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डिफेंस कॉरिडोर के लिए किसानों की जमीन का नहीं होगा अधिग्रहण

Mon, 24 Aug 2020 12:36 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 24 Aug 2020 12:36 AM IST
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Farmers' land will not be acquired for Defense Corridor
अंडला गांव में किसानों के साथ बैठक करते खैर से भाजपा विधायक अनूप प्रधान। - फोटो : CITY OFFICE
खैर के अंडला गांव में बनने जा रहे डिफेंस कॉरिडोर के लिए जमीन अधिग्रहण के मुआवजे को लेकर पिछले पांच दिनों से छिड़ी रार पर अब जिला प्रशासन ने विराम लगा दिया है। किसानों की होने वाली महापंचायत के एलान के बाद रविवार को जिलाधिकारी ने कहा कि अब अंडला, तेहर और हैवतपुर गांव में किसी भी किसान की जमीन का अधिग्रहण नहीं किया जाएगा। गभाना के ख्यामई और कोल तहसील के बराकलां गांव में प्रशासन द्वारा खाली कराई दो हजार बीघा जमीन को भविष्य में डिफेंस कॉरिडोर के विस्तार के लिए रिजर्व रखा जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने किसान यूनियन, राजनीतिक दलों की किसानों के साथ आज यानी सोमवार को प्रस्तावित पंचायत को न करने की अपील की है।
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अंडला गांव में डिफेंस कॉरिडोर बनने जा रहा है। वहां कृषि विभाग की करीब 49 हेक्टेयर जमीन, जो वन विभाग को हस्तांतरित की जा चुकी है। बाद में उसे वन विभाग ने यूपीडा को सौंप दिया। इस जमीन के पास ही प्रशासन ने 7.55 हेक्टेयर जमीन 79 किसानों से सर्किल रेट के दोगुने दामों पर अधिग्रहण की। इस प्रकार यहां कुल 56.55 हेक्टेयर जमीन पर डिफेंस कॉरिडोर बनना तय हुआ। 17 अगस्त को यहां जमीन का निरीक्षण करने अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी आए थे। उन्होंने किसानों, प्रधान और उद्योगपतियों के साथ बैठक की।
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बैठक में उद्योगपतियों की रुचि को देखते हुए उन्होंने जिला प्रशासन को कॉरिडोर के भविष्य के विस्तार के लिए 250 हेक्टेयर और जमीन तलाशकर खरीदने का निर्देश दे दिए। अगले ही दिन किसान जमीन की एवज में चार गुना मुआवजे की मांग पर अड़ गए। किसान झांसी की तर्ज पर चार गुना मुआवजा और एक सरकारी नौकरी देने की मांग को लेकर आंदोलित होने लगे थे।
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शुक्रवार को इसमें राजनीतिक दखल शुरू हो गया। शनिवार को किसान यूनियनों ने भी किसानों के समर्थन का एलान कर दिया। साथ ही सोमवार को महापंचायत की तैयारी शुरू कर दी। इसकी गूंज लखनऊ तक हुई। मामला गरमाता देख रविवार को जिला प्रशासन भी हरकत में आ गया। डीएम ने कॉरिडोर विस्तार के लिए किसानों की जमीन न लेकर सरकारी जमीनों का विकल्प चुन लिया। जिसमें गभाना तहसील के ख्यामई गांव में खाली कराई जमीन और शनिवार को कोल तहसील के गांव बराकलां में खाली कराई जमीन उनके पास हैै। इस पर उन्होंने मुहर लग दी।
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