जवां थाने के पास बीते साल पूर्व सांसद स्व. नवाब सिंह चौहान के बेटे योगेंद्र सिंह चौहान के साथ हुए मारपीट प्रकरण की जांच कर एडीएम वित्त ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। उन्होंने रिपोर्ट में लिखा है कि जांच के दौरान थाने का सीसीटीवी खराब मिला। कोई फु टेज प्राप्त नहीं हुआ। कैमरा कब से खराब था, इसका भी पता नहीं चला है। सीसीटीवी की फ ोरेंसिंक जांच होनी चाहिए। इधर, उन्होंने इस प्रकरण में इंस्पेक्टर जवां की भूमिका को लेकर लिखा है कि वह बेकसूर हैं। उनकी इस प्रकरण में कोई भी भूमिका सामने नहीं आई है। वहीं, आरोपी सिपाहियों के संबंध में लिखा है कि इस प्रकार का कृत्य शासकीय सेवा में होते हुए नहीं करना चाहिए। योगेंद्र सिंह चौहान को आईं चोटों के विषय में उन्होंने लिखा है कि चोटें काफ ी गंभीर थीं।
बता दें कि बीते साल 28 सितंबर को योगेंद्र सिंह चौहान के साथ तीन सिपाहियों ने मारपीट की थी। विवाद घर के सामने कार खड़ी करने के चलते हुआ था। बरौली विधायक ठा. दलवीर सिंह ने आरोपी सिपाहियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुुलिस कप्तान स्तर से मामले में आरोपी तीनों सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया था। इधर, मामले की जांच डीएम ने एडीएम वित्त को सौंपी थी। एडीएम वित्त विधान जायसवाल ने घटना के समय मौजूद रहे लोगों के बयान लिए थे। सीसीटीवी कैमरों की जांच की। जिम्मेदारों से भी जवाब तलब किया। एडीएम वित्त विधान जायसवाल ने बताया कि उन्होंने जांच रिपोर्ट सौंप दी है।