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कोरोना के कारण हुई थी लिंक एक्सप्रेस में बुजुर्ग की मौत
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देहरादून से प्रयागराज जाने वाली लिंक एक्सप्रेस में सोमवार रात बुजुर्ग की मौत होने के बाद कोरोना टेस्ट कराया गया, जिसमें उनको कोरोना संक्रमित पाया गया। बुजुर्ग के साथ उनके दो बेटे और बहू भी ट्रेन में सफर कर रहे थे। इन तीनों की भी जांच हुई। ये सभी निगेटिव पाए गए हैं। मंगलवार तड़के परिवार वाले बुजुर्ग का शव फतेहपुर के लिए लेकर चले गए।
60 वर्षीय शिवलाल गांव अजवा, जिला फतेहपुर के रहने वाले थे। वह देहरादून में परिवार के साथ मजदूरी करते थे। तबीयत खराब होने पर सोमवार को उनके दो बेटे और बहू ट्रेन से घर जा रहे थे। रास्ते में शिवलाल की तबियत बिगड़ने पर परिवार ने रेलवे को जानकारी दी। चंदौसी में बुजुर्ग को रेस्क्यू किया गया। इसके बाद भी हालत में सुधार नहीं हुआ और अलीगढ़ जंक्शन पर ट्रेन आने से पहले ही उनकी मौत हो गई।
आरपीएफ एसएसआई रवि सिवाच ने बताया कि शव को जंक्शन पर उतारा गया। देर रात को स्वास्थ्य विभाग को जानकारी देकर जांच टीम बुलाई गई। कोरोना की जांच हुई। उसमें वह संक्रमित पाए गए। कोविड प्रोटोकॉल के तहत शव परिवार वालों को सौंपा गया। परिवार वाले शव को निजी एंबुलेंस से अपने पैतृक जिले के लिए लेकर चले गए।
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60 वर्षीय शिवलाल गांव अजवा, जिला फतेहपुर के रहने वाले थे। वह देहरादून में परिवार के साथ मजदूरी करते थे। तबीयत खराब होने पर सोमवार को उनके दो बेटे और बहू ट्रेन से घर जा रहे थे। रास्ते में शिवलाल की तबियत बिगड़ने पर परिवार ने रेलवे को जानकारी दी। चंदौसी में बुजुर्ग को रेस्क्यू किया गया। इसके बाद भी हालत में सुधार नहीं हुआ और अलीगढ़ जंक्शन पर ट्रेन आने से पहले ही उनकी मौत हो गई।
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आरपीएफ एसएसआई रवि सिवाच ने बताया कि शव को जंक्शन पर उतारा गया। देर रात को स्वास्थ्य विभाग को जानकारी देकर जांच टीम बुलाई गई। कोरोना की जांच हुई। उसमें वह संक्रमित पाए गए। कोविड प्रोटोकॉल के तहत शव परिवार वालों को सौंपा गया। परिवार वाले शव को निजी एंबुलेंस से अपने पैतृक जिले के लिए लेकर चले गए।
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