Aligarh News: होटल में लगी आग से मैनेजर की मौत में सुलह के चलते रहे प्रयास, ये बातें भी आईं सामने
लॉ इंपीरियो होटल का संचालन एक दिन पहले ही मिल्कबार ग्रुप के हाथों में पहुंचा है। इसके लिए छोटी पूजा की गई और छह दिसंबर को विधिवत पूजन की तैयारी के बाद होटल शुरू करने की तैयारी थी। इसी बीच अचानक हुई इस घटना ने सवाल खड़े कर दिए हैं।
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अलीगढ़ के लॉ इंपीरियो होटल में आग लगने से मैनेजर की मौत हुई थी। मैनेजर की पत्नी ने होटल में ले जाकर हत्या करने का आरोप लगाया है। मृतक पक्ष व आरोपी पक्ष की ओर दिन भर सुलह के प्रयास चले। होटल संचालन और मैनेजर की मौत को लेकर कई बातें सामने आ रही हैं।
सिर में चोट भी लगी थी
शरीर का काफी हिस्सा भी जला है। सिर में चोट भी लगी है। आशंका जताई जा रही है कि जिस समय आग लगी है, उस समय मैनेजर धर्मेश सो रहे होंगे। बाद में जागकर आग बुझाने की कोशिश में दम घुटा और कहीं गिरने से चोट लगी।
एक दिन पहले ही मिल्कबार ग्रुप के हाथों में पहुंचा था होटल का संचालन
लॉ इंपीरियो होटल का संचालन एक दिन पहले ही मिल्कबार ग्रुप के हाथों में पहुंचा है। इसके लिए छोटी पूजा की गई और छह दिसंबर को विधिवत पूजन की तैयारी के बाद होटल शुरू करने की तैयारी थी। इसी बीच अचानक हुई इस घटना ने सवाल खड़े कर दिए हैं।
पूर्व में होटल स्वामी मनोज गोयल इसे संचालित कर रहे थे। इसकी किराया डीड एक दिन पहले ही मिल्क बार रेस्टोरेंट समूह को हुई है। हालांकि अभी होटल का पूरी तरह से संचालन मिल्कबार ग्रुप को ट्रांसफर भी नहीं हुआ है। इसी बीच इस घटना ने तमाम सवाल खड़े कर दिए हैं। होटल के प्रबंधक धर्मेश पिछले दो दशक से इसी व्यापार में थे। यहां से पहले वे लंबे समय तक मेजबान होटल में अपनी सेवाएं दे चुके थे। इसके बाद मिल्कबार में काम करते थे। हाल ही में लॉ इम्पीरियों में प्रबंधक की जिम्मेदारी संभाली थी। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि ऊपर कोई कमरा बुक नहीं था। तभी पहले माले पर काउंटर से आग की सूचना मिली। इस पर वे दौड़ कर पहुंचे तो रूम में आग बुझाने के प्रयास में चपेट में आ गए। फ्लोर पर लकड़ी व प्लास्टिक का पूरी इंटीरियर जलकर खा हो गया।
होटल के नक्शे और निर्माण के संबंध में की गई शिकायतों पर नहीं हुई कार्रवाई
इस होटल के नक्शे को लेकर शुरुआत से सवाल खड़े हो रहे हैं और एडीए सहित प्रदेश स्तर होटल के नक्शे को लेकर तमाम शिकायतें एडीए सचिव से लेकर प्रदेश स्तर तक लंबित हैं। जिन पर आज तक एडीए स्तर से कोई कदम नहीं उठाया गया। शिकायतकर्ता विनोद कुमार दुआ के अनुसार होटल स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप नहीं है। इसमें कोई खुला स्थान नहीं छोड़ा गया। सैट बैक भी नहीं छोड़ा गया। बेसमेंट सौ फीसदी प्रयोग व्यावसायिक किया जा रहा है। रेन वाटर हार्वेसिस्ट नहीं है। इन शिकायतों पर आज तक कोई ध्यान किसी स्तर से नहीं किया गया। ब्यूरो
पत्नी व परिवार ने लगाया हत्या का आरोप
इस मामले में धर्मेश की पत्नी रेखा अग्रवाल ने साफ कहा है कि उनके पति की होटल में ले जाकर हत्या की गई है। धर्मेश अपने पीछे दो बेटे छोड़ गए हैं। भतीजे संजय अग्रवाल ने के अनुसार मौके पर उस समय कोई व्यक्ति नहीं था। मगर शराब की खाली बोतले भीं मिली हैं। रात में पार्टी के समय ये घटना हुई है।
दिन भर चले समझौते के प्रयास
इस मामले में मृतक पक्ष व आरोपी पक्ष की ओर दिन भर सुलह के प्रयास चले। इस प्रयास के चलते पहले परिजन शव ले जाने को तैयार नहीं हुए। बाद में शव किसी तरह ले जाया गया। मगर परिवार ने देर रात तहरीर दी। तब जाकर मुकदमा दर्ज किया गया।