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25 साल पुराने झगड़े में पांच बुजुर्गों को सजा
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महानगर के बन्नादेवी क्षेत्र के बरौला में 25 साल पहले नाली के विवाद में हुए झगड़े के पांच बुजुर्ग आरोपियों को सजा सुनाई है। न्यायालय ने इन पांचों को दोषी करार देते हुए बुजुर्ग होने के नाते एक साल परीविक्षा में रहने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान चाल-चलन की गलत रिपोर्ट आई तो फिर कानून के अनुसार दंडित किया जाएगा। यह फैसला एडीजे एससीएसटी न्यायालय के न्यायाधीश अशोक कुमार दशम ने सुनाया है।
वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी सुशील कुमार सिंह के अनुसार वाकया 5 फरवरी 1996 का है, जब कुछ दबंगों ने पड़ोसी अनुसूचित जाति के श्यौराज के घर की नाली तोड़कर दीवार लगाई थी। इसे लेकर विरोध पर झगड़े पर आमदा हुए थे। मामले में एसएसपी के निर्देश पर मुकदमा दर्ज किया गया, जिसमें सामंती, बालकिशन, पन्नालाल, चेतराम, राजू व अमर सिंह को नामजद किया गया।
पुलिस ने चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी। दौरान-ए-सत्र परीक्षण चेतराम की मृत्यु हो गई। न्यायालय ने ढाई दशक पुराने इस मुकदमे को निस्तारित करते हुए साक्ष्यों व गवाही के आधार पर पांचों आरोपियों को मारपीट, झगड़ा, गाली गलौज आदि धाराओं में दोषी करार दिया है, जबकि एससीएसटी एक्ट में बरी किया है। साथ ही एक साल परीविक्षा में रहने की सजा सुनाई है।
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महिला से छेड़खानी में आरोपी को सजा
एडीजे प्रथम शाहिद रजा के न्यायालय से थाना विजयगढ़ की महिला से छेड़खानी के आरोपी को तीन साल सजा व 12 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी अमर सिंह तोमर के अनुसार महिला का पति बाहर नौकरी करता है। वह घर में सास ससुर व बच्चों संग रहती है। घटना 20 जून 2016 की है। महिला अपनी बच्ची संग सोयी थी, तभी आरोपी देवेंद्र उर्फ देवेश ने आकर उसके साथ छेड़खानी व दुष्कर्म की कोशिश की। मामले में मुकदमा दर्ज किया गया। न्यायालय ने आरोपी को छेड़खानी की धारा में दोषी करार देते हुए तीन साल सजा व 12 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।
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वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी सुशील कुमार सिंह के अनुसार वाकया 5 फरवरी 1996 का है, जब कुछ दबंगों ने पड़ोसी अनुसूचित जाति के श्यौराज के घर की नाली तोड़कर दीवार लगाई थी। इसे लेकर विरोध पर झगड़े पर आमदा हुए थे। मामले में एसएसपी के निर्देश पर मुकदमा दर्ज किया गया, जिसमें सामंती, बालकिशन, पन्नालाल, चेतराम, राजू व अमर सिंह को नामजद किया गया।
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पुलिस ने चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी। दौरान-ए-सत्र परीक्षण चेतराम की मृत्यु हो गई। न्यायालय ने ढाई दशक पुराने इस मुकदमे को निस्तारित करते हुए साक्ष्यों व गवाही के आधार पर पांचों आरोपियों को मारपीट, झगड़ा, गाली गलौज आदि धाराओं में दोषी करार दिया है, जबकि एससीएसटी एक्ट में बरी किया है। साथ ही एक साल परीविक्षा में रहने की सजा सुनाई है।
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महिला से छेड़खानी में आरोपी को सजा
एडीजे प्रथम शाहिद रजा के न्यायालय से थाना विजयगढ़ की महिला से छेड़खानी के आरोपी को तीन साल सजा व 12 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी अमर सिंह तोमर के अनुसार महिला का पति बाहर नौकरी करता है। वह घर में सास ससुर व बच्चों संग रहती है। घटना 20 जून 2016 की है। महिला अपनी बच्ची संग सोयी थी, तभी आरोपी देवेंद्र उर्फ देवेश ने आकर उसके साथ छेड़खानी व दुष्कर्म की कोशिश की। मामले में मुकदमा दर्ज किया गया। न्यायालय ने आरोपी को छेड़खानी की धारा में दोषी करार देते हुए तीन साल सजा व 12 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।