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कार्य बहिष्कार के अंतिम दिन कर्मचारियों ने दिखाई ताकत
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Sat, 01 Sep 2018 02:13 AM IST
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कलेक्ट्रेट के बाहर पुतला जलाकर विरोध प्रदर्शन करते पुरानी पेंशन बहाली मंच की पदाधिकारी ।
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पुरानी पेंशन नीति बहाल करने समेत नौ मांगों को लेकर राज्य कर्मचारी, शिक्षक, शिक्षणेतर कर्मचारियों का बुधवार से शुरू हुए तीन दिवसीय कार्य बहिष्कार आंदोलन के अंतिम दिन शिक्षक एवं कर्मचारियों ने अपनी ताकत दिखाई।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद और कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारियों ने पुरानी पेंशन बहाली मंच उत्तर प्रदेश के बैनर तले कलक्ट्रेट पर उन्होंने पूरे दिन धरना प्रदर्शन के पश्चात नई पेंशन व्यवस्था का पुतला फूंकते हुए पुरजोर शब्दों में पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली की मांग की। अंत में एसीएम को प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
कर्मचारी, शिक्षक व अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच के प्रांतीय पर्यवेक्षक डीएस दीक्षित ने कहा कि यदि सरकार पुरानी पेंशन बहाल नहीं करती है तो वर्ष 2019 के चुनावों में उसे सबक सिखाया जाएगा। अध्यक्षता करते हुए सुधीर शर्मा ने कहा कि अब हमारा लक्ष्य आठ अक्तूबर को लखनऊ में विशाल रैली करने का है।
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मंच संयोजक डा.नरेश कुमार ने कहा कि नई अंशदाई पेंशन व्यवस्था बाजार पर आधारित है। जो हमें स्वीकार नहीं है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिला मंत्री कैलाश चंद्र शर्मा ने कहा कि सांसद व विधायक यदि एक दिन की भी शपथ लेते हैं तो उन्हें तीन-तीन पेंशन मिलती है। दूसरी तरफ अपने जीवन के 35-40 वर्ष देने के बाद सरकारी कर्मचारी से उसकी पेंशन छीन ली गई है।
मंच के चेयरमैन इं हरज्ञान सिंह ने कहा कि सरकार हमारे बुढ़ापे की लाठी छीन रही है। इस मौके पर मुकेश सिंह, संरक्षक उदयराज सिंह, राजेंद्र अत्री, चेतनराज सिंह, शिवकुमार सिंह, जयपाल, यशपाल शर्मा, तरुण दीक्षित, राजेश कटारा, चंचल, ओमवीर सिंह, डा.रक्षपाल सिंह, इंजीनियर वीके गुप्ता, राधेश्याम, शकुंतला देवी, हरज्ञान सिंह, सुभाष बाबू, नरेश चंद, शिवकुमार चौहान, चेतन राज, जयपाल सिंह, वीरेंद्र पाल सिंह, राजेद्र, कैलाश चंद मौजूद रहे।
इन विभागों में कामकाज रहा ठप
श्रम विभाग, सेवायोजन कार्यालय, आरटीओ, विकास भवन, पीडब्ल्यूडी, स्वास्थ्य विभाग, पालीटेक्निक, आईटीआई, कृषि, कोषागार, वाणिज्यकर विभाग, बांट माप विभाग, सिंचाई विभाग। इसके अलावा कलक्ट्रेट को छोड़कर सभी सरकारी कार्यालयों में नहीं हुआ काम। अंतिम दिन सरकारी विद्यालयों में भी पढ़ाई नहीं हुई। शिक्षा मित्र ही शिक्षण की औपचारिकता पूरी करते दिखे।
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राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद और कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारियों ने पुरानी पेंशन बहाली मंच उत्तर प्रदेश के बैनर तले कलक्ट्रेट पर उन्होंने पूरे दिन धरना प्रदर्शन के पश्चात नई पेंशन व्यवस्था का पुतला फूंकते हुए पुरजोर शब्दों में पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली की मांग की। अंत में एसीएम को प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
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कर्मचारी, शिक्षक व अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच के प्रांतीय पर्यवेक्षक डीएस दीक्षित ने कहा कि यदि सरकार पुरानी पेंशन बहाल नहीं करती है तो वर्ष 2019 के चुनावों में उसे सबक सिखाया जाएगा। अध्यक्षता करते हुए सुधीर शर्मा ने कहा कि अब हमारा लक्ष्य आठ अक्तूबर को लखनऊ में विशाल रैली करने का है।
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मंच संयोजक डा.नरेश कुमार ने कहा कि नई अंशदाई पेंशन व्यवस्था बाजार पर आधारित है। जो हमें स्वीकार नहीं है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिला मंत्री कैलाश चंद्र शर्मा ने कहा कि सांसद व विधायक यदि एक दिन की भी शपथ लेते हैं तो उन्हें तीन-तीन पेंशन मिलती है। दूसरी तरफ अपने जीवन के 35-40 वर्ष देने के बाद सरकारी कर्मचारी से उसकी पेंशन छीन ली गई है।
मंच के चेयरमैन इं हरज्ञान सिंह ने कहा कि सरकार हमारे बुढ़ापे की लाठी छीन रही है। इस मौके पर मुकेश सिंह, संरक्षक उदयराज सिंह, राजेंद्र अत्री, चेतनराज सिंह, शिवकुमार सिंह, जयपाल, यशपाल शर्मा, तरुण दीक्षित, राजेश कटारा, चंचल, ओमवीर सिंह, डा.रक्षपाल सिंह, इंजीनियर वीके गुप्ता, राधेश्याम, शकुंतला देवी, हरज्ञान सिंह, सुभाष बाबू, नरेश चंद, शिवकुमार चौहान, चेतन राज, जयपाल सिंह, वीरेंद्र पाल सिंह, राजेद्र, कैलाश चंद मौजूद रहे।
इन विभागों में कामकाज रहा ठप
श्रम विभाग, सेवायोजन कार्यालय, आरटीओ, विकास भवन, पीडब्ल्यूडी, स्वास्थ्य विभाग, पालीटेक्निक, आईटीआई, कृषि, कोषागार, वाणिज्यकर विभाग, बांट माप विभाग, सिंचाई विभाग। इसके अलावा कलक्ट्रेट को छोड़कर सभी सरकारी कार्यालयों में नहीं हुआ काम। अंतिम दिन सरकारी विद्यालयों में भी पढ़ाई नहीं हुई। शिक्षा मित्र ही शिक्षण की औपचारिकता पूरी करते दिखे।