{"_id":"6614377b57389d8fc705643b","slug":"eid-moon-can-be-seen-on-9th-april-2024-04-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Aligarh: ईद के चांद का 9 अप्रैल को हो सकता है दीदार, खरीदारी जोरों पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Aligarh: ईद के चांद का 9 अप्रैल को हो सकता है दीदार, खरीदारी जोरों पर
Tue, 09 Apr 2024 05:00 AM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Tue, 09 Apr 2024 05:00 AM IST
सार
8 अप्रैल को 29वां रोजा है। चांद दिखने की सूरत में तरावीह की नमाज मुकम्मल हो जाएगी। अगर चांद नहीं दिखा तो 10 अप्रैल को 30वां रोजा होगा। 11 अप्रैल को ईद होगी।
विज्ञापन
चांद
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
9 अप्रैल को ईद के चांद का दीदार हो सकता है। अगर चांद दिख गया तो 10 अप्रैल को ईद होगी और ईदगाहों सहित मस्जिदों में नमाज पढ़ी जाएगी।
विज्ञापन
8 अप्रैल को 29वां रोजा है। चांद दिखने की सूरत में तरावीह की नमाज मुकम्मल हो जाएगी। अगर चांद नहीं दिखा तो 10 अप्रैल को 30वां रोजा होगा। 11 अप्रैल को ईद होगी। 8 अप्रैल देर रात तक ऊपरकोट का बाजार गुलजार रहा। बाजार को व्यापारियों ने सजाया है। रंग-बिरंगी लाइटों से बाजार की रौनक बढ़ गई है। सोमवार को ग्राहकों ने कुर्ते-पायजामे, इत्र और टोपियों की भी खरीदारी की। दिन में महिलाओं ने सेवईं, मेवे, कपड़े खरीदे। रात तक पुरुष कुर्ते-पायजामे, इत्र और टोपियों खरीदते हुए नजर आए।
विज्ञापन
सड़क पर नमाज न पढ़ने की अपील
शहर मुफ्ती मोहम्मद खालिद हमीद ने फिर ईद की नमाज सड़क पर न पढ़ने की अपील की है। ईद की नमाज नई ईदगाह और पुरानी ईदगाह शाहजमाल में होगी। उन्होंने कहा कि नई ईदगाह शाहजमाल में सुबह 6:45 बजे और पुरानी ईदगाह शाहजमाल में सुबह 7:30 बजे से होगी। शहर मुफ्ती के लेटर पैड के हवाले से उनके दामाद मोहम्मद खुसरो ने बताया कि जिला प्रशासन के अधिकारियों और ईदगाह कमेटी के पदाधिकारियों के बीच बातचीत हुई।
विज्ञापन
प्रशासन ने अपील की कि सड़क पर नमाज न कराई जाए। अगर नमाज होती है तो नमाजियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा। खुसरो ने कहा कि प्रशासन ने उनसे वादा किया है कि किसी भी धर्म का कोई भी त्योहार सड़क पर नहीं मनाया जाएगा। अगर फिर भी किसी भी धर्म का त्योहार सड़क पर मनाया जाता है तो आने वाले समय में नमाज उसी तरह होगी, जैसे होती आई है।