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स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों को मिला सम्मान तो भर आई आंखें
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कृष्णाजंलि में आयोजित कार्यक्रम में स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों का सम्मानित किया।
- फोटो : CITY OFFICE
राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी (अलीगढ़ महोत्सव 2021) के शुभारंभ के अवसर पर नाट्यशाला में हुए कार्यक्रम में जनपद के स्वतंत्रता सेनानियों की पत्नियों को सम्मानित किया गया।
इनको सम्मानित करने के लिए केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह, प्रदेश के गन्ना राज्य मंत्री और जिला प्रभारी सुरेश राणा, राज्य मंत्री संदीप सिंह, सांसद सतीश गौतम व अन्य जनप्रतिनिधि मंच से उतरकर स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों के बैठने के स्थान पर पहुंचे। जिन स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया गया, उनमें विष्णुपुरी साकेत कॉलोनी के स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय दाताराम की पत्नी बसंती देवी, घनश्याम पुरी निवासी स्वर्गीय कीर्ति पाल सिंह की पत्नी कश्मीरी देवी, अतरौली के स्वर्गीय लखन पाल सिंह की पत्नी शकुंतला देवी, अतरौली के स्वर्गीय बालमुकुंद की पत्नी गायत्री और अतरौली के ही स्वर्गीय महेश गुप्ता की पत्नी गायत्री गुप्ता को इस अवसर पर शॉल प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस दौरान परिजनों की आंख नम हो गईं। जनरल वीके सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों का जो कर्ज इस देश पर है इसे उतारा नहीं जा सकता। उनकी कुर्बानियों की बदौलत ही आज देश नई ऊंचाइयां छू रहा है। स्वतंत्रता पाने के बाद देश ने अपने संसाधनों से अपनी विकास यात्रा तय की है। इसके लिए हम सभी स्वतंत्रता सेनानियों के ऋणी हैं।
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डॉ अंजना सिंह सेंगर ने कविता पाठ से मिला मानदेय जनकल्याण को सौंपा
कार्यक्रम में मौजूद कवियत्री और जिलाधिकारी चंद्र भूषण सिंह की पत्नी डॉ. अंजना सिंह सेंगर ने कहा कि वह चौरीचौरा के शताब्दी वर्ष समारोह में शामिल होकर आ रही हैं। उन्होंने वहां काव्य पाठ किया और इसका जो मानदेय उन्हें मिला उसको उन्होंने वहीं के प्रशासन को जन कल्याणकारी कार्यों के लिए सौंप दिया। उन्होंने कहा कि उनके पिता भी सेना में थे और वह देश के लिए सैनिकों द्वारा किए जाने वाले योगदान को अच्छी तरह समझती हैं।
उन्होंने सैनिकों को समर्पित कविता प्रस्तुत की। साथ ही चौरीचौरा की घटना को केंद्र में रखते हुए एक लंबी कविता भी प्रस्तुत की, जिस को कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों ने बहुत सराहा। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने स्वतंत्रता संग्राम की कुछ घटनाओं को कांड कहा है। यह उनका दृष्टिकोण था जो अब तक चला आ रहा था। हम भारतीयों के लिए तो यह घटनाएं संग्राम हैं।
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इनको सम्मानित करने के लिए केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह, प्रदेश के गन्ना राज्य मंत्री और जिला प्रभारी सुरेश राणा, राज्य मंत्री संदीप सिंह, सांसद सतीश गौतम व अन्य जनप्रतिनिधि मंच से उतरकर स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों के बैठने के स्थान पर पहुंचे। जिन स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया गया, उनमें विष्णुपुरी साकेत कॉलोनी के स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय दाताराम की पत्नी बसंती देवी, घनश्याम पुरी निवासी स्वर्गीय कीर्ति पाल सिंह की पत्नी कश्मीरी देवी, अतरौली के स्वर्गीय लखन पाल सिंह की पत्नी शकुंतला देवी, अतरौली के स्वर्गीय बालमुकुंद की पत्नी गायत्री और अतरौली के ही स्वर्गीय महेश गुप्ता की पत्नी गायत्री गुप्ता को इस अवसर पर शॉल प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
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इस दौरान परिजनों की आंख नम हो गईं। जनरल वीके सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों का जो कर्ज इस देश पर है इसे उतारा नहीं जा सकता। उनकी कुर्बानियों की बदौलत ही आज देश नई ऊंचाइयां छू रहा है। स्वतंत्रता पाने के बाद देश ने अपने संसाधनों से अपनी विकास यात्रा तय की है। इसके लिए हम सभी स्वतंत्रता सेनानियों के ऋणी हैं।
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डॉ अंजना सिंह सेंगर ने कविता पाठ से मिला मानदेय जनकल्याण को सौंपा
कार्यक्रम में मौजूद कवियत्री और जिलाधिकारी चंद्र भूषण सिंह की पत्नी डॉ. अंजना सिंह सेंगर ने कहा कि वह चौरीचौरा के शताब्दी वर्ष समारोह में शामिल होकर आ रही हैं। उन्होंने वहां काव्य पाठ किया और इसका जो मानदेय उन्हें मिला उसको उन्होंने वहीं के प्रशासन को जन कल्याणकारी कार्यों के लिए सौंप दिया। उन्होंने कहा कि उनके पिता भी सेना में थे और वह देश के लिए सैनिकों द्वारा किए जाने वाले योगदान को अच्छी तरह समझती हैं।
उन्होंने सैनिकों को समर्पित कविता प्रस्तुत की। साथ ही चौरीचौरा की घटना को केंद्र में रखते हुए एक लंबी कविता भी प्रस्तुत की, जिस को कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों ने बहुत सराहा। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने स्वतंत्रता संग्राम की कुछ घटनाओं को कांड कहा है। यह उनका दृष्टिकोण था जो अब तक चला आ रहा था। हम भारतीयों के लिए तो यह घटनाएं संग्राम हैं।