{"_id":"6849e43971c85fcf0a09c19b","slug":"divisional-commissioner-dm-and-cdo-removed-water-hyacinth-carried-garbage-on-their-heads-aligarh-news-c-114-1-sali1013-102020-2025-06-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Aligarh News: मंडलायुक्त, डीएम और सीडीओ ने हटाई जलकुंभी, सिर पर ढोया कूड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Aligarh News: मंडलायुक्त, डीएम और सीडीओ ने हटाई जलकुंभी, सिर पर ढोया कूड़ा
विज्ञापन
शेखाझील की सफाई के दौरान जलकुंभी भरा टब लेकर जाते डीएम संजीव रंजन। संवाद
- फोटो : samvad
शेखाझील पक्षी विहार में फैली जलकुंभी और गंदगी को साफ करने के लिए अब आला अधिकारियों ने सार्थक पहल की है। बुधवार को मंडलायुक्त संगीता सिंह, जिलाधिकारी संजीव रंजन, सीडीओ प्रखर कुमार सिंह और डीएफओ नवीन कुमार शाक्य ने झील पर पहुंच कर वहां जलकुंभी और गंदगी साफ की। मंडलायुक्त और डीएम ने सिर पर कूड़ा भी ढोया। सोशल मीडिया पर इसके फोटो और वीडियो वायरल हो रहे हैं।
अधिकारियों ने फावड़ा चलाकर जलकुंभी को झील से निकाल कर एक प्लास्टिक टब में भरा और अलग बनाए गए गड्ढे में फेंका। मातहतों को भी निर्देश दिए कि वे भी इसी तरह से झील की सफाई में श्रमदान करें। झील को अलीगढ़ मंडल का सबसे बेहतरीन पर्यटन स्थल बनाने में अपना योगदान दें। इसके बाद कूड़ा झील से बाहर ले जाया गया।
बीडीओ धनीपुर ने श्रमदान करते हुए अन्य कर्मियों के साथ कूड़ा हटवाया। इस मौके पर धनीपुर ब्लॉक की लगभग 15 ग्राम पंचायतों के प्रधान, सचिव, ग्राम सेवक, मनरेगा मजदूर, महिला मेट, बीसी सखी और समूह सखियों को भी झील की साफ-सफाई के लिए बुलाया गया था। पर्यावरण विद सुबोध नंदन शर्मा ने इन सभी को झील और पक्षियों का महत्व बताया। डीएफओ ने भूजल स्तर को बढ़ाने के लिए जलाशयों की उपयोगिता बताई। कार्यक्रम का संचालन नमामि गंगे समिति के ज्ञानेंद्र शर्मा ने किया। धनीपुर ब्लॉक प्रमुख पूजा दिवाकर भी मौजूद रहीं।
विज्ञापन
-- --
झील की होगी सफाई
अलीगढ़ रेंज के क्षेत्रीय वन अधिकारी गौरव कुमार सिंह ने बताया कि सीएसआर फंड से धनराशि जुटा कर झील को बेहतर बनाया जाएगा। इसके तहत फिलहाल जलकुंभी और गंदगी साफ कराई जा रही है। उचित धनराशि एकत्र होती है तो झील की गहरी खुदाई कराई जाएगी। इसका उथलापन दूर किया जाएगा।
-- --
मजदूर हाजिरी लगाकर चलते बने
लगभग 15 गांव के मनरेगा मजदूर और महिला मेट मंडलायुक्त के आने से पहले झील में बनाए गए पंडाल में पहुंच गए थे। इनकी भीड़ देख कर लगा कि झील का चौथाई हिस्सा साफ हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जैसे ही मंडलायुक्त व अन्य प्रशासनिक अधिकारी वहां से निकले, तो मजदूर भी हाजिरी लगाकर नाश्ता लेकर चलते बने। बीडीओ धनीपुर वन अधिकारियों से कहते सुने गए कि धूप बहुत है, किसी दिन सुबह या शाम को मजदूर सफाई करने आ जाएंगे।
-- -- -- --
विज्ञापन
अधिकारियों ने फावड़ा चलाकर जलकुंभी को झील से निकाल कर एक प्लास्टिक टब में भरा और अलग बनाए गए गड्ढे में फेंका। मातहतों को भी निर्देश दिए कि वे भी इसी तरह से झील की सफाई में श्रमदान करें। झील को अलीगढ़ मंडल का सबसे बेहतरीन पर्यटन स्थल बनाने में अपना योगदान दें। इसके बाद कूड़ा झील से बाहर ले जाया गया।
विज्ञापन
बीडीओ धनीपुर ने श्रमदान करते हुए अन्य कर्मियों के साथ कूड़ा हटवाया। इस मौके पर धनीपुर ब्लॉक की लगभग 15 ग्राम पंचायतों के प्रधान, सचिव, ग्राम सेवक, मनरेगा मजदूर, महिला मेट, बीसी सखी और समूह सखियों को भी झील की साफ-सफाई के लिए बुलाया गया था। पर्यावरण विद सुबोध नंदन शर्मा ने इन सभी को झील और पक्षियों का महत्व बताया। डीएफओ ने भूजल स्तर को बढ़ाने के लिए जलाशयों की उपयोगिता बताई। कार्यक्रम का संचालन नमामि गंगे समिति के ज्ञानेंद्र शर्मा ने किया। धनीपुर ब्लॉक प्रमुख पूजा दिवाकर भी मौजूद रहीं।
विज्ञापन
झील की होगी सफाई
अलीगढ़ रेंज के क्षेत्रीय वन अधिकारी गौरव कुमार सिंह ने बताया कि सीएसआर फंड से धनराशि जुटा कर झील को बेहतर बनाया जाएगा। इसके तहत फिलहाल जलकुंभी और गंदगी साफ कराई जा रही है। उचित धनराशि एकत्र होती है तो झील की गहरी खुदाई कराई जाएगी। इसका उथलापन दूर किया जाएगा।
मजदूर हाजिरी लगाकर चलते बने
लगभग 15 गांव के मनरेगा मजदूर और महिला मेट मंडलायुक्त के आने से पहले झील में बनाए गए पंडाल में पहुंच गए थे। इनकी भीड़ देख कर लगा कि झील का चौथाई हिस्सा साफ हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जैसे ही मंडलायुक्त व अन्य प्रशासनिक अधिकारी वहां से निकले, तो मजदूर भी हाजिरी लगाकर नाश्ता लेकर चलते बने। बीडीओ धनीपुर वन अधिकारियों से कहते सुने गए कि धूप बहुत है, किसी दिन सुबह या शाम को मजदूर सफाई करने आ जाएंगे।