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पर्यावरणविद सुबोध नंदन ने जेल में ही उगा दिया जंगल

Tue, 26 Jan 2021 01:37 AM IST
राजेश सिंह न्यूूज डेस्क, दीपक शर्मा, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, दीपक शर्मा, अलीगढ़। Published by: राजेश सिंह Updated Tue, 26 Jan 2021 01:37 AM IST
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Environmentalist Subodh Nandan grew forest in prison
सुबोध नंदन शर्मा। - फोटो : Rupesh
40 साल पुराने एक मामले में इन दिनों जिला कारागार में बंद पर्यावरणविद सुबोध नंदन शर्मा ने जेल में एक अनुपयोगी सी पड़ी थोड़ी सी जमीन पर पौधारोपण कर छोटा सा एक जंगलनुमा वातावरण तैयार कर दिया है।  यहां पर परिंदों के लिए घोंसले भी लगाए गए हैं। जिसने हाउस स्पैरो सहित अन्य किस्म की चिड़ियों ने बसेरा कर लिया है। पर्यावरणविद के इस प्रयास को जेल प्रशासन के साथ-साथ बंदियों ने भी बहुत सराहा है।
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पर्यावरणविद सुबोध नंदन शर्मा ने पौधों की आपूर्ति करने वाले नर्सरी संचालक भीकम सिंह बिसाना वाले को पिछले दिनों 40 नई किस्म के पेड़ों की आपूर्ति जिला कारागार में करने के लिए कहा है। इससे पहले वह कई खेपों में पेड़ मंगवाकर उनका रोपण जिला कारागार परिसर में कर चुके हैं।
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पर्यावरण के प्रति उनका यह समर्पण देखकर कुछ अन्य बंदियों पर भी इसका सकारात्मक असर पड़ा है। जानकारी मिली है कि खाली समय में वह अन्य बंदियों को पर्यावरण और मनुष्य जाति के लिए इसके महत्व के विषय में बताते रहते हैं। कई बंदियों ने सुबोध नंदन के समक्ष संकल्प लिया है कि वह जेल से रिहा होने के बाद पर्यावरण संरक्षण के अभियान से स्वयं को जोड़ेंगे।
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सुबोध नंदन शर्मा हरदुआगंज तापीय परियोजना कासिमपुर पावर हाउस में हेड अकाउंटेंट के पद पर काम करते थे। 40 वर्ष पहले कैश के मिलान करने में कुछ अनियमितता हुई। इस घटना के 10 साल बाद उन पर मुकदमा भी दर्ज कराया गया। इस मुकदमे में 6 वर्ष पहले स्थानीय अदालत ने उन को बरी कर दिया था, लेकिन दूसरे पक्ष की ओर से इस मामले में अपील दायर कर दी गई, जिसके बाद अदालत ने उन को 10 वर्ष की सजा सुनाई। 



7 फरवरी को होनी है जमानत याचिका पर सुनवाई
सुबोध नंदन शर्मा पिछले वर्ष मार्च महीने में जेल गए थे। तब से लेकर वह अभी तक जेल में ही हैं। महामारी के चलते अदालतों में कामकाज बंद रहने के कारण उनकी जमानत याचिका में भारी विलंब हुआ। अब सुबोध नंदन की जमानत याचिका की सुनवाई उच्च न्यायालय में सात फरवरी को होनी है।
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