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विधि विज्ञान प्रयोग शाला को 15 करोड़ रुपये की दरकार
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विधि विज्ञान प्रयोगशाला की निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत 45वीं वाहिनी पीएसी बोरना के परिसर में।
- फोटो : CITY OFFICE
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आशीष निगम
विधि विज्ञान प्रयोगशाला को इस वक्त 15.39 करोड़ रुपये की सख्त दरकार है। जिसमें 10.39 करोड़ रुपये अधूरा निर्माण कार्य पूरा करने और कम से कम 5 करोड़ रुपये लैब के प्रारंभिक तकनीकी उपकरणाें और संचालन के वास्ते चाहिए। राजकीय निर्माण निगम इस रकम को लेकर लगातार शासन से मांग कर रहा है। परियोजना अपने तयशुदा वक्त से लगभग 16 महीने लेट हो चुकी है।
तकरीबन 24.39 करोड़ रुपये में बन कर तैयार होने वाली इस इमारत को अब तक 9 करोड़ रुपये मिले हैं। 5 करोड़ रुपये इसी नवंबर महीने मिले हैं। 10.39 करोड़ रुपये मिलने बाकी हैं। राजकीय निर्माण निगम की ओर से इसका काम मैसर्स सैल्वी कंस्ट्रक्शन इटावा को दिया गया है। इमारत बनने के बाद इसमें तकनीकी उपकरण के लिए पांच करोड़ रुपये अलग से चाहिए होंगे। इसके बाद प्रयोगशाला चालू हो पाएगी। फोरेंसिक लैब और पुलिस विभाग के अधिकारी इसके लिए लगातार प्रयासरत हैं, ताकि आपराधिक मामलों में यथाशीघ्र जांच रिपोर्ट आ सके। भूतल में फिलहाल कुछ प्रारंभिक जांच कराने की व्यवस्था जल्द से जल्द की जा रही है।
फिलहाल यहां काम बंद चल रहा है। सैल्वी कंस्ट्रक्शन के सुपरवाइजर प्रियांशु यादव, राजकीय निर्माण निगम के हरिशंकर आदि लोग ही ड्यूटी पर रहते हैं। राजकीय निर्माण निगम के जेई योगेंद्र सिंह ने बताया कि लैब का निर्माण जल्द से जल्द पूरा करने को लगातार शासन से अटकी हुई धनराशि मांगी जा रही है।
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पहला तल : डिप्टी डायरेक्टर कक्ष, ज्वाइंट डायरेक्टर कक्ष, सांइटिफिक रूम, रिकार्ड रूम, फिजीशियन रूम, क्राइम सीन मैनेजमेंट हॉल, फील्ड यूनिट, बैलेस्टिक जांच की फायरिंग रेंज, विश्लेषण कक्ष, सेक्शन रूम।
द्वितीय तल : डिप्टी डायरेक्टर कक्ष, विसरा आदि रखने के लिए डीप फ्रीजर कक्ष, प्रिजर्वेशन रूम, विश्लेषण कक्ष, रिकार्ड रूम व अन्य कक्ष।
तृतीय तल : डायरेक्टर कंप्यूटर एंड फोरेंसिक लैब, सांइटिफिक लैब, रैफ्रीजेशन रूम, सेक्शन रूम, रिकार्ड रूम, डिप्टी डायरेक्टर मेडिकोलीगल सहित अन्य कक्ष।
भूतल पर ही कैंटीन, पार्किंग, प्रतीक्षालय सहित अन्य निर्माण होंगे। यहां आने वालों को पीएसी के गेट नंबर एक से ही प्रवेश मिलेगा।
निर्माण कार्य में रुकावट
1-शुरुआत में राजकीय निर्माण निगम ने एक करोड़ रुपये तक का निर्माण कराया
2-इसके बाद इटावा की मैसर्स सैल्वी कंस्ट्रक्शन को ऑनलाइन टेंडर मिला
3-वर्तमान में मैसर्स सैल्वी कंस्ट्रक्शन ही इसका काम पूरा कर रहा है
एक साल पांच महीने लेट है परियोजना
परियोजना की मूल स्वीकृत लागत 24.39 करोड़ रुपये
कार्य प्रारंभ करने की तिथि 01 जनवरी 2017
कार्य पूर्ण करने की तारीख 30 जून 2018
स्वीकृत कुर्सी क्षेत्रफल 7589. 50 वर्गमीटर
पैसा पड़ गया कम
09 करोड़ रुपये परियोजना कार्य शुरू होने पर जारी हुए
