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अलीगढ़ः गांव गाजीपुर में कीचड़, गंदगी और संक्रामक बीमारियों का हो रहा 'विकास'

Fri, 21 Jan 2022 12:51 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 21 Jan 2022 12:51 AM IST
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Development of mud, dirt and infectious diseases in village Ghazipur
गांव गाजीपुर का बदहाल मुख्य मार्ग। - फोटो : CHHARRA
सरकारें भले लाख विकास का दावा करलें। लेकिन जिले में सैकड़ों ऐसे गांव हैं जहां लोग गड्ढा युक्त सड़कें, गंदगी, कीचड़ और जलभराव से मुक्ति पाना चाहते हैं। ऐसा ही एक गांव है बरला का गाजीपुर। कई सालों से यहां के लोग विकास की राह देख रहे हैं। लेकिन विकास हो रहा है, इस गांव की जर्जर सड़कों में, कीचड़ में और संक्रामक बीमारियों में। समस्याओं के समाधान के लिए जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों के दरवाजे तक लोग पहुंचे। लेकिन मिला केवल आश्वासन।
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अतरौली विधानसभा क्षेत्र में शामिल गाजीपुर की जनसंख्या छह हजार है। जिनमें 4800 मतदाता हैं। चुनाव के समय राजनीतिक दलों की इस गांव पर विशेष नजर रहती है। ग्रामीणों ने बताया कि विधानसभा चुनाव नजदीक है। प्रत्याशियों का आना जाना शुरू हो गया है। गांव में विकास कराने के वादे किए जा रहे हैं। लेकिन चुनाव बाद सब भूल जाते हैं। गांव निवासी संजय सोलंकी ने बताया कि श्मशान घाट बदहाल है। पुश चिकित्सालय नहीं है। बैंक व एटीएम की सुविधा नहीं है। नीरज वर्मा ने बताया कि ग्रामीण कई बार जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारियों से भी मिल चुके है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों को इलाज कराने के लिए अतरौली जाना पड़ता है। इस मौके पर प्रधान पति नत्थू सिंह, मुकेश कुमार, राहुल सोलंकी, दीपक कुमार, राजकुमार मौजूद रहे।
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राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय बना तबेला:
गांव में करीब चालीस वर्ष पुराना राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय है। जिसकी इमारत पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। यहां कोई चिकित्सक भी नहीं आता है। इसमें केवल पशु बांधे जा रहे हैं। चिकित्सालय केवल तबेला बनकर रह गया है।
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सफाई की पर्याप्त व्यवस्था नहीं :
मुख्य मार्ग कीचड़ से अटा पड़ा है। जलभराव के कारण यहां से निकलना दूभर होता है। लोग आए दिन इस मार्ग पर हादसों का शिकार होते हैं। लोगों कहना है कि सफाई की व्यवस्था हो जाए तो संक्रामक बीमारियों का डर खत्म हो जाएगा। गांव में जगह जगह गंदगी के ढेर लगे हैं।
मुख्य मार्ग को कीचड़ मुक्त करने के लिए स्टीमेट बन चुका है। जल्द ही नाला बनवाकर राहगीरों को निजात दिलाई जाएगी।
नत्थू सिंह। प्रधान पति
गांव के मुख्य मार्ग पर काफी समय से कीचड़ व जलभराव है। अभी तक नाले का निर्माण नहीं हुआ है। राहगीरों को परेशानी होती है।
संजय सोलंकी।
गांव का अस्पताल खंडहर हो चुका है। यदि इसका सुधार हो जाए तो ग्रामीणों को इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पडेगा।
संजय सोलंकी।
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