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किसान आंदोलनः कहीं गुपचुप तो कहीं खुलेआम विरोध की तैयारी
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टिकट निकालने के विरोध में किसान संगठनों के 6 फरवरी को चक्का जाम कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विभिन्न कृषि किसान संगठनों ने अलग-अलग रणनीति तैयार की है। पुलिस और प्रशासन की रोक टोक और घेराबंदी से बचने के लिए किसान संयुक्त मोर्चा ने गुपचुप विरोध की रणनीति तैयार की है और कार्यक्रम वाले दिन ही इसका खुलासा करने को कहा है। इधर, भाकियू हरपाल गुट ने 6 फरवरी को इगलास, गोंडा, अतरौली समेत आधा दर्जन स्थानों पर सड़क जाम का एलान किया है। किसान सेना डीएम कार्यालय पर धरना प्रदर्शन करेगी।
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के आह्वान पर तीनों कृषि कानूनों के विरोध में किसान संगठन 6 फरवरी को देशभर में दोपहर 12 से 3 बजे तक चक्का जाम करेंगे। कार्यक्रम के लिए अलग-अलग किसान संगठनों ने अलग-अलग रणनीति बनाई है। किसान संयुक्त मोर्चा के संयोजक शशिकांत ने कहा कि चक्का जाम को सफल बनाने की रूपरेखा तैयार हो गई है। पुलिस व प्रशासन की रोकटोक से बचने के लिए हम अपनी रणनीति का खुलासा 6 फरवरी को ही करेंगे।
इधर, भारतीय किसान यूनियन हरपाल गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह ने बताया कि 6 फरवरी को रोड जाम कार्यक्रम के तहत गोंडा, खैर के अरनी चौराहे, इगलास, टप्पल, अतरौली 12 नंबर समेत दर्जनों स्थानों पर सड़क जाम की जाएगी। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को किसानों की बेशकीमती कृषि भूमि पूंजीपतियों के हाथों में नहीं देने देंगे। तीनों काले कानून वापस होने तक आंदोलन निरंतर जारी रहेगा। भाकियू किसान सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष मोहम्मद शमी ने बताया कि संगठन के कार्यकर्ता 6 फरवरी को जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष धरना देंगे और उसके बाद डीएम को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा जाएगा।
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भाकियू भानु कार्यकर्ताओं को आदेशों का इंतजार
अलीगढ़। जहां एक ओर सभी किसान संगठन 6 फरवरी के चक्का जाम की तैयारियों में लगे हुए हैं, वहीं दूसरी ओर भारतीय किसान यूनियन भानु के कार्यकर्ता अभी भी पशोपेश में हैं। प्रांतीय महासचिव डॉ. शैलेंद्र सिंह ने बताया कि संगठन के राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से अब तक चक्काजाम के मामले में कोई निर्देश नहीं आया है। निर्देश आने पर उसका अक्षरक्ष पालन किया जाएगा।
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भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के आह्वान पर तीनों कृषि कानूनों के विरोध में किसान संगठन 6 फरवरी को देशभर में दोपहर 12 से 3 बजे तक चक्का जाम करेंगे। कार्यक्रम के लिए अलग-अलग किसान संगठनों ने अलग-अलग रणनीति बनाई है। किसान संयुक्त मोर्चा के संयोजक शशिकांत ने कहा कि चक्का जाम को सफल बनाने की रूपरेखा तैयार हो गई है। पुलिस व प्रशासन की रोकटोक से बचने के लिए हम अपनी रणनीति का खुलासा 6 फरवरी को ही करेंगे।
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इधर, भारतीय किसान यूनियन हरपाल गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह ने बताया कि 6 फरवरी को रोड जाम कार्यक्रम के तहत गोंडा, खैर के अरनी चौराहे, इगलास, टप्पल, अतरौली 12 नंबर समेत दर्जनों स्थानों पर सड़क जाम की जाएगी। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को किसानों की बेशकीमती कृषि भूमि पूंजीपतियों के हाथों में नहीं देने देंगे। तीनों काले कानून वापस होने तक आंदोलन निरंतर जारी रहेगा। भाकियू किसान सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष मोहम्मद शमी ने बताया कि संगठन के कार्यकर्ता 6 फरवरी को जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष धरना देंगे और उसके बाद डीएम को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा जाएगा।
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भाकियू भानु कार्यकर्ताओं को आदेशों का इंतजार
अलीगढ़। जहां एक ओर सभी किसान संगठन 6 फरवरी के चक्का जाम की तैयारियों में लगे हुए हैं, वहीं दूसरी ओर भारतीय किसान यूनियन भानु के कार्यकर्ता अभी भी पशोपेश में हैं। प्रांतीय महासचिव डॉ. शैलेंद्र सिंह ने बताया कि संगठन के राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से अब तक चक्काजाम के मामले में कोई निर्देश नहीं आया है। निर्देश आने पर उसका अक्षरक्ष पालन किया जाएगा।