05 करोड़ रुपये नवंबर 2019 में शासन से मिले हैं
10.39 करोड़ रुपये शासन से मिलना बाकी है
05 करोड़ रुपये उपकरणों व संचालन के वास्ते
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विधि विज्ञान प्रयोगशाला को इस वक्त 15.39 करोड़ रुपये की सख्त दरकार है। जिसमें 10.39 करोड़ रुपये अधूरा निर्माण कार्य पूरा करने और कम से कम 5 करोड़ रुपये लैब के प्रारंभिक तकनीकी उपकरणाें और संचालन के वास्ते चाहिए। राजकीय निर्माण निगम इस रकम को लेकर लगातार शासन से मांग कर रहा है। परियोजना अपने तयशुदा वक्त से लगभग 16 महीने लेट हो चुकी है।
तकरीबन 24.39 करोड़ रुपये में बन कर तैयार होने वाली इस इमारत को अब तक 9 करोड़ रुपये मिले हैं। 5 करोड़ रुपये इसी नवंबर महीने मिले हैं। 10.39 करोड़ रुपये मिलने बाकी हैं। राजकीय निर्माण निगम की ओर से इसका काम मैसर्स सैल्वी कंस्ट्रक्शन इटावा को दिया गया है। इमारत बनने के बाद इसमें तकनीकी उपकरण के लिए पांच करोड़ रुपये अलग से चाहिए होंगे। इसके बाद प्रयोगशाला चालू हो पाएगी। फोरेंसिक लैब और पुलिस विभाग के अधिकारी इसके लिए लगातार प्रयासरत हैं, ताकि आपराधिक मामलों में यथाशीघ्र जांच रिपोर्ट आ सके। भूतल में फिलहाल कुछ प्रारंभिक जांच कराने की व्यवस्था जल्द से जल्द की जा रही है।
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फिलहाल यहां काम बंद चल रहा है। सैल्वी कंस्ट्रक्शन के सुपरवाइजर प्रियांशु यादव, राजकीय निर्माण निगम के हरिशंकर आदि लोग ही ड्यूटी पर रहते हैं। राजकीय निर्माण निगम के जेई योगेंद्र सिंह ने बताया कि लैब का निर्माण जल्द से जल्द पूरा करने को लगातार शासन से अटकी हुई धनराशि मांगी जा रही है।
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पहला तल : डिप्टी डायरेक्टर कक्ष, ज्वाइंट डायरेक्टर कक्ष, सांइटिफिक रूम, रिकार्ड रूम, फिजीशियन रूम, क्राइम सीन मैनेजमेंट हॉल, फील्ड यूनिट, बैलेस्टिक जांच की फायरिंग रेंज, विश्लेषण कक्ष, सेक्शन रूम।
द्वितीय तल : डिप्टी डायरेक्टर कक्ष, विसरा आदि रखने के लिए डीप फ्रीजर कक्ष, प्रिजर्वेशन रूम, विश्लेषण कक्ष, रिकार्ड रूम व अन्य कक्ष।
तृतीय तल : डायरेक्टर कंप्यूटर एंड फोरेंसिक लैब, सांइटिफिक लैब, रैफ्रीजेशन रूम, सेक्शन रूम, रिकार्ड रूम, डिप्टी डायरेक्टर मेडिकोलीगल सहित अन्य कक्ष।
भूतल पर ही कैंटीन, पार्किंग, प्रतीक्षालय सहित अन्य निर्माण होंगे। यहां आने वालों को पीएसी के गेट नंबर एक से ही प्रवेश मिलेगा।
निर्माण कार्य में रुकावट
1-शुरुआत में राजकीय निर्माण निगम ने एक करोड़ रुपये तक का निर्माण कराया
2-इसके बाद इटावा की मैसर्स सैल्वी कंस्ट्रक्शन को ऑनलाइन टेंडर मिला
3-वर्तमान में मैसर्स सैल्वी कंस्ट्रक्शन ही इसका काम पूरा कर रहा है
एक साल पांच महीने लेट है परियोजना
परियोजना की मूल स्वीकृत लागत 24.39 करोड़ रुपये
कार्य प्रारंभ करने की तिथि 01 जनवरी 2017
कार्य पूर्ण करने की तारीख 30 जून 2018
स्वीकृत कुर्सी क्षेत्रफल 7589. 50 वर्गमीटर
पैसा पड़ गया कम
09 करोड़ रुपये परियोजना कार्य शुरू होने पर जारी हुए
05 करोड़ रुपये नवंबर 2019 में शासन से मिले हैं
10.39 करोड़ रुपये शासन से मिलना बाकी है
05 करोड़ रुपये उपकरणों व संचालन के वास्ते