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ई-स्टांप अनिवार्य होने से वेंडरों के सामने आर्थिक संकट 

Sun, 11 Oct 2020 11:26 PM IST
राजेश सिंह न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़। Published by: राजेश सिंह Updated Sun, 11 Oct 2020 11:26 PM IST
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Economic crisis in front of vendors due to e-stamp becoming mandatory
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जिलेभर में स्टांप का टोटा पड़ गया है। ई स्टांपिंग अनिवार्य किये जाने के बाद नासिक प्रेस में स्टांप की छपाई बंद हो गई है। इसके चलते सर्वाधिक बिकने वाले 10, 20, 50 और 100 के स्टांप खत्म होने की कगार पर हैं। इससे जहां एक ओर रजिस्ट्री समेत अन्य कामों के लिए स्टांप लेने के इच्छुक लोग भटकने पर मजबूर हैं, वहीं, सैकड़ों की संख्या में स्टांप वेंडर व उनके परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। 
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  गौरतलब हो कि जिले में हर रोज करीब 3 करोड़ का स्टांप बिक्री होती है। इसमें सर्वाधिक स्टांप वसीयत, शपथपत्र आदि में इस्तेमाल होता है। फिजिकल स्टांप की बिक्री पर रोक से जिले के 250 से 300 स्टांप विक्रेता बेरोजगार हो गए हैं। विशेष रूप से छोटे स्तर पर इस कारोबार से जुड़े वेंडरों पर ज्यादा असर पड़ा है।
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स्टांप विक्रेता एसोसिएशन के महासचिव केके सिंह ने बताया कि ई स्टांप व्यवस्था में एक लाख रुपये के स्टांप बेचने पर 115 रुपये कमीशन है, जो बहुत कम है। स्टांप विक्रेता जितेंद्र ने बताया कि पहले 10 रुपये का स्टांप बेचने पर 10 पैसे कमीशन मिलता था। नई व्यवस्था में कमीशन तो कम हुआ ही है। ई-स्टांप के लिए कंप्यूटर, प्रिंटर, स्टेशनरी व बिजली के खर्च का बोझ बढ़ गया है।
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जिले में 14 लोगों ने लिए लाइसेंस
एआईजी स्टांप ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि जिले में 14 वेंडरों ने ई स्टांप के लाइसेंस लिए हैं। नई व्यवस्था में कम से कम दसवीं पास और कंप्यूटर ज्ञान रखने वाला व्यक्ति लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकता है।


यह है प्रक्रिया
- इच्छुक व्यक्ति ई स्टांप वेंडर बनने के लिए एडीएम वित्त व राजस्व के कार्यालय से निर्धारित फॉमेट पर ऑनलाइन फार्म भरकर जमा करेगा। यह फॉर्म कार्यदायी संस्था स्टॉक होल्डिंग कारपोरेशन के पास जाएंगे। वहां से स्वीकृति के बाद फॉर्म फाइनल स्वीकृति को आईजी स्टांप के पास जाएगा। यहां से स्वीकृति मिलने के बाद लाइसेंस बन जाएगा।
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