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अलीगढ़ः 28 घंटे में बिस्किट खाकर तय किया 86 किलोमीटर का सफर
Wed, 25 Mar 2020 04:01 PM IST
दुष्यंत शर्मा
राजा तिवारी, अलीगढ़
राजा तिवारी, अलीगढ़
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 25 Mar 2020 04:01 PM IST
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पलवल से अलीगढ़ हो·र अपने घर बरेली व संभल जाते जाते प्रदीप, संजीव, कासिम, मनोज, सोमवीर व रामसहाय।
- फोटो : rupesh sharma
पलवल की एक कंपनी में कार्यरत बरेली और संभल के छह मजदूर 28 घंटे में मंगलवार शाम सात बजे के लगभग 86 किलोमीटर का सफर तय कर अलीगढ़ पहुंचे। यहां से सभी छह मजदूर अपने घर के लिए पैदल ही रवाना हुए। अमर उजाला ने जब इनसे बातचीत की तो बताया कि रुपये पास में नहीं है।
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इसलिए बिस्किट खाकर विभिन्न साधनों से सहायता लेकर और पैदल अलीगढ़ तक पहुंचे हैं। सभी छह मजदूर सोमवार दोपहर तीन बजे पलवल से चले थे। उन्होंने कहा कि यहां से आगे का सफर भी ऐसे ही तय करेंगे।
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शहर के रामघाट रोड स्थित मीनाक्षी पुल पर पहुंचे छह लोगों पर जब अमर उजाला रिपोर्टर की नजर पड़ी तो पूछ लिया कि कहां जा रहे हो। फिर क्या सभी छह मजदूरों ने अपना दुखड़ा रोया। प्रदीप, संजीव व कासिम सिरौली बरेली के रहने वाले हैं। जबकि मनोज चंदौसी हनुमानगढ़ी के रहने वाले हैं।
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सोमवीर और उसके पिता रामसहाय ने बताया कि वह पाठकपुर जिला संभल के रहने वाले हैं। सभी पलवल की एक मोटरसाइकिल के पार्ट्स बनाने वाली कंपनी में काम करते हैं। रविवार जनता कर्फ्यू के चलते सभी से कंपनी आने के लिए मना कर दिया गया। 20 तारीख को मिलने वाली तनख्वाह भी नहीं मिली। क्योंकि ठेकेदार अपनी मां के गुजरने के चलते घर चला गया था।
रविवार को जनता कर्फ्यू और सोमवार को लॉकडाउन हुआ तो ऐसे में सोमवार दोपहर सभी ने प्लान बनाया कि अपने घर जाना ही उचित रहेगा। सभी ने एक दूसरे के पास रखे रुपये सुरक्षित किए और सोमवार दोपहर तीन बजे अलीगढ़ की तरफ चल दिए।
कहीं-कहीं घंटो पैदल चलते रहे तो कहीं आलू लदे ट्रैक्टरों पर बैठकर सफर तय किया। चूंकि कई टैंपों वाले मनमुताबिक रुपये मांग रहे थे। इसलिए अधिकतर पैदल ही चले। थकने पर किसी दुकान के छज्जे के नीचे तो किसी पेड़ के सहारे समय बिताया।
आराम करने के बाद फिर चल दिए। मंगलवार शाम छह बजे के लगभग जब मीनाक्षी पुल पर पहुंचे तो उन्होंने बताया कि अब एक घंटे आराम करेंगे और फिर पैदल ही अपने घर को रवाना होंगे। इन लोगों ने कहा कि शासन प्रशासन को घर भेजने के लिए कोई न कोई इंतजाम जरूर करने चाहिए। आखिर हम भी इस देश के नागरिक हैं।