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हेराफेरी : बुजुर्गों को छोड़ा, युवाओं के लगा रहे टीका
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अभिषेक शर्मा, अलीगढ़।
कोरोना महामारी के इस दौर में स्वास्थ्य महकमे में सामने आने वाली हेराफेरी की घटनाएं थम नहीं रही हैं। अब यह उजागर हुआ है कि कोविड गाइडलाइन के विपरीत कुछ जगहों पर 45 साल से कम उम्र के लोगों का कोरोना टीकाकरण किया गया है। टीका लगवाने वालों ने टीके लगवाते समय के अपने फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए हैं। इन घटनाओं का स्वास्थ्य महकमे ने संज्ञान लिया है और निजी क्षेत्र के नर्सिंग होमों को नोटिस जारी कर कोरोना टीकाकरण का ब्योरा तलब किया है। गड़बड़ी मिलने पर नर्सिंग होम आयुष्मान योजना के पैनल से बाहर किए जाएंगे।
जिला मलेरिया अधिकारी/वैक्सीनेशन के नोडल अधिकारी डॉ. राहुल कुलश्रेष्ठ कहते हैं कि विभाग के पास इस तरह की शिकायतें आई हैं कि कुछ नर्सिंग होम निर्धारित 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की जगह युवा उम्र के व्यक्तियों को वैक्सीन लगा रहे हैं। इसको विभाग ने गंभीरता से लिया है। डॉ. राहुल कुलश्रेष्ठ कहते हैं कि वैक्सीन खरीदे जाने की प्रक्रिया यह है कि नर्सिंग होम ऑनलाइन भुगतान करते हैं और उनको उनकी मांग के अनुरूप वैक्सीन की वाइल उपलब्ध करा दी जाती है।
अब तक यह मानकर चला जाता था कि नर्सिंग होम सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देश का अपने स्तर से पालन करेंगे। लेकिन जिस तरह की शिकायतें आ रही हैं और ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिसमें कम उम्र के लोगों को नर्सिंग होम संचालक, चिकित्सक वैक्सीन लगा रहे हैं। इसके बाद विभाग सतर्क हो गया है। इन लोगों को नोटिस दिए जा रहे हैं। साथ ही कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। जांच में ऐसे नर्सिंग होम को आयुष्मान योजना के पैनल से बाहर किए जाने और अन्य तरह की कार्रवाई की जाएगी।
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ये है अंदेशा
बुजुर्गों को कोरोना टीका लगवाए जा रहे हैं। निजी क्षेत्र में उन नर्सिंग होमों में भी यह सुविधा उपलब्ध है, जहां आयुष्मान के तहत इलाज होता है या जिनमें कोविड का इलाज होता है। निजी अस्पतालों में कोरोना का टीका लगाने का शुल्क लिया जाता है। इस तरह की शिकायतें सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से आई हैं, जिसमें 45 साल से कम उम्र के लोगों को टीके लगवाए गए हैं।
हालांकि, यह स्पष्ट है कि उनको टीके लगवाने पर प्रमाण पत्र जारी नहीं हो सकता। इसे लेकर खुद स्वास्थ्य अधिकारी अनुमान लगा रहे हैं कि नर्सिंग होम ने उन्हें अपने स्टाफ के रूप में दर्शाया होगा अन्यथा उन्हें प्रमाण पत्र जारी नहीं होगा या फिर वेस्टेज में से बिना प्रमाण पत्र के ही उन्हें टीका लगाया गया होगा।
ये है टीकाकरण का चरण
- पहला चरण: स्वास्थ्यकर्मियों के लिए 19491 के सापेक्ष 13669 को टीके लगे
- दूसरा चरण: फ्रंट लाइन वर्कर के लिए 16608 के सापेक्ष 9735 को टीके लगे
- तीसरा चरण: सरकारी कर्मचारियों को 36469 के सापेक्ष 35852 को टीके लगे
- चौथा चरण: 60 साल से ऊपर के बुजुर्ग 72568 के सापेक्ष 59256 को टीके लगे
ये है टीकाकरण का नियम
- 60 साल या उससे अधिक उम्र के बुजुर्ग टीका लगवा सकते हैं।
- 45 साल से अधिक के बीमार व्यक्ति भी खुद के टीका लगवा सकते हैं।
- आधार कार्ड या कोई अन्य पहचान पत्र से ही कराया जाएगा रजिस्ट्रेशन।
- सीएमओ कार्यालय से इस टीकाकरण का प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।
- टीकाकरण के समय कोरोना लक्षण होने पर नहीं लगाया जाएगा टीका।
- सरकारी केंद्रों व आयुष्मान सेवाओं वाले निजी अस्पतालों में सुविधा।
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कोरोना महामारी के इस दौर में स्वास्थ्य महकमे में सामने आने वाली हेराफेरी की घटनाएं थम नहीं रही हैं। अब यह उजागर हुआ है कि कोविड गाइडलाइन के विपरीत कुछ जगहों पर 45 साल से कम उम्र के लोगों का कोरोना टीकाकरण किया गया है। टीका लगवाने वालों ने टीके लगवाते समय के अपने फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए हैं। इन घटनाओं का स्वास्थ्य महकमे ने संज्ञान लिया है और निजी क्षेत्र के नर्सिंग होमों को नोटिस जारी कर कोरोना टीकाकरण का ब्योरा तलब किया है। गड़बड़ी मिलने पर नर्सिंग होम आयुष्मान योजना के पैनल से बाहर किए जाएंगे।
जिला मलेरिया अधिकारी/वैक्सीनेशन के नोडल अधिकारी डॉ. राहुल कुलश्रेष्ठ कहते हैं कि विभाग के पास इस तरह की शिकायतें आई हैं कि कुछ नर्सिंग होम निर्धारित 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की जगह युवा उम्र के व्यक्तियों को वैक्सीन लगा रहे हैं। इसको विभाग ने गंभीरता से लिया है। डॉ. राहुल कुलश्रेष्ठ कहते हैं कि वैक्सीन खरीदे जाने की प्रक्रिया यह है कि नर्सिंग होम ऑनलाइन भुगतान करते हैं और उनको उनकी मांग के अनुरूप वैक्सीन की वाइल उपलब्ध करा दी जाती है।
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अब तक यह मानकर चला जाता था कि नर्सिंग होम सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देश का अपने स्तर से पालन करेंगे। लेकिन जिस तरह की शिकायतें आ रही हैं और ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिसमें कम उम्र के लोगों को नर्सिंग होम संचालक, चिकित्सक वैक्सीन लगा रहे हैं। इसके बाद विभाग सतर्क हो गया है। इन लोगों को नोटिस दिए जा रहे हैं। साथ ही कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। जांच में ऐसे नर्सिंग होम को आयुष्मान योजना के पैनल से बाहर किए जाने और अन्य तरह की कार्रवाई की जाएगी।
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ये है अंदेशा
बुजुर्गों को कोरोना टीका लगवाए जा रहे हैं। निजी क्षेत्र में उन नर्सिंग होमों में भी यह सुविधा उपलब्ध है, जहां आयुष्मान के तहत इलाज होता है या जिनमें कोविड का इलाज होता है। निजी अस्पतालों में कोरोना का टीका लगाने का शुल्क लिया जाता है। इस तरह की शिकायतें सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से आई हैं, जिसमें 45 साल से कम उम्र के लोगों को टीके लगवाए गए हैं।
हालांकि, यह स्पष्ट है कि उनको टीके लगवाने पर प्रमाण पत्र जारी नहीं हो सकता। इसे लेकर खुद स्वास्थ्य अधिकारी अनुमान लगा रहे हैं कि नर्सिंग होम ने उन्हें अपने स्टाफ के रूप में दर्शाया होगा अन्यथा उन्हें प्रमाण पत्र जारी नहीं होगा या फिर वेस्टेज में से बिना प्रमाण पत्र के ही उन्हें टीका लगाया गया होगा।
ये है टीकाकरण का चरण
- पहला चरण: स्वास्थ्यकर्मियों के लिए 19491 के सापेक्ष 13669 को टीके लगे
- दूसरा चरण: फ्रंट लाइन वर्कर के लिए 16608 के सापेक्ष 9735 को टीके लगे
- तीसरा चरण: सरकारी कर्मचारियों को 36469 के सापेक्ष 35852 को टीके लगे
- चौथा चरण: 60 साल से ऊपर के बुजुर्ग 72568 के सापेक्ष 59256 को टीके लगे
ये है टीकाकरण का नियम
- 60 साल या उससे अधिक उम्र के बुजुर्ग टीका लगवा सकते हैं।
- 45 साल से अधिक के बीमार व्यक्ति भी खुद के टीका लगवा सकते हैं।
- आधार कार्ड या कोई अन्य पहचान पत्र से ही कराया जाएगा रजिस्ट्रेशन।
- सीएमओ कार्यालय से इस टीकाकरण का प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।
- टीकाकरण के समय कोरोना लक्षण होने पर नहीं लगाया जाएगा टीका।
- सरकारी केंद्रों व आयुष्मान सेवाओं वाले निजी अस्पतालों में सुविधा।