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रोशनी के त्योहार पर चार लोगों की जिंदगी में छाया अंधेरा, 30 से अधिक घायल
Tue, 29 Oct 2019 06:28 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 29 Oct 2019 06:28 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : फाइल फोटो
दीपावली के अवसर पर पटाखे चलाने के दौरान हादसे भी हुए। 30 से अधिक स्थानों पर पटाखों से बच्चे और बड़े घायल हुए। अकेले गांधी आई हॉस्पिटल में ही 24 से अधिक मरीज जख्मी हालत में लाए गए। इनमें से चार मरीजों की हालत यह है कि उनकी आंखों की रोशनी आना भी संभव नहीं है। मलखान सिंह जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में भी सासनी गेट इलाके से और देहली गेट क्षेत्र से हादसे के शिकार लाए गए।
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दीपावली पर असावधानी के चलते हादसे भी हुए। हादसों के घायलों में सत्यभान निवासी बदायूं, राजकुमार निवासी मथुरा, प्रदीप निवासी अचलताल अगीगढ़, कांति देवी निवासी
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जयगंज आदि को भर्ती किया गया है।
इसके अलावा कपिल निवासी महेंद्र नगर, तरुण निवासी खान गढ़ी, पुष्कर निवासी नई बस्ती, रोहित अग्रवाल निवासी मुकुंद नगर एटा चुंगी, राहिल अग्रवाल निवासी कटरा, अलीगढ़, हिमांशु निवासी गोरना, सुभाष चंद्र निवासी पीएसी, अलीगढ़, नकुल निवासी टीकाराम कॉलोनी, मोहित निवासी रावणटीला, अमन यादव निवासी जलेसर, प्रिंस निवासी देवी नगला, अरुण निवासी आनंदपुर अतरौली, बाबू निवासी मनीगढ़ी एटा, सचिन निवासी अमरौला, हरेंद्र सिंह निवासी कैमथल, देवेश निवासी नगला चिरौली, बुलंदशहर, यश निवासी रामपुर, कासगंज, रौबिन नगला गालू, एटा, हेमंत निवासी पंचवटी, नरेश कुमार निवासी उदयपुर, आकाश गुप्ता निवासी स्वर्ण जयंती नगर, संदीप कुमार निवासी गोकुलपुर, पार्थ गुप्ता निवासी गूलर रोड, संजू देवी अरदासपुर, अशोक निवासी अरारा आदि अन्य को घायल होने पर गांधी चिकित्सालय लाया गया। यहां पर उपचार के बाद इनको घर भेज दिया गया। इसके अलावा जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भी हाथ जलने, पटाखे से घायल होने के मामले आए, जिन्हें उपचार के बाद घर भेज दिया गया।
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सबसे ज्यादा हादसे रॉकेट और सूतली बम से होने पाए गए हैं। हमारे यहां तीन चार मरीज ऐेसे हैं कि उनकी आंखों की रोशनी नहीं आ सकती है। बुरी तरह आंखें डेमेज हुई हैं। सामाजिक कारणों से और परिजनों की संवेदना के चलते हम उनके नाम जाहिर नहीं कर रहे हैं। इसके अलावा अन्य मरीजों को अस्पताल के हेलेट वार्ड में भर्ती कराया गया है। वहां पर उनका उपचार चल रहा है।
- मधुप लहरी, चिकित्सालय अधीक्षक, गांधी आई हास्पिटल