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फर्जी पासपोर्ट, आधार, वोटर कार्ड तक मिल चुके हैं रोहिंग्या से
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एक वर्ष पूर्व गिरफ्तार रोहिंग्या शाहिद के पास से एटीएस ने अलीगढ़ से बना वोटर कार्ड बरामद किया था। मगर सवाल खड़ा हो रहा है कि इससे पहले यहां से पकड़े गए रोहिंग्या से कई आधार कार्ड, कुछ से वोटर कार्ड तथा एक से फर्जी पासपोर्ट तक बरामद किया। मगर आज तक इन्हें बनाने वालों पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई। अब तक की जांच में पुलिस - प्रशासनिक टीमें इन्हें बनाने वालों तक क्यों नहीं पहुंच सकीं। बात 2017 के विधानसभा चुनाव में इनके मतदान पर उठी। सीएए-एनआरसी विरोधी उपद्रव में पुलिस ने इन्हें शाहजमाल में शामिल पाया। मगर इनको भारतीय नागरिकता संबंधी दस्तावेज देने वालों तक कोई नहीं पहुंचा।
सोमवार शाम तक सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी व एडीएम प्रशासन दोनों एटीएस द्वारा जारी किए गए जांच पत्र के मिलने से इंकार करते रहे। मगर एटीएस के इस पत्र की खबर ने सिस्टम पर तमाम सवाल खड़े किए हैं। एटीएस ने गिरफ्तारी के एक वर्ष बाद एक पत्र जिला प्रशासन को भेजा है, जिसमें कहा है कि अलीगढ़ से पकड़े गए मूल रूप से म्यामार आक्याब मगड़ू के शाहिद से वोटर कार्ड मिला है, एनजेजेड-2627736 नंबर का वोटर कार्ड अलीगढ़ से जारी है। शाहिद अकेला नहीं था, यहां उसका भाई व अन्य परिजन भी रह रहे थे। भाई भी पकड़ा गया था। इस कार्रवाई के दौरान करीब 100 लोग ऐसे थे, जो अचानक गायब हो गए। उससे पहले सीएए-एनआरसी विरोधी उपद्रव में इनकी भूमिका सामने आने पर दस्तावेजों के सत्यापन कराए गए।
कार्रवाई की जद में आएंगे कर्मचारी
एडीएम प्रशासन डीपी पाल कहते हैं कि किसी को भी किसी स्थान पर 6 माह तक रहने पर अस्थायी दस्तावेज बन जाता है। चूंकि ये रोहिंग्या हैं जो वर्क परमिट पर हैं, उनको तो कोई दस्तावेज मिलना संभव नहीं। उनका रिकार्ड भी ऑनलाइन है। मगर जो चोरी छिपे यहां आकर बसे, उन्हें कैसे दस्तावेज मिले, इसे लेकर बीएलओ व पहचान पत्र जारी करने वाले अन्य सभी कर्मचारी जांच की जद में आएंगे। इनके रिहायश क्षेत्र में पिछले कुछ वर्ष में बने मतदाता व आधार कार्डों की जांच कराई जाएगी।
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सोमवार शाम तक सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी व एडीएम प्रशासन दोनों एटीएस द्वारा जारी किए गए जांच पत्र के मिलने से इंकार करते रहे। मगर एटीएस के इस पत्र की खबर ने सिस्टम पर तमाम सवाल खड़े किए हैं। एटीएस ने गिरफ्तारी के एक वर्ष बाद एक पत्र जिला प्रशासन को भेजा है, जिसमें कहा है कि अलीगढ़ से पकड़े गए मूल रूप से म्यामार आक्याब मगड़ू के शाहिद से वोटर कार्ड मिला है, एनजेजेड-2627736 नंबर का वोटर कार्ड अलीगढ़ से जारी है। शाहिद अकेला नहीं था, यहां उसका भाई व अन्य परिजन भी रह रहे थे। भाई भी पकड़ा गया था। इस कार्रवाई के दौरान करीब 100 लोग ऐसे थे, जो अचानक गायब हो गए। उससे पहले सीएए-एनआरसी विरोधी उपद्रव में इनकी भूमिका सामने आने पर दस्तावेजों के सत्यापन कराए गए।
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कार्रवाई की जद में आएंगे कर्मचारी
एडीएम प्रशासन डीपी पाल कहते हैं कि किसी को भी किसी स्थान पर 6 माह तक रहने पर अस्थायी दस्तावेज बन जाता है। चूंकि ये रोहिंग्या हैं जो वर्क परमिट पर हैं, उनको तो कोई दस्तावेज मिलना संभव नहीं। उनका रिकार्ड भी ऑनलाइन है। मगर जो चोरी छिपे यहां आकर बसे, उन्हें कैसे दस्तावेज मिले, इसे लेकर बीएलओ व पहचान पत्र जारी करने वाले अन्य सभी कर्मचारी जांच की जद में आएंगे। इनके रिहायश क्षेत्र में पिछले कुछ वर्ष में बने मतदाता व आधार कार्डों की जांच कराई जाएगी।
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