जियां मिल सके। - विश्वनाथ शर्मा, आरओ, प्रदूषण नियंत्रक विभाग




हम देंगे फ्री, खुद से ले जाएं किसान

. एसटीपी से ट्रीटेड पानी को हम फ्री में देने के लिए तैयार है। किसान या इंडस्ट्री इन पानी का सदुपयोग कर सकते हैं। पानी को यहां से ले जाने की सुविधा इनको ही करनी पड़ेगी। - प्रेम प्रकाश मीणा, नगर आयुक्त
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